हर हिंदू को अपनी आस्था व्यक्त करने का पूरा अधिकार : CM योगी

हर हिंदू को अपनी आस्था व्यक्त करने का पूरा अधिकार : CM योगी
हर हिंदू को अपनी आस्था व्यक्त करने का पूरा अधिकार : CM योगी

लखनऊ। रंगों का त्योहार होली मनाने मथुरा के बरसाना पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि हर व्यक्ति को अपनी आस्था प्रकट करने का अधिकार है और इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले दीपावली मनाने के लिए योगी अयोध्या गए थे।

Every Hindu Has The Right To Express His Belief Cm Yogi :

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह के दर्शन के बाद उन्होंने वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एक सवाल के जवाब में योगी ने कहा, “मैं हिंदू हूं। हर एक को अपनी आस्था प्रकट करने और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है। वह अधिकार मुझे भी है।”

योगी ने कहा कि पिछले 11 महीने में न किसी को ईद मनाने से रोका गया और न ही क्रिसमस मनाने से। सभी अपने तरीके से अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार सभी को है।

योगी ने कहा कि दीपोत्सव अयोध्या में, होली बरसाना में, देव दीपावली काशी में, रामायण मेला चित्रकूट में और कुंभ प्रयागराज में ही होगा। हमें अपनी परंपरा और अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति है। इसके संरक्षण और संवर्धन का दायित्व हम सभी के ऊपर है।

लखनऊ। रंगों का त्योहार होली मनाने मथुरा के बरसाना पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि हर व्यक्ति को अपनी आस्था प्रकट करने का अधिकार है और इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले दीपावली मनाने के लिए योगी अयोध्या गए थे।श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह के दर्शन के बाद उन्होंने वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एक सवाल के जवाब में योगी ने कहा, "मैं हिंदू हूं। हर एक को अपनी आस्था प्रकट करने और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है। वह अधिकार मुझे भी है।"योगी ने कहा कि पिछले 11 महीने में न किसी को ईद मनाने से रोका गया और न ही क्रिसमस मनाने से। सभी अपने तरीके से अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार सभी को है।योगी ने कहा कि दीपोत्सव अयोध्या में, होली बरसाना में, देव दीपावली काशी में, रामायण मेला चित्रकूट में और कुंभ प्रयागराज में ही होगा। हमें अपनी परंपरा और अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति है। इसके संरक्षण और संवर्धन का दायित्व हम सभी के ऊपर है।