चित्रकूट के जंगलों में पुलिस-डकैतों में मुठभेड़, एक दरोगा शहीद

लखनऊ। यूपी के चित्रकूट में डकैत बबुली कोल के साथ मुठभेड़ के दौरान एक दरोगा शहीद हो गया। मानिकपुर के जंगलों में गुरुवार तड़के पांच लाख के इनामिया डकैत बबुली कोल गिरोह से पुलिस की मुठभेड़ हो गयी। मुठभेड़ में रैपुरा थाने के दरोगा जेपी सिंह शहीद हो गए, वहीं बहिलपुरवा थानाध्यक्ष गोली लगने से घायल हो गए। एक घायल डकैत समेत तीन डकैतों को पुलिस ने पकड़ लिया है।

डकैतों से पुलिस की मुठभेड़ जनपद के मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत निही चिरैया गांव के जंगल में हुई। सुबह जंगल में गैंग होने की सूचना पर एसपी प्रताप गोपेन्द्र, एएसपी बलवन्त चौधरी के नेतृत्व में मानिकपुर मारकुंडी मऊ बहिलपुरवा सहित अन्य थानों की फोर्स ने जंगल की घेरेबंदी शुरू ही की थी कि गैंग की तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। अचानक फायरिंग से सकते में आई पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्यवाही शुरू की।

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पुलिस जब तक संभलती दरोगा जेपी सिंह के पेट और पैर में दो गोलियां लग गईं। जंगल से बाहर लाने के दौरान दरोगा जेपी सिंह की मौत हो गयी। इसके बाद पुलिस की दोनों टीमों ने डकैतों को घेर कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। शहीद दरोगा जेपी सिंह मूल रूप से जौनपुर के नेवरिया थाना क्षेत्र के बनोवरा गांव के रहने वाले हैं। मुठभेड़ के बीच में बहिलपुरवा थाने के एसओ वीरेन्द्र त्रिपाठी को एक गोली लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटनास्थल पर एडीजी इलाहाबाद जोन एसएन साबत, डीआईजी चित्रकूटधाम रेंज ज्ञानेश्वर तिवारी मण्डलायुक्त चित्रकूटधाम अजय कुमार शुक्ला व चित्रकूट डीएम शिवाकांत द्विवेदी रवाना हो गए। उधर जंगल में पुलिस की कई टीमें सर्चिंग ऑपरेशन में जुटी हैं। सीमा से लगे मध्य प्रदेश के सतना जनपद से भी पुलिस फोर्स सीमाई इलाकों को घेरने के लिए बीहड़ में उतर चुकी है।

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डकैत बबुली कोल का इतिहास-

डकैत बबुली कोल पर यूपी से 5 लाख और मध्यप्रदेश में 2 लाख का इनाम है। दोनों प्रदेशों की पुलिस ने मिलकर कई बार उसके खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया है, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। जंगल की अच्छी जानकारी और आसपास के गावों में शरण मिलने के कारण वह हर बार बचकर निकलता रहा है। बबुली कोल पर हत्या, अपहरण, फिरौती डकैती जैसे डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। बबुली के आतंक से उत्तर प्रदेश समेत मध्यप्रदेश के कई गांव खौफ में हैं।

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पाठा क्षेत्र में बबुली कोल का आतंक का अंदाजा इसी से लगाया जाता है कि यहां 104 गांवों से लेकर चित्रकूट, बांदा, मानिकपुर, ललितपुर, सताना जिले में लोग इसे कुख्यात डकैत ददुआ से तुलना करते हैं।

सीएम योगी ने किया ट्वीट-


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्वीट में शहीद जेपी सिंह की वीरता को नमन किया और श्रद्धां​जलि अर्पित की है।