जर्मनी में शुरू हुआ पहला इलेक्ट्रिक हाईवे, डीजल इंजन के साथ बैटरी से होंगे लैस

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जर्मनी में शुरू हुआ पहला इलेक्ट्रिक हाईवे, डीजल इंजन के साथ बैटरी से होंगे लैस

नई दिल्ली। जर्मन पर्यावरण मंत्रालय ने पहला इलेक्ट्रिक हाईवे शुरु कर दिया है। राजमार्ग की दोनों दिशाओं पर टेस्ट स्ट्रेच के दाहिने लेन के साथ 5 किमी ओवरहेड पावर लाइनें स्थापित की गयी हैं। वहीं, मंत्रालय ने बताया कि हाईवे टेस्ट स्ट्रेच पर चलने वाले ट्रक इलेक्ट्रिक और डीजल इंजन के साथ-साथ बैटरी से भी लैस होंगे। इन बैटरी लैस को ओवरहेड लाइनों के माध्यम से रिचार्ज किया जाएगा।

Equipped With The First Electric Highway Diesel Engine As Well As Batteries Starting In Germany :

मंत्रालय की संसदीय राज्य सचिव रीता सटर के अनुसार, जर्मन राजमार्ग पर परीक्षण खिंचाव एलिसा परियोजना का हिस्सा है। इस सड़क परिवहन प्राधिकरण को हेसेन मोबिल द्वारा समन्वित और संचालित किया जा रहा है। एलिसा का मानना है कि यदि हम 2030 तक अपने जलवायु संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसका वास्तव में मतलब है कि हमें इस क्षेत्र में प्रगति करनी है।

मंत्रालय ने आगे कहा, “हमारे पास ट्रैफिक ग्रोथ है, हमारी अर्थव्यवस्था ट्रांसपोर्ट से रहती है और इसीलिए इनोवेटिव सॉल्यूशंस को आगे बढ़ाना जरूरी है। 2022 तक, पांच ट्रकिंग कंपनियां हेसे में फील्ड टेस्ट में भाग लेने की योजना बना रही हैं, यह देखने के लिए कि क्या ओवरहेड लाइन तकनीक उपयुक्त है और क्या इसका उपयोग जर्मन सड़कों पर किया जा सकता है ।

नई दिल्ली। जर्मन पर्यावरण मंत्रालय ने पहला इलेक्ट्रिक हाईवे शुरु कर दिया है। राजमार्ग की दोनों दिशाओं पर टेस्ट स्ट्रेच के दाहिने लेन के साथ 5 किमी ओवरहेड पावर लाइनें स्थापित की गयी हैं। वहीं, मंत्रालय ने बताया कि हाईवे टेस्ट स्ट्रेच पर चलने वाले ट्रक इलेक्ट्रिक और डीजल इंजन के साथ-साथ बैटरी से भी लैस होंगे। इन बैटरी लैस को ओवरहेड लाइनों के माध्यम से रिचार्ज किया जाएगा। मंत्रालय की संसदीय राज्य सचिव रीता सटर के अनुसार, जर्मन राजमार्ग पर परीक्षण खिंचाव एलिसा परियोजना का हिस्सा है। इस सड़क परिवहन प्राधिकरण को हेसेन मोबिल द्वारा समन्वित और संचालित किया जा रहा है। एलिसा का मानना है कि यदि हम 2030 तक अपने जलवायु संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसका वास्तव में मतलब है कि हमें इस क्षेत्र में प्रगति करनी है। मंत्रालय ने आगे कहा, "हमारे पास ट्रैफिक ग्रोथ है, हमारी अर्थव्यवस्था ट्रांसपोर्ट से रहती है और इसीलिए इनोवेटिव सॉल्यूशंस को आगे बढ़ाना जरूरी है। 2022 तक, पांच ट्रकिंग कंपनियां हेसे में फील्ड टेस्ट में भाग लेने की योजना बना रही हैं, यह देखने के लिए कि क्या ओवरहेड लाइन तकनीक उपयुक्त है और क्या इसका उपयोग जर्मन सड़कों पर किया जा सकता है ।