दुनिया की अजीबो गरीब अंतिम संस्कार की प्रथाएं, जिनके बारे जानकर आप रह जाओगे हैरान!

मृत्यु के बाद हर धर्म में मनुष्य के अंतिम संस्कार की अलग-अलग प्रथाएं हैं. कुछ शरीर को दफ़नाते हैं तो कुछ जलाते हैं, लेकिन हमें कुछ ऐसी प्रथाओं के बारे में पता चला है जो बहुत ही अजीब हैं. इनमें से कुछ पहले होती थीं और कुछ अब भी होती हैं. जानने के लिए आगे पढ़ो.

1. फामाडिहाना

ये अंतिम संस्कार की प्रथा मैडागास्कर के मलागासी लोगों में होती है. इसमें समय-समय पर मृत इंसान के करीबी, उसके शव को कब्र में से निकाल देते हैं और उसे साफ़ कपड़े चढ़ा कर उसके आस-पास डांस करते हैं. मलागासी लोग ऐसे ही अपने पूर्वजों को याद करते हैं. शव को गांव के चक्कर लगवा कर वापस दफ़ना दिया जाता है.

2. पेड़ से बांध कर

एक प्राचीन प्रथा के अनुसार, कुछ लोग अपने मृत रिश्तेदारों के शवों को उनके गांव के किसी पेड़ से लटका देते थे. कहते हैं कि ये प्रथा, नास्तिक लोग मानते थे जो किसी धर्म के अनुसार नहीं चलते थे.

3. लटकते हुए ताबूत

प्राचीन चाइना के राजवंश मानते थे कि मृत लोगों के ताबूतों को पहाड़ की चोटी पर रखना चाहिए. उनको विश्वास था कि निर्जीव इंसान को आकाश के करीब रखने से उसे स्वर्ग नसीब होता है. पुरातत्व विभाग के लोगों को इन पहाड़ियों से कई ताबूत भी मिले हैं जो सदियों पुराने हैं. इसका तात्पर्य ये भी था कि पूर्वजों की आत्माएं मस्ती से पहाड़ों पर घूमती रहें!

4. Mass Scavenging

नार्थ अमेरिका के कुछ आदिवासी मृतकों को शहर या गांव के एक गड्ढे में डाल देते थे और उन पर जंगली जानवर छोड़ देते थे, जिससे वो उनके शरीर को खा सकें. उनका मानना था कि इंसान इस दुनिया में सिर्फ़ एक ही रूप में आता है और उसकी मृत्यु के बाद उसका कोई वजूद नहीं रहना चाहिए.

5. गिद्धों को खिलाना

पारसी समुदाय की अंतिम संस्कार की प्रथा आज भी चलती आ रही है. इस प्रथा के अनुसार, मृत्यु के बाद शरीर को नेहला-धुला कर पारसियों के धार्मिक स्थान, “Tower of Silence” में गिद्धों के लिए छोड़ देते हैं. इस प्रथा का का महत्व ये है कि मरने के बाद इंसान को उसके मानवीय शरीर को त्याग देना चाहिए.

6. गला घोंटना

आश्चर्य की बात है कि सति जैसी प्रथा, फिजी के कुछ इलाकों में आज भी चल रही है. इस प्रथा में मृत इंसान के किसी करीबी की गला घोंट कर मृत्यु कर दी जाती है. मान्यता है कि मृतक को दूसरी दुनिया में अकेला नहीं जाना चाहिए और उसके साथ उसके किसी करीबी को भी भेजना चाहिए जिससे मृत्यु का दुःख कम हो जाए. मेरे हिसाब से अगर ये प्रथा अभी भी चल रही है तो इसे तुरंत बंद करना चाहिए.

7. नरभक्षिता

पापुआ न्यू गिनी और ब्राज़ील के कुछ इलाकों में इस बहुत ही हैरतअंगेज़ अंतिम संस्कार की प्रथा का पालन होता था. इसमें मृतक के करीबी, उसकी मृत्यु के बाद उसके शरीर को खा लेते थे. ये प्रथा अब ख़त्म हो गयी है लेकिन मान्यता है कि ऐसा इसलिए किया जाता था क्योंकि इन इलाकों में खाने की कमी थी, जिसके कारण इस प्रथा का जन्म हुआ.

8. स्काई बरियल

अंतिम संस्कार की ये प्रथा आज भी चलती आ रही है जिसका पालन तिब्बत, किंघई और इनर मंगोलिया के इलाकों में होता है. इस प्रथा के अनुसार, इंसान की मृत्यु के बाद उसके शरीर को छोटे टुकड़ों में काट कर पहाड़ की चोटी पर रख दिया जाता है. तिब्बत और इनर मंगोलिया में वज्रयान बौद्ध धर्म को मानते हैं, जिसकी मान्यता है कि मरने के बाद इंसान के शरीर का कोई काम नहीं होता और उसे प्रकृति के हवाले छोड़ देना चाहिए. इन शरीरों को जंगली जानवर और चिड़ियाएं खा जाती हैं.

किसी ने आज तक नहीं देखा कि इंसान मृत्यु के बाद कहां जाता है, लेकिन हर धर्म, समुदाय, देश, अपनी धारणाओं और परंपराओं के हिसाब से अंतिम संस्कार करता है. ये अंतिम संस्कार की प्रथाएं हैं तो अजीब लेकिन इनके पीछे कोई न कोई विचारधारा ज़रूर है. और अच्छा है इनमें से कुछ प्रथाएं अब नहीं होतीं. इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और परिवारवालों के साथ ज़रूर शेयर करें.