ईवीएम की तरफदारी न करे चुनाव आयोग : कांग्रेस

Evm Ki Tarafdari Na Kare Chunav Ayog Congress

नई दिल्ली। कांग्रेस ने ईवीएम का विरोध करते हुए कहा है कि चुनाव आयोग इसकी तरफदारी करने की बजाय मतपत्रों के जरिए चुनाव कराने के बारे में गंभीरता से सोचे। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने तो ये भी कहा है कि अगर चुनाव मतपत्रों के जरिए होते हैं तो चुनाव आयोग को क्या परेशानी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम सुविधाएं देना है, वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का नियंत्रक नहीं हो सकता। कांग्रेस नेता ने कहा कि आयोग को इस पर गौर करना चाहिए कि विभिन्न दल ईवीएम की विश्वसनीयता पर शक क्यों जता रहे हैं।




उन्होंने इस क्रम में आयोग की ओर से आम आदमी पार्टी को दी गई नसीहत को भी परोक्ष रूप से उचित नहीं बताया। मध्यप्रदेश की ईवीएम में बार-बार भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल को वोट जाने का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग जाकर शिकायत की थी।

कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार आरटीआई कानून को खत्म करने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने कहा कि इसका सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करके संसद के भीतर और बाहर लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध किया जाएगा।कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने यहां पार्टी मुख्यालय में नियमित प्रेस ब्री¨फग में आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस कानून को लगातार कमजोर कर रही है। सरकार आरटीआई का जवाब सही तरीके से नहीं देती और इसके तहत पूरी सूचना भी नहीं दी जाती है।

अपील की प्रक्रिया में विभिन्न तरह की अड़चनें पैदा की जाती है और इन तरीकों को औपचारिक रूप देने के लिए नियमावली में बदलाव कर रही है। उसने कानून की नियमावली में बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई नियमावली का प्रारूप कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की वेबसाइट पर डाला गया है और आम जनता से सुझाव मांगें गए हैं।




तिवारी ने कहा कि नइ नियमावली के प्रारूप में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई आरटीआई आवेदन 500 शब्दों से अधिक का है तो उसे संबंधित अधिकारी खारिज कर सकेगा। इसके अलावा सूचना प्राप्त करने का व्यय आवेदनकर्ता को वहन करना होगा। जानकारी लेने के लिए प्रति पेज की कीमत भी 100 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। इसके अलावा अपील प्रक्रिया को भी पहले से बहुत कठिन बना दिया गया है।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने ईवीएम का विरोध करते हुए कहा है कि चुनाव आयोग इसकी तरफदारी करने की बजाय मतपत्रों के जरिए चुनाव कराने के बारे में गंभीरता से सोचे। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने तो ये भी कहा है कि अगर चुनाव मतपत्रों के जरिए होते हैं तो चुनाव आयोग को क्या परेशानी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम सुविधाएं देना है, वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का नियंत्रक नहीं हो सकता। कांग्रेस नेता ने कहा कि आयोग को…