EVM से छेड़छाड़ के खुलासे की सच्चाई, कैसे बदल जाएंगे चुनावी नतीजे

नई दिल्ली। बीते दिनों चुनावी नतीजे के बाद तमाम राजनीतिक पार्टियों ने अपनी अपनी हार का ठीकरा ईवीएम के ऊपर फोड़ा। राजनीतिक पार्टियों का आरोप था कि चुनाव में प्रयोग किए जाने वाले ईवीएम में जरूर कुछ गड़बड़ी है जिसकी जांच होनी चाहिए। लेकिन इस दौरान ऐसे आरोपों को संजीदगी से नहीं लिया जा रहा था। लेकिन अब जब मंगलवार को आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली विधानसभा के भीतर छेड़छाड़ का डेमो देकर इसे सदन की कार्रवाई में शामिल करवा दिया। इससे यह मुद्दा अब संवेदनशील हो गया है।



दरअसल पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहे सौरभ भारद्वाज ने कदम-दर-कदम बताया कि कैसे ईवीएम से छेड़छाड़ मुमकिन है। उन्होंने एक ईवीएम जैसी मशीन में आम आदमी पार्टी को 10 बीएसपी को 2, कांग्रेस को 2, बीजेपी को 3 और समाजवादी पार्टी को 2 वोट दिये। इसके बाद उन्होंने बताया कि कैसे सीक्रेट कोड की मदद से इन नतीजों को बदला जा सकता है। उनके मुताबिक ईवीएम में हर पार्टी का एक सीक्रेट कोड होता है। कोई आम वोटर भी वोटिंग के जरिये अपनी पसंद की पार्टी का सीक्रेट कोड डाल दे तो उसके बाद डाले जाने वाले सभी वोट उसी पार्टी को जाएंगे। भारद्वाज ने बीजेपी का कोड डालकर बताया कि किस तरह बीजेपी को 11 जबकि बाकी सभी पार्टियों को 2-2 वोट हासिल हुए।



सौरभ भारद्वाज ने माना कि जिस ईवीएम का इस्तेमाल उन्होंने किया वो महज एक प्रोटो-टाइप है लेकिन चुनाव आयोग की ईवीएम का मदरबोर्ड महज 90 सेकेंड में बदलकर ऐसे ही सीक्रेट कोड डालने की देरी होती है और किसी भी ईवीएम को फिक्स किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि अगर गुजरात चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम उन्हें 3 घंटे के लिए दे दी जाएं तो वो बीजेपी को एक भी बूथ नहीं जीतने देंगे।