यूरोपीय यूनियन ने पाक को लताड़ा, कहा- चांद से नहीं आते हैं आतंकवादी

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यूरोपीय यूनियन ने पाक को लताड़ा, कहा- चांद से नहीं आते हैं आतंकवादी

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से बौखलाए पाकिस्तान को अब संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से भी बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान को यूरोप के 28 देशों के संगठन यूरोपीय संघ ने जमकर फटकार लगाई है। यूरोपीय संघ की संसद के कई सदस्यों ने कश्मीर पर भारत के पक्ष का समर्थन किया और पाकिस्तान को आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने के लिए कठघरे में खड़ा किया। यूरोपियन कंजरवेटिव्‍स एंड रिफॉर्मिस्‍ट समूह के रिस्‍जार्द कजार्नेकी ने कहा कि भारत में हमला करने वाले आतंकी चांद से नहीं उतरते हैं।  

European Lawmakers Slam Pak Terrorists Didnt Land From The Moon :

पाक में ही मौजूद हैं आतंकी

17 सितंबर को ईयू में दूसरी बार कश्‍मीर घाटी पर बहस हुई। पोलैंड के यूरोपियन एंड रिफॉर्मिस्‍ट ग्रुप के राइस्‍जार्ड जारनेकी ने कहा, ‘भारत दुनिया का महानतम लोकतंत्र है। हमें इस देखना होगा कि कैसे भारत के जम्‍मू कश्‍मीर में आतंकी हमले हुए हैं। ये आतंकी कोई चांद से नहीं आए हैं। यह पड़ोस से आ रहे थे। हमें भारत का समर्थन करना चाहिए।’ वहीं, इटली के यूरोपियन पीपुल्‍स पार्टी (क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स) ग्रुप के यूलिवियो ने कहा, ‘पाकिस्‍तान ने परमाणु हथियार के प्रयोग की धमकी दी है। पाकिस्‍तान वह जगह है जहां पर ऐसे आतंकी मौजूद हैं जिन्‍होंने यूरोप में आतंकी हमलों की साजिश को अंजाम दिया है।’

यूएन ने भी मामले को द्विपक्षीय तरीके से सुलझाने को कहा

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को चिट्ठी लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। हालांकि, यूएन महासचिव गुटेरेस ने शिमला समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी तीसरा पक्ष मध्यस्थता नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर को लेकर कोई भी फैसला शांतिपूर्ण तरीकों से ही किया जाना है।  

आपको बता दें कि इसी साल पांच अगस्त को मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने का एलान किया था। जिसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इमरान खान ने भारत से राजनयिक संबंध कम करने तक की बात कही। उन्होंने कश्मीर पर भारत के फैसले के बाद दिए गए इंटरव्यू और भाषणों में परमाणु युद्ध तक की बात ही। साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीर की स्थिति को देखे। तमाम अपील के बावजूद पाकिस्तान को हर तरफ मुंह की खानी पड़ी। 

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से बौखलाए पाकिस्तान को अब संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से भी बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान को यूरोप के 28 देशों के संगठन यूरोपीय संघ ने जमकर फटकार लगाई है। यूरोपीय संघ की संसद के कई सदस्यों ने कश्मीर पर भारत के पक्ष का समर्थन किया और पाकिस्तान को आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने के लिए कठघरे में खड़ा किया। यूरोपियन कंजरवेटिव्‍स एंड रिफॉर्मिस्‍ट समूह के रिस्‍जार्द कजार्नेकी ने कहा कि भारत में हमला करने वाले आतंकी चांद से नहीं उतरते हैं।   पाक में ही मौजूद हैं आतंकी 17 सितंबर को ईयू में दूसरी बार कश्‍मीर घाटी पर बहस हुई। पोलैंड के यूरोपियन एंड रिफॉर्मिस्‍ट ग्रुप के राइस्‍जार्ड जारनेकी ने कहा, 'भारत दुनिया का महानतम लोकतंत्र है। हमें इस देखना होगा कि कैसे भारत के जम्‍मू कश्‍मीर में आतंकी हमले हुए हैं। ये आतंकी कोई चांद से नहीं आए हैं। यह पड़ोस से आ रहे थे। हमें भारत का समर्थन करना चाहिए।' वहीं, इटली के यूरोपियन पीपुल्‍स पार्टी (क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स) ग्रुप के यूलिवियो ने कहा, 'पाकिस्‍तान ने परमाणु हथियार के प्रयोग की धमकी दी है। पाकिस्‍तान वह जगह है जहां पर ऐसे आतंकी मौजूद हैं जिन्‍होंने यूरोप में आतंकी हमलों की साजिश को अंजाम दिया है।' यूएन ने भी मामले को द्विपक्षीय तरीके से सुलझाने को कहा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को चिट्ठी लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। हालांकि, यूएन महासचिव गुटेरेस ने शिमला समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी तीसरा पक्ष मध्यस्थता नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर को लेकर कोई भी फैसला शांतिपूर्ण तरीकों से ही किया जाना है।   आपको बता दें कि इसी साल पांच अगस्त को मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने का एलान किया था। जिसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इमरान खान ने भारत से राजनयिक संबंध कम करने तक की बात कही। उन्होंने कश्मीर पर भारत के फैसले के बाद दिए गए इंटरव्यू और भाषणों में परमाणु युद्ध तक की बात ही। साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीर की स्थिति को देखे। तमाम अपील के बावजूद पाकिस्तान को हर तरफ मुंह की खानी पड़ी।