facebook ने यूजर्स की Privacy Security बढ़ाई, जानें कैसे Secure होगा आपका पर्सनल डाटा

facebook , निजी डेटा का इस्तेमाल
facebook ने यूजर्स की प्रिवेसी की सुरक्षा बढ़ाई, जानें कैसे होता है निजी डेटा का इस्तेमाल

नई दिल्ली। फेसबुक (facebook) ने बुधवार को कहा कि वह यूजर्स को अपनी सूचनाओं पर ‘और ज्यादा नियंत्रण’ देने के लिए अपने प्रिवेसी सेटिंग टूल में सुधार करेगा। सुधारों के बाद यूजर फेसबुक द्वारा स्टोर किए गए अपने पर्सनल डेटा को आसानी से सर्च, डाउनलोड और डिलीट कर सकेंगे। डेटा लीक मामले का खुलासा होने के बाद फेसबुक की सेफ्टी को लेकर कई सारे सवाल उठ रहे हैं और ऐसे में लोगों के मन में डर बनता जा रहा है कि उनकी प्राइवेसी खत्म हो रही है। इस बीच एक नए प्रिवेसी शॉर्टकट मेनू से यूजर अपने अकाउंट के सुरक्षा को बढ़ा सकेंगे और यह तय कर सकेंगे कि उनकी सूचनाओं या साइट पर उनकी गतिविधियों को कौन देख सकता है और कौन नहीं। इसके अलावा वे विज्ञापनों को भी नियंत्रित कर सकेंगे।

फेसबुक के चीफ प्रिवेसी ऑफिसर एरिन इगन और डेप्युटी जनरल काउंसल ऐशली बेरिंगर ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा, ‘हमें स्पष्ट जानकारी मिली है कि प्रिवेसी सेटिंग्स और कुछ दूसरे महत्वपूर्ण टूल्स को खोजने में बहुत दिक्कत होती है, लिहाजा लोगों को सूचना देने के लिए और ज्यादा कुछ करना चाहिए।’ ब्लॉग में आगे लिखा है, ‘आने वाले हफ्तों में हम कुछ अतिरिक्त कदम उठाने जा रहे हैं ताकि लोगों का अपनी प्रिवेसी पर और ज्यादा नियंत्रण हो।’

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आपके निजी डेटा का चुनावों में ऐसे इस्तेमाल होता है

यूजर्स के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए Cambridge Anlytica ने ‘thisisyourdigitallife’ नामक ऐप का इस्तेमाल किया। फर्म ने एलेक्जेंडर कोगन से डेटा हासिल कर लिया, जिसने फेसबुक पर व्यक्तिगत प्रोफाइल को टैप करने के लिए एक क्विज ऐप को तैयार किया था। इस ऐप में एक व्यक्तित्व से जुडा हुआ क्विज था। यह क्विज ऐसे तैयार किया गया था कि इसमें राजनीतिक झुकाव और अन्य संबंधित पहलुओं पर ज्यादा जोर दिया गया था। इस डेटा के आधार पर आसानी से तय किया जा सकता है कि आप किस पार्टी के वोटर हैं मतदाताओं को टारगेट करने के लिए यह डेटा कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। कैंब्रिज एनालिटिका ने इसी तरह के आंकड़ों के साथ ऐसे वोटरों के दिमाग टारगेट किया जो अभी किसी भी वोटर के पक्ष में वोट डालने का मन नहीं बना पाए थे।

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तो सवाल यह है कि फेसबुक इन जानकारियों को किसके साथ साझा करता है और हम इसे कैसे रोक सकते हैं

जानिए मरने के बाद आपके बारे में लोग क्या कहेंगे- हम में से कई लोग ऐसे होते हैं जो फेसबुक पर इस तरह के क्विज़ को अनदेखा नहीं कर पाते। आप कौन से जानवर जैसे दिखते हैं या आपकी शक्ल किस हीरोइन से मिलती है भी ऐसे ही क्विज़ के नमूने हैं जिस पर हम मज़ाक मज़ाक में क्लिक कर बैठते हैं। झट से ऊंगली ‘सॉल्व द क्विज़’ पर पड़ती है जो हमें किसी दूसरे पन्ने पर लेकर जाता है। वहां वह हमसे फेसबुक से लॉगइन करने के लिए कहता है जिसके बाद नतीजा आपके सामने आ जाता है। उसमें आप एक नेकदिल इंसान थे-नुमा लाइनें लिखी रहती हैं जिसे देखकर आप खुद में अच्छा महसूस करते हैं और खट से अपने दोस्तों के साथ शेयर करने के लिए उसे फेसबुक पर पोस्ट कर देते हैं।

जानकारों के मुताबिक इस तरह के खेल और क्विज़ तैयार ही इसलिए किये जाते हैं। इस तरह के खेलों के जरिए थर्ड पार्टी भारी मात्रा में डाटा कलेक्शन करती है जिसकी इजाज़त फेसबुक के नियम एवं शर्तों के आधार पर हम दे देते हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि फेसबुक ने अपने नियमों को थोड़ा कड़ा किया है लेकिन कैंब्रिज एनालिटिका ने ऐसे ही एक क्विज़ के जरिए लाखों लोगों के डाटा का जुगाड़ किया था। इस क्विज़ का नाम था-This is your digital life।

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नई दिल्ली। फेसबुक (facebook) ने बुधवार को कहा कि वह यूजर्स को अपनी सूचनाओं पर 'और ज्यादा नियंत्रण' देने के लिए अपने प्रिवेसी सेटिंग टूल में सुधार करेगा। सुधारों के बाद यूजर फेसबुक द्वारा स्टोर किए गए अपने पर्सनल डेटा को आसानी से सर्च, डाउनलोड और डिलीट कर सकेंगे। डेटा लीक मामले का खुलासा होने के बाद फेसबुक की सेफ्टी को लेकर कई सारे सवाल उठ रहे हैं और ऐसे में लोगों के मन में डर बनता जा रहा है…
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