कवायद: सेना के जवान 58 की उम्र में होंगे रिटायर, 4 लाख सैनिकों को मिलेगा लाभ

CDS vipin rawat
कवायद: सेना के जवान 58 की उम्र में होंगे रिटायर, 4 लाख सैनिकों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय एक मसौदा तैयार कर रहा है, जिसके लागू होने के बाद तकनीकी और गैर युद्धक भूमिकाओं में तैनात सेना के करीब चार लाख जवानों की सेवानिवृत्ति की उम्र 58 साल की जाएगी। इससे वायुसेना और नौसेना के भी लाखों जवानों को फायदा होगा। रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस निर्णय से पहले चरण में करीब चार लाख जवानों को फायदा होगा। अभी सामान्यत: एक जवान 17-18 साल सेना में रहता है। इसके बाद सरकार उसे 35-40 साल तक पेंशन देती है। नई योजना के तहत जवानों को 35-40 साल सेवा का मौका मिलेगा और वह 15-20 साल पेंशन प्राप्त करेंगे।

Exercise Army Soldiers Will Retire At The Age Of 58 4 Lakh Soldiers Will Get Benefit :

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के अनुसार अभी सेना के जवान सामान्यत: 17-18 साल सेवा के बाद रिटायर हो जाते हैं। तब उनकी उम्र 40 से नीचे ही रहती है। इसके बाद उन्हें जो रोजगार मिलता है वह सम्मान के अनुरूप नहीं होता है। उनके बच्चे भी स्कूल में पढ़ रहे होते हैं। जबकि सरकार को भी इससे नुकसान है। सरकार के पेंशन का खर्च बढ़ रहा है। अगले बजट में पेंशन के लिए 1.33 लाख करोड़ रुपये दिये हैं।

जनरल रावत ने कहा कि पहले चरण में एक तिहाई सैन्यकर्मियों की सेवानिवृत्ति उम्र को अफसरों की सेवानिवृत्ति की भांति 58 साल करने के लिए प्रक्रिया आरंभ की गई है। तकनीकी पदों, मेडिकल सेवाओं, गैर युद्धक भूमिकाओं में कार्य कर रहे जवानों को इस दायरे में लाया जाएगा। इस सिलसिले में कई अध्ययन किए गए थे और उन्हीं की रिपोर्ट पर यह निर्णय लिया गया है।

जनरल रावत ने कहा कि दूसरे चरण में अन्य जवानों की सेवानिवृत्ति की उम्र में भी इजाफा किया जाएगा। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। उन्होंने कहा कि 45 साल की उम्र तक युद्धक मोर्चे पर जवानों को तैनात करने में कोई दिक्कत नहीं है। वे हर चुनौतियों से निपटने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्द निर्णय लिया जाएगा। सीडीएस की तरफ से कहा गया है वायुसेना एवं नौसेना में भी यह व्यवस्था लागू होगी। दोनों बलों को भी इसके लिए संभावनाएं तलाशने को कहा गया है।

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय एक मसौदा तैयार कर रहा है, जिसके लागू होने के बाद तकनीकी और गैर युद्धक भूमिकाओं में तैनात सेना के करीब चार लाख जवानों की सेवानिवृत्ति की उम्र 58 साल की जाएगी। इससे वायुसेना और नौसेना के भी लाखों जवानों को फायदा होगा। रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस निर्णय से पहले चरण में करीब चार लाख जवानों को फायदा होगा। अभी सामान्यत: एक जवान 17-18 साल सेना में रहता है। इसके बाद सरकार उसे 35-40 साल तक पेंशन देती है। नई योजना के तहत जवानों को 35-40 साल सेवा का मौका मिलेगा और वह 15-20 साल पेंशन प्राप्त करेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के अनुसार अभी सेना के जवान सामान्यत: 17-18 साल सेवा के बाद रिटायर हो जाते हैं। तब उनकी उम्र 40 से नीचे ही रहती है। इसके बाद उन्हें जो रोजगार मिलता है वह सम्मान के अनुरूप नहीं होता है। उनके बच्चे भी स्कूल में पढ़ रहे होते हैं। जबकि सरकार को भी इससे नुकसान है। सरकार के पेंशन का खर्च बढ़ रहा है। अगले बजट में पेंशन के लिए 1.33 लाख करोड़ रुपये दिये हैं। जनरल रावत ने कहा कि पहले चरण में एक तिहाई सैन्यकर्मियों की सेवानिवृत्ति उम्र को अफसरों की सेवानिवृत्ति की भांति 58 साल करने के लिए प्रक्रिया आरंभ की गई है। तकनीकी पदों, मेडिकल सेवाओं, गैर युद्धक भूमिकाओं में कार्य कर रहे जवानों को इस दायरे में लाया जाएगा। इस सिलसिले में कई अध्ययन किए गए थे और उन्हीं की रिपोर्ट पर यह निर्णय लिया गया है। जनरल रावत ने कहा कि दूसरे चरण में अन्य जवानों की सेवानिवृत्ति की उम्र में भी इजाफा किया जाएगा। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। उन्होंने कहा कि 45 साल की उम्र तक युद्धक मोर्चे पर जवानों को तैनात करने में कोई दिक्कत नहीं है। वे हर चुनौतियों से निपटने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्द निर्णय लिया जाएगा। सीडीएस की तरफ से कहा गया है वायुसेना एवं नौसेना में भी यह व्यवस्था लागू होगी। दोनों बलों को भी इसके लिए संभावनाएं तलाशने को कहा गया है।