NRHM Scam: मुरादाबाद के कारोबारी सौरभ जैन और पत्नी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट दाखिल

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NRHM Scam: मुरादाबाद के कारोबारी सौरभ जैन और पत्नी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट दाखिल
लखनऊ । बसपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में हुए एनआरएचएम घोटाले (NRHM Scam) में करोड़ों के बारे न्यारे करने वाले मुरादाबाद के दवा कारोबारी सौरभ जैन और उनकी पत्नी रजनी जैन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने दो अलग—अलग मामलों चार्जशीट दाखिल की है। सौरभ जैन एनआरएचएम घोटाले के मुख्य सूत्रधार और तत्कालीन मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी माने जाते रहे और उन्होंने अपने और अपने परिजनों के नाम पर अलग अलग कागजी फर्में बनाकर एनआरएचएम के टेंडरों…

लखनऊ । बसपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में हुए एनआरएचएम घोटाले (NRHM Scam) में करोड़ों के बारे न्यारे करने वाले मुरादाबाद के दवा कारोबारी सौरभ जैन और उनकी पत्नी रजनी जैन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने दो अलग—अलग मामलों चार्जशीट दाखिल की है। सौरभ जैन एनआरएचएम घोटाले के मुख्य सूत्रधार और तत्कालीन मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी माने जाते रहे और उन्होंने अपने और अपने परिजनों के नाम पर अलग अलग कागजी फर्में बनाकर एनआरएचएम के टेंडरों में बड़े स्तर पर लूट मचाई थी। इस घोटाले के आरोपों में जैन को सीबीआई गिरफ्तार भी कर चुकी है, फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं। ईडी ने मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत दो चार्जशीटें उनके खिलाफ दाखिल की हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक संयुक्त निदेशक प्रवर्तन निदेशालय राजेश्वर सिंह के निर्देशन में ईडी लखनऊ की टीम ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत जिला जज की अदालत में दो मामलों में चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईडी ने एनआरएचएम के इन दो मामलों में केस दर्ज किया था। पहले मुकदमे में यूपीएसआईसी के तत्कालीन एमडी अभय कुमार वाजपेई, तत्कालीन स्वास्थ्य महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एसपी राम, यूपीएसआईसी कानपुर के एरिया मैनेजर संजीव कुमार तिवारी, मुरादाबाद की कंपनी गुरुकृपा इंटरप्राइजेज के मालिक सौरभ जैन, सिद्धी ट्रेडर्स की मालकिन रजनी जैन के खिलाफ पहला आरोप पत्र दाखिल किया गया है। वहीं दूसरा आरोप पत्र एनआरएचएम की योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए विज्ञापन सामग्री के रूप में की गई फ्लैक्स, पोस्टर और बैनरों की खरीद के टेंडर में दाखिल किया गया है।

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नसबंदी किट, एमवीए सिरिंज, आईयूडी किट, सॉल्ट टेस्टिंग किट समेत अन्य मेडिकल उपकरणों की सप्लाई के टेंडर गुरुकृपा इंटरप्राइजेज के मालिक सौरभ जैन, सिद्धी ट्रेडर्स की मालकिन रजनी जैन को दिए गए। जिसके लिए उद्योग निदेशालय के तय किए गए मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं और चार से पांच गुना ज्यादा रेट पर टेंडर उठाए। अधिकारियों ने सरकारी कर्मचारियों और मुरादाबाद की निजी सप्लाई कंपनी कपिल मेडिकल एजेंसी व गुरुकृपा इंटरप्राइजेज की मिलीभगत से 5.93 करोड़ रुपये के ठेकों में जमकर मनमानी की। इसके चलते केंद्र और राज्य सरकार को करीब 2.50 करोड़ रुपये की क्षति हुई।

दूसरे मामले में यूपीएसआईसी के तत्कालीन एमडी अभय कुमार वाजपेई, तत्कालीन स्वास्थ्य महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एसपी राम, यूपीएसआईसी कानपुर के एरिया मैनेजर संजीव कुमार तिवारी, मुरादाबाद की कंपनी गुरुकृपा इंटरप्राइजेज के मालिक सौरभ जैन, सिद्धि ट्रेडर्स की मालकिन रजनी जैन के अलावा कपिल मेडिकल एजेंसी के मालिक विवेक जैन के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

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इन सभी अभियुक्तों पर आरोप है कि इन लोगों ने विज्ञापन और प्रचार प्रसार के 13 करोड़ 69 लाख 67 हजार 250 रुपये के ठेके में जमकर मनमानी की। आउटडोर मीडिया पब्लिसिटी, होर्डिंग्स, फ्लेक्स, बैनर की सप्लाई के नाम पर बाजार दर से चार-पांच गुना ज्यादा दरें वसूल कर, सरकारी खजाने को चार करोड़ रुपये की चपत लगाई।

आपको बता दें कि ईडी एनआरएचएम घोटाले से जुड़े 14 मामलों की जांच कर रही है। आने वाले समय में इन लोंगों के खिलाफ ईडी कुछ और चार्जशीटें दाखिल कर सकती है।

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होटल मिड टाउन प्राइम

घोटाले की रकम से करोड़ों की संपत्तियों का मालिक बना सौरभ जैन —

मुरादाबाद में सौरभ जैन को दवा व्यवसायी से रूप में शायद ही कोई पहचानता हो। सौरभ के पिता दवा के छोटे मोटे कारोबारी रहे हैं, लेकिन वर्तमान में सौरभ जैन को होटल कारोबारी के रूप में देखा जाता है। मुरादाबाद शहर की दो मंहगे इलाकों में सौरभ जैन ने मिड टाउन नाम से होटल और बार खोल रखे हैं। जिनमें से एक होटल का नाम मिड टाउन प्राइम है, जिसके ग्राउंड फ्लोर पर कई नामी कंपनियों के शोरूम है, जबकि ऊपरी तलों पर होटल और रेस्टोरेंट चलता है।

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वहीं दूसरे प्रतिष्ठान का नाम मिड टाउन होटल और बैंक्वेट है। जिसमें रेड चिली के नाम से एक रेस्टोरेंट और बार भी है। यह संपत्ति मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के स्वामित्व वाला सामुदायिक केन्द्र यानी कन्वेशन ​सेंटर है। जिसे प्राधिकरण ने उसे लीज पर दिया हुआ है। जिस पर सौरभ जैन अपनी निजी संपत्ति के रूप में व्यवसायिक गतिविधियां चला रहे हैं।

Midtown Hotel Banquet, मिड टाउन होटल और बैंक्वेट
मिड टाउन होटल और बैंक्वेट, जिसमें रेड चिली के नाम से एक रेस्टोरेंट और बार भी है। यह संपत्ति मुरादाबाद आवास विकास परिषद् के स्वामित्व वाला सामुदायिक केन्द्र यानी कन्वेशन ​सेंटर है।

आम तौर पर सामुदायिक केन्द्र सस्ती दर पर स्थानीय निवासियों के पारिवारिक आयोजनों के लिए उपलब्ध करवाए जाते हैं। आम तौर पर सामुदायिक केन्द्रों की बुकिंग के​ लिए लोगों को 15 से 20 हजार रुपए की रसीद कटवानी होती है। यही सामुदायिक केन्द्र सौरभ जैन को लीज पर मिलने के बाद बुकिंग के लिए लोगों को लाखों रुपए चुकाने होते हैं, जबकि उसके साथ में मिलने वाले कमरों के लिए होटल की दर से कमरों का किराया चुकाना पड़ता है।

जानकारों की माने तो मुरादाबाद विकास प्राधिकरण जब भी किसी आवासीय परियोजना को शुरू करता है तो अपने ग्राहकों से आवासों और आवासीय भू खंडों के लिए डेवलेपमेंट चार्ज जोड़कर कीमत बसूल करता है। इस डेवलपमेंट चार्ज में सामुदायिक केन्द्रों के लिए भी प्रावधान होता है। ऐसे में सामुदायिक केन्द्र को सौरभ जैन को लीज पर दिया जाना कई सवाल खड़े करता है, जिनके जवाब आने वाले समय में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उन जिम्मेदार अधिकारियों को देने पड़ेंगे, जिन्होंने सत्ता की गोद में बैठे सौरभ जैन को उपकृत करने के लिए करोड़ों की संपत्ति बन चुके इस सामुदायिक केन्द्र को होटल में तब्दील करवा दिया।

 

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