चड्ढ़ा ग्रुप की कंपनी पर आबकारी मंत्री ने ठोंका 54 करोड़ का जुर्माना

Jay-Pratap-Singh
चड्ढ़ा ग्रुप की कंपनी पर आबकारी मंत्री ने ठोंका 54 करोड़ का जुर्माना

लखनऊ। साल 2007 से उत्तर प्रदेश के शराब कारोबार पर एकक्षत्र राज कर रहे चड्ढ़ा ग्रुप पर प्रदेश की नई सरकार ने ​फंदा कसना शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति तैयार करने के साथ ही पोंटी चड्ढ़ा द्वारा खड़े किए गए साम्राज्य बुरे दिन आने के संकेत दे डाले थे, लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि यूपी के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने आबकारी कर की किश्त न भरने को लेकर चड्ढ़ा ग्रुप पर 53.91 करोड़ का जुर्माना ठोका है। चड्ढ़ा ग्रुप को यह रकम तीन दिनों के भीतर आबकारी कर की किश्त के साथ जमा करवानी होगी।

Excise Minister Up Government Imposed Mulct For Rupees 54 Crore :

मिली जानकारी के मुताबिक यह जुर्माना चड्ढ़ा ग्रुप की कंपनी एक्यूरेट फूड एंड बेवरेज पर लगा है। यह कंपनी मेरठ जोन में शराब की थोक सप्लाई और टैक्स कलेक्शन का काम करती है। जोन की 453 दुकानों के टैक्स की किश्त समय से जमा न कराने को लेकर कंपनी पर 53.91 करोड़ का जुर्माना लगा है।

आपको बता दें कि 2007 में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती के शासनकाल में शराब कारोबारी पोंटी चड्ढ़ा ने उत्तर प्रदेश में अपने कारोबार को नए स्तर तक पहुंचाने का काम किया था। उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने उस समय ऐसी अबकारी नीति बनाई, जिससे पोंटी चड्ढ़ा देश का सबसे बड़ा शराब कारोबारी बन गया। उत्तर प्रदेश में बिकने वाली शराब की सप्लाई से लेकर अबकारी विभाग की ओर से बसूल किए जाने वाले अलग अलग करों की बसूली का ठेका चड्ढ़ा ग्रुप की तमाम कंपनियों को मिल गए। पोंटी चड्ढ़ा का कारोबार जिस समय चरम पर था उसी समय पारिवारिक रंजिश के चलते उसकी हत्या हो गई और इस कारोबार को उसके बेटे ने अपने हाथों में ले लिया। कहा जाता है कि पोंटी के बेटे ने अखिलेश सरकार का विश्वास जीतकर उत्तर प्रदेश में अपने कारोबारी फायदे वाली आबकारी नीति को नहीं बदलने दिया। लेकिन अब उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह से बदल चुकी है।

लखनऊ। साल 2007 से उत्तर प्रदेश के शराब कारोबार पर एकक्षत्र राज कर रहे चड्ढ़ा ग्रुप पर प्रदेश की नई सरकार ने ​फंदा कसना शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति तैयार करने के साथ ही पोंटी चड्ढ़ा द्वारा खड़े किए गए साम्राज्य बुरे दिन आने के संकेत दे डाले थे, लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि यूपी के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने आबकारी कर की किश्त न भरने को लेकर चड्ढ़ा ग्रुप पर 53.91 करोड़ का जुर्माना ठोका है। चड्ढ़ा ग्रुप को यह रकम तीन दिनों के भीतर आबकारी कर की किश्त के साथ जमा करवानी होगी।मिली जानकारी के मुताबिक यह जुर्माना चड्ढ़ा ग्रुप की कंपनी एक्यूरेट फूड एंड बेवरेज पर लगा है। यह कंपनी मेरठ जोन में शराब की थोक सप्लाई और टैक्स कलेक्शन का काम करती है। जोन की 453 दुकानों के टैक्स की किश्त समय से जमा न कराने को लेकर कंपनी पर 53.91 करोड़ का जुर्माना लगा है।आपको बता दें कि 2007 में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती के शासनकाल में शराब कारोबारी पोंटी चड्ढ़ा ने उत्तर प्रदेश में अपने कारोबार को नए स्तर तक पहुंचाने का काम किया था। उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने उस समय ऐसी अबकारी नीति बनाई, जिससे पोंटी चड्ढ़ा देश का सबसे बड़ा शराब कारोबारी बन गया। उत्तर प्रदेश में बिकने वाली शराब की सप्लाई से लेकर अबकारी विभाग की ओर से बसूल किए जाने वाले अलग अलग करों की बसूली का ठेका चड्ढ़ा ग्रुप की तमाम कंपनियों को मिल गए। पोंटी चड्ढ़ा का कारोबार जिस समय चरम पर था उसी समय पारिवारिक रंजिश के चलते उसकी हत्या हो गई और इस कारोबार को उसके बेटे ने अपने हाथों में ले लिया। कहा जाता है कि पोंटी के बेटे ने अखिलेश सरकार का विश्वास जीतकर उत्तर प्रदेश में अपने कारोबारी फायदे वाली आबकारी नीति को नहीं बदलने दिया। लेकिन अब उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह से बदल चुकी है।