रिटायर्ड SDO के घर EOW की छापेमारी, म‍िली इतनी संपत्त‍ि क‍ि अधिकारी रह गए हैरान

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रिटायर्ड SDO के घर EOW की छापेमारी, म‍िली इतनी संपत्त‍ि क‍ि अधिकारी रह गए हैरान

भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी व‍िभाग में कोई हैंडपंप और ट्यूबवेल खोदते-खोदते भी कोई अरबपत‍ि हो सकता है। र‍िटायर्ड लोक यांत्र‍िकी व‍िभाग (PHE) के अफसर के यहां ईओडब्ल्यू की रेड पड़ी तो वह 400 करोड़ की संपत्त‍ि का माल‍िक न‍िकला। उसका घर देख आर्थिक अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू)की टीम हैरत में पड़ गई। वह किसी महल से कम नहीं था।

Ex Phe Officer Digged Handpump Turned Out To Be The Owner Of Property Worth 400 Crore Jabalpur Dhankuber :

ईओडब्ल्यू ने सुरेश उपाध्याय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की पहली शिकायत वर्ष 2010 में दर्ज की थी। उस समय राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई थी। दूसरी बार 2014 और तीसरी बार 2015 में शिकायत रजिस्टर्ड हुई तब भी राजनीतिक रसूख के कारण किसी अधिकारी ने उपाध्याय के खिलाफ छापेमारी की हिम्मत नहीं जुटाई। कुल मिलाकर ईओडब्ल्यू को उपाध्याय तक पहुंचने में साढ़े आठ वर्ष लग गए।

बताया जा रहा है कि पीएचई का रिटायर्ड SDO सुरेश उपाध्याय के पास 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है। सुरेश उपाध्याय को वेतन को वेतन के हिसाब केवल 53 लाख 26 हजार 438 रुपए की आय हुई है। इसके बावजूद उनके पास आलीशान बंगला, करोड़ों की जमीन और लग्जरी कारों का काफिला है। जबलपुर में EOW के 65 लोगों की टीम ने चार ठिकानों पर छापेमारी की।

बताया जा रहा है कि इनके पास 200 एकड़ जमीन, 150 भूखंड, कई कंपनियों में करोड़ो का निवेश है। EOW को छापे के दौरान मिले दस्तावेज से 400 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का पता चला है।

मंगलवार को EOW की 65 लोगों की टीम ने मंगलवार को जबलपुर में उपाध्याय के 4 ठिकानों पर छापे मारे थे। छापे में 200 एकड़ जमीन, 150 भूखंड(प्लाट), दो किलो सोना, 5 किलो चांदी, ढाई लाख रुपए नकदी और कई कंपनियों में निवेश का पता चला है।

सुरेश उपाध्याय की पत्नी अनुराधा 10 साल पहले BJP की पार्षद चुनी गई थी। इनका बेटा सचिन बिल्डर है। EOW ने सुरेश उपाध्याय, पत्नी अनुराधा उपाध्याय, पुत्र सचिन उपाध्याय पर धारा 120 बी, 13-1 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध कारित किया जाने पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी व‍िभाग में कोई हैंडपंप और ट्यूबवेल खोदते-खोदते भी कोई अरबपत‍ि हो सकता है। र‍िटायर्ड लोक यांत्र‍िकी व‍िभाग (PHE) के अफसर के यहां ईओडब्ल्यू की रेड पड़ी तो वह 400 करोड़ की संपत्त‍ि का माल‍िक न‍िकला। उसका घर देख आर्थिक अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू)की टीम हैरत में पड़ गई। वह किसी महल से कम नहीं था। ईओडब्ल्यू ने सुरेश उपाध्याय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की पहली शिकायत वर्ष 2010 में दर्ज की थी। उस समय राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई थी। दूसरी बार 2014 और तीसरी बार 2015 में शिकायत रजिस्टर्ड हुई तब भी राजनीतिक रसूख के कारण किसी अधिकारी ने उपाध्याय के खिलाफ छापेमारी की हिम्मत नहीं जुटाई। कुल मिलाकर ईओडब्ल्यू को उपाध्याय तक पहुंचने में साढ़े आठ वर्ष लग गए। बताया जा रहा है कि पीएचई का रिटायर्ड SDO सुरेश उपाध्याय के पास 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है। सुरेश उपाध्याय को वेतन को वेतन के हिसाब केवल 53 लाख 26 हजार 438 रुपए की आय हुई है। इसके बावजूद उनके पास आलीशान बंगला, करोड़ों की जमीन और लग्जरी कारों का काफिला है। जबलपुर में EOW के 65 लोगों की टीम ने चार ठिकानों पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि इनके पास 200 एकड़ जमीन, 150 भूखंड, कई कंपनियों में करोड़ो का निवेश है। EOW को छापे के दौरान मिले दस्तावेज से 400 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का पता चला है। मंगलवार को EOW की 65 लोगों की टीम ने मंगलवार को जबलपुर में उपाध्याय के 4 ठिकानों पर छापे मारे थे। छापे में 200 एकड़ जमीन, 150 भूखंड(प्लाट), दो किलो सोना, 5 किलो चांदी, ढाई लाख रुपए नकदी और कई कंपनियों में निवेश का पता चला है। सुरेश उपाध्याय की पत्नी अनुराधा 10 साल पहले BJP की पार्षद चुनी गई थी। इनका बेटा सचिन बिल्डर है। EOW ने सुरेश उपाध्याय, पत्नी अनुराधा उपाध्याय, पुत्र सचिन उपाध्याय पर धारा 120 बी, 13-1 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध कारित किया जाने पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।