फेसबुक प्रोफाइल बयां करती है मनुष्य का व्यक्तित्व, जानिए कैसे

लखनऊ: हाल ही में हुए एक शोध में ये पता चला है कि किसी की फेसबुक प्रोफाइल से सिर्फ ये पता नहीं चलता कि वह कितना आकर्षक है बल्कि उसके व्यक्तित्व का भी पता चलता है। शोध के अनुसार, जो लोग अपनी सिर्फ हंसती खेलती फोटो लगाते हैं वो काफी खुशमिजाज़ होते है और उनमे सकारात्मकता ज्यादा होती है और ऐसे लोगों की दोस्ती स्थाई होती है। जो लोग इमानदार व्यक्तित्व के होते है वो लोग अपनी ऐसी फोटो लगाते…

लखनऊ: हाल ही में हुए एक शोध में ये पता चला है कि किसी की फेसबुक प्रोफाइल से सिर्फ ये पता नहीं चलता कि वह कितना आकर्षक है बल्कि उसके व्यक्तित्व का भी पता चलता है। शोध के अनुसार, जो लोग अपनी सिर्फ हंसती खेलती फोटो लगाते हैं वो काफी खुशमिजाज़ होते है और उनमे सकारात्मकता ज्यादा होती है और ऐसे लोगों की दोस्ती स्थाई होती है। जो लोग इमानदार व्यक्तित्व के होते है वो लोग अपनी ऐसी फोटो लगाते है जिसमे वो अपनी उम्र से ज्यादा बड़े लगते हैं। जो लोग थोड़ा असमान्य या थोड़ी विचित्र फोटो लगाते हैं उनमे सीखने की ललक ज्यादा होती है और जो लोग जानवरों की फोटो प्रोफाइल में लगाते हैं उनमें नकारत्मक शक्तियां ज्यादा होती हैं।




इस तरह जानिए एकाउंट फेक है कि असली-

फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट की नोटिफिकेशन आते ही हम एक बार उसकी प्रोफाइल जरुर खोलते हैं जिससे पता चले कि हम उसे जानते हैं या नहीं और उसकी प्रोफाइल देखने के बाद ही यह निर्णय लेते हैं कि इसे जोड़ना है या नहीं। फेसबुक पर हम अपने करीबियों को तो जोड़ते ही हैं साथ ही दूसरों के बारे में जानने में भी दिलचस्पी बढ़ जाती है। प्रोफाइल से ही हमारे दिमाग में किसी के लिए शक भी बैठ सकता है कि यह व्यक्ति सही नहीं है। ऐसे में फेसबुक पर दोस्ती बढाने में 50-50 रिस्क की भी गुंजाइश होती है।

वरिष्ठ मनोचिकित्सक डाक्टर आर एस नरबान से मिली जानकारी और व्यक्तित्व विकास संबंधी विविध शोधों के आधार पर जानिए, फेसबुक पर दोस्त बनाने से पहले उसके व्यक्तित्व की पहचान कैसे की जा सकती है? उन्होंने बताया कि सबसे पहले पहचान कैसे करते हैं फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने वाले के नाम और फिर उसकी प्रोफाइल देख कर।

आमतौर पर फेसबुक प्रोफाइल पर हम अपने नाम या ईमेल आईडी को अपनी पहचान देते हैं। कई बार लोग नाम की जगह कोई पांच लाइन, गाने की लाइन य फेक नाम (जैसे कूलगॉय या बबलीगर्ल) का इस्तेमाल करते हैं। अक्सर किशोर ही प्रोफाइल में अपने नाम की जगह ऐसा विशेषण देते हैं। इस तरह के नाम वाले अकाउंट ज्यादातर फेक होते हैं और इस बात का पता करने के लिए उससे सम्बन्धी जानकारी और फ्रेंड लिस्ट पर गौर करना चाहिए।

आस्था सिंह की रिपोर्ट




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