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EU सांसद का दावा: बिना सुरक्षा के कश्मीरियों से बात करने की मांग की, तो भारत ने वापस लिया न्योता

By रवि तिवारी 
Updated Date

Eu Lawmaker Chris Davies Alleges Barred From Jammu And Kashmir Visit

नई दिल्ली। ब्रिटेन के एक वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को दावा किया कि अभी कश्मीर के दौरे पर गये यूरोपीय संघ (ईयू) के एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने के लिये उन्हें दिये गये न्यौते को भारत सरकार ने बहुत संक्षिप्त स्पष्टीकरण के साथ वापस ले लिया है। क्योकि हमने पुलिस सुरक्षा के बिना कश्मीर के स्थानीय लोगों से बात करने की मांग की थी।

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यूरोपीय संघ के 23 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल दो दिन की यात्रा पर मंगलवार को श्रीनगर पहुंचा है। वहां सरकारी अधिकारी उन्हें कश्मीर की जमीनी हकीकत के बारे में जानकारी दे रहे हैं। वहां उनकी स्थानीय लोगों से भी मुलाकात होगी।

यूरोपीय संसद के लिबरल डेमोक्रेट सदस्य क्रिस डेविस ने कहा कि भारत सरकार के फैसले से यह प्रदर्शित होता है कि वह ‘अपनी कार्रवाई की वास्तविकता’ छिपाने की कोशिश कर रही है और प्रेस की पूर्ण स्वतंत्रता को बाधित कर रही है। डेविस की 27 से 30 अक्टूबर के बीच के दौरे के लिये न्योता को कथित तौर पर वापस ले लिया गया।

डेविस ने कहा, ‘मैं मोदी सरकार के लिये प्रचार हथकंडे का हिस्सा बनने के लिये तथा सब कुछ ठीक-ठाक है, यह बताने के लिये तैयार नहीं हूं। यह बहुत स्पष्ट है कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कश्मीर में तार-तार किया जा रहा है और विश्व को इसका संज्ञान लेना शुरू कर देना चाहिए।’

गौरतलब है कि सोमवार को यूरोपीय संसद के सदस्यों ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिस दौरान उन्होंने आशा जताई कि जम्मू कश्मीर सहित देश के विभिन्न हिस्सों की उनकी यात्रा सार्थक होगी। जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को भारत सरकार द्वारा समाप्त किये जाने के दो महीने बाद डेविस को भारतीय अधिकारियों ने जम्मू कश्मीर का दौरा करने का कथित न्यौता दिया था।

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हालांकि, डेविस का दावा है कि बहुत संक्षिप्त स्पष्टीकरण के साथ न्यौता वापस ले लिया गया क्योंकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि उन्हें स्थानीय लोगों से बात करने की छूट मिले। उनके साथ पुलिस या सुरक्षा बल नहीं हो और बगैर पूछताछ किये पत्रकारों को बुलाया जाए।

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