गाजीपुर में अपनी सियासी जमीन तलाशने पहुंचे क्रांतिकारी पूर्व सांसद सरयू पांडेय के बेटे

पूर्व सांसद सरयू पांडेय के बेटे
गाजीपुर में अपनी राजनीतिक जमीन तलाश करने पहुंचे क्रांतिकारी पूर्व सांसद सरयू पांडेय के बेटे

Ex Mp From Ghazipur Late Saryu Pandeys Son Planning To Contest Election

गाजीपुर ।उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से चार बार सांसद रहे स्वर्गीय सरयू पांडेय की कहानियां आज भी प्रासंगिक हैं। एक महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी और हृदय की गहराइयों से सच्चे और ईमानदार कम्युनिस्ट नेता सरयू पांडेय के छोटे पुत्र डॉ. भानु प्रकाश पांडेय ने शुक्रवार को विशेश्वरगंज स्थित आवास पर प्रेसवार्ता कर जिले की राजनीति में उतरने की योजना सार्वजनिक की। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश सामाजिक विषमताओं, बेरोजगारी ,भ्रष्टाचार और अन्य संप्रदायिक समस्याओं से जूझ रहा है। जिसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने राजनीति में उतरने का फैसला किया है।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए पांडेय ने कहा कि वह गाजीपुर में रहकर अपने स्वर्गीय पिता सरयू पांडेय के पदचिन्हों पर चलते हुए, उनके अधूरे सपनों को पूरा करेंगे। एक राजनेता के रूप में वह कृतसंकल्पित होकर बिना भेदभाव के जनकल्याण को अपना जीवन समर्पित करने का फैसला कर चुके हैं।

अपने पिता के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पिता एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने सन 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कासिमाबाद थाने पर कब्ज़ा करके तिरंगा फहराकर अंग्रेजी हुकूमत को हिला कर रख दिया था। जिसके लिए उनको गोली मार देने का आदेश दिया गया, लेकिन जब वह पकड़े गए तो उन पर मुकदमा चला। उन्होंने अपना मुकदमा भी खुद लड़ा और कहा मुझसे बात करनी हो तो अपने विंस्टन चर्चिल को बुलाओ ।

उन्होने कहा​ कि बाबूजी जिले के पहले स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने अपने ऊपर लगे सारे आरोप स्वीकार किए थे, जिस वजह से अंग्रेजी हुकूमत उनकी सजा को बढ़ाती गई। अंत में उन्हें उम्रकैद सश्रम और 80 कोड़ों की सजा सुनाई गई थी। आजादी के बाद जेल से रिहा होने पर उन्होंने पाया कि यह आजादी झूठी है, देश की जनता भूखी है। उन्होंने समाज में व्याप्त अमान्य घटनाओं को देख कर इसके खिलाफ जबरदस्त संघर्ष छोड़ दिया। कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल होकर गरीब किसानों और मजदूरों को उनका हक दिलाते हुए 4 बार संसद में गाजीपुर का प्रतिनिधित्व किया। उन्होने अपना पूरा जीवन आम जनता की भलाई और अपने पार्टी को समर्पित किया। बाबू जी ने हम लोगों के लिए सिर्फ अपनी ईमानदारी और जन सेवा की अप्रतिम विरासत छोड़ी है।

गाजीपुर में अपनी राजनीतिक विरासत को टटोलते नजर आए डॉ. भानु प्रकाश पांडेय ने अपनी प्रेसवार्ता के दौरान केवल अपने पिता के इतिहास और उनके द्वारा गाजीपुर की जनता के लिए किए गए त्याग का जिक्र किया। फिलहाल उन्होंने अपनी रणनीति को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है। इस बीच ऐसे कयास जरूर लगाए जाने लगे हैं कि स्वर्गीय सरयू पांडेय के बेटे अपनी राजनीतिक पारी कांग्रेस के साथ शुरू करेंगे।

गाजीपुर से राकेश पांडेय की रिपोर्ट

गाजीपुर ।उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से चार बार सांसद रहे स्वर्गीय सरयू पांडेय की कहानियां आज भी प्रासंगिक हैं। एक महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी और हृदय की गहराइयों से सच्चे और ईमानदार कम्युनिस्ट नेता सरयू पांडेय के छोटे पुत्र डॉ. भानु प्रकाश पांडेय ने शुक्रवार को विशेश्वरगंज स्थित आवास पर प्रेसवार्ता कर जिले की राजनीति में उतरने की योजना सार्वजनिक की। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश सामाजिक विषमताओं, बेरोजगारी ,भ्रष्टाचार और अन्य संप्रदायिक समस्याओं से जूझ रहा है।…