फेसबुक ने दो साल में हटाए 2.60 करोड़ खतरनाक पोस्ट

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फेसबुक ने दो साल में हटाए 2.60 करोड़ खतरनाक पोस्ट

नई दिल्ली। सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने विगत दो सालों में अपने प्लेटफॉर्म से 2.60 करोड़ आतंकी संगठनों के पोस्ट को हटाए हैं। खास बात यह है कि इसमें सबसे ज्यादा पोस्ट आतंकी संगठन आईएसआईएस और अलकायदा के थे। कम्पनी ने बड़े पैमाने पर अपने प्लेटफॉर्म पर इन संगठनों के समूहों की खोजबीन की है। इसके अलावा कई आतंकी संगठनों के अकाउंट्स ब्लाक किए गए हैं।

Facebook Removed 26 Million Dangerous Posts In Two Years :

फेसबुक ने कहा है कि हमनें अपनी इंटेलिजेंस की सहायता से आतंकी पोस्ट्स को डिलीट किया है। कंपनी ने न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुए आतंकी हमले के बाद कई पोस्ट को हटाई थी। फेसबुक ने आगे कहा है कि इन आतंकी संगठनों ने हमारे प्लेटफॉर्म के माध्यम से कट्टरता फैलाने की कोशिश की थी। इसके अलावा फेसबुक ने नंवबर में हिंसक पोस्ट पर रोक लगाने के लिए नए नियम भी लागू किए थे।

फेसबुक अब गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और ट्विटर के साथ मिलकर 9 प्वाइंट इंडस्ट्री प्लान की तैयारी कर रही है। कंपनी इस प्लान के जरिए आतंक से जुड़े कंटेंट को कैसे इस प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जाता है, इसकी जानकारी हासिल करेगी। वहीं, फेसबुक ने कहा है कि हमें अपनी नीतियों में लगातार बदलाव करने होंगे, जिससे हिंसक पोस्ट्स को तत्काल रोका जा सके।

बता दें कि न्यूजीलैंड में हुए आतंकी हमले के एक वीडियो ने फेसबुक के सुरक्षा सिस्टम को संकेत नहीं दिया था, क्योंकि इससे पहले यूजर्स ने इस प्लेटफॉर्म पर हिंसक कंटेंट को नहीं देखा था। वहीं, फेसबुक का मशीन लर्निंग सिस्टम भी इसे नहीं रोक सका था। इस तरह के कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए फेसबुक अमेरिका और ब्रिटेन के साथ काम कर रहा है।

नई दिल्ली। सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने विगत दो सालों में अपने प्लेटफॉर्म से 2.60 करोड़ आतंकी संगठनों के पोस्ट को हटाए हैं। खास बात यह है कि इसमें सबसे ज्यादा पोस्ट आतंकी संगठन आईएसआईएस और अलकायदा के थे। कम्पनी ने बड़े पैमाने पर अपने प्लेटफॉर्म पर इन संगठनों के समूहों की खोजबीन की है। इसके अलावा कई आतंकी संगठनों के अकाउंट्स ब्लाक किए गए हैं। फेसबुक ने कहा है कि हमनें अपनी इंटेलिजेंस की सहायता से आतंकी पोस्ट्स को डिलीट किया है। कंपनी ने न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुए आतंकी हमले के बाद कई पोस्ट को हटाई थी। फेसबुक ने आगे कहा है कि इन आतंकी संगठनों ने हमारे प्लेटफॉर्म के माध्यम से कट्टरता फैलाने की कोशिश की थी। इसके अलावा फेसबुक ने नंवबर में हिंसक पोस्ट पर रोक लगाने के लिए नए नियम भी लागू किए थे। फेसबुक अब गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और ट्विटर के साथ मिलकर 9 प्वाइंट इंडस्ट्री प्लान की तैयारी कर रही है। कंपनी इस प्लान के जरिए आतंक से जुड़े कंटेंट को कैसे इस प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जाता है, इसकी जानकारी हासिल करेगी। वहीं, फेसबुक ने कहा है कि हमें अपनी नीतियों में लगातार बदलाव करने होंगे, जिससे हिंसक पोस्ट्स को तत्काल रोका जा सके। बता दें कि न्यूजीलैंड में हुए आतंकी हमले के एक वीडियो ने फेसबुक के सुरक्षा सिस्टम को संकेत नहीं दिया था, क्योंकि इससे पहले यूजर्स ने इस प्लेटफॉर्म पर हिंसक कंटेंट को नहीं देखा था। वहीं, फेसबुक का मशीन लर्निंग सिस्टम भी इसे नहीं रोक सका था। इस तरह के कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए फेसबुक अमेरिका और ब्रिटेन के साथ काम कर रहा है।