Facebook की क्रिप्टोकरेंसी Libra को नहीं मिली भारत सरकार से मंजूरी, जानें क्यों

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Facebook की क्रिप्टोकरेंसी Libra को नहीं मिली भारत सरकार से मंजूरी, जानें क्यों

नई दिल्ली। दिग्गज सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने पिछले महीने ही लिब्रा (Libra) नाम से अपनी क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च की है, लेकिन भारतीय बाजार के लिए लिब्रा की राह मुश्किल होती नजर आ रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को मानें तो भारत सरकार फेसबुक की क्रिप्टोकरेंसी लिब्रा को भारत में लॉन्चिंग को हरी झंडी देने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में फेसबुक के लिए यह बड़ा झटका होगा, क्योंकि भारत एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

Facebooks Cryptocurrency Libra Not Got Approval By Government Of India Learn Why :

अप्रैल 2018 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भारत में सभी प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं पिछले महीने ही क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2019 (Banning of Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2019) के ड्राफ्ट में यह प्रस्ताव दिया गया है कि देश में क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-बिक्री करने वालों को 10 साल की जेल की सजा मिलेगी। ड्राफ्ट के मुताबिक इसकी जद में वे सभी लोग आएंगे जो क्रिप्टोकरेंसी तैयार करेगा, उसे बेचेगा, क्रिप्टोकरेंगी रखेगा, किसी को भेजेगा या क्रिप्टोकरेंसी में किसी प्रकार की डील करेगा। इन सभी मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल की जेल होगी।

वहीं, भारत के आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कहा है कि फेसबुक की इस डिजिटल करेंसी को पूरी तरह से समझाया नहीं गया है, लेकिन यह जो भी है, यह एक निजी क्रिप्टोक्यूरेंसी होगी। हालांकि फेसबुक ने इस मामले पर अभी कोई बयान नहीं दिया है।

फेसबुक ने पिछले महीने ही डिजिटल क्वाइन लॉन्च किया है जिसे लिब्रा एसोसियशन और कैलिब्रा वॉलेट द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। फेसबुक ने अपनी क्रिप्टोकरेंसी लिब्रा के लिए 27 कंपनियों से साझेदारी की है जिनमें पेपल, वीजा ऊबर जैसी कंपनियों के नाम हैं।

नई दिल्ली। दिग्गज सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने पिछले महीने ही लिब्रा (Libra) नाम से अपनी क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च की है, लेकिन भारतीय बाजार के लिए लिब्रा की राह मुश्किल होती नजर आ रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को मानें तो भारत सरकार फेसबुक की क्रिप्टोकरेंसी लिब्रा को भारत में लॉन्चिंग को हरी झंडी देने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में फेसबुक के लिए यह बड़ा झटका होगा, क्योंकि भारत एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अप्रैल 2018 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भारत में सभी प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं पिछले महीने ही क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2019 (Banning of Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2019) के ड्राफ्ट में यह प्रस्ताव दिया गया है कि देश में क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-बिक्री करने वालों को 10 साल की जेल की सजा मिलेगी। ड्राफ्ट के मुताबिक इसकी जद में वे सभी लोग आएंगे जो क्रिप्टोकरेंसी तैयार करेगा, उसे बेचेगा, क्रिप्टोकरेंगी रखेगा, किसी को भेजेगा या क्रिप्टोकरेंसी में किसी प्रकार की डील करेगा। इन सभी मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल की जेल होगी। वहीं, भारत के आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कहा है कि फेसबुक की इस डिजिटल करेंसी को पूरी तरह से समझाया नहीं गया है, लेकिन यह जो भी है, यह एक निजी क्रिप्टोक्यूरेंसी होगी। हालांकि फेसबुक ने इस मामले पर अभी कोई बयान नहीं दिया है। फेसबुक ने पिछले महीने ही डिजिटल क्वाइन लॉन्च किया है जिसे लिब्रा एसोसियशन और कैलिब्रा वॉलेट द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। फेसबुक ने अपनी क्रिप्टोकरेंसी लिब्रा के लिए 27 कंपनियों से साझेदारी की है जिनमें पेपल, वीजा ऊबर जैसी कंपनियों के नाम हैं।