आज 13वें उपराष्ट्रपति बनेंगे वेंकैया नायडू, जानें 8 बड़ी बातें

उपराष्ट्रपति पद के लिए नवनिर्वाचित वेंकैया नायडू आज 10 बजे शपथ लेंगे.  वह सवेरे सबसे पहले राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. फिर दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर दीनदयाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद पटेल चौक पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद शपथ ग्रहण के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे.  इसके बाद वह संसद भवन आएंगे और संसदीय कार्यमंत्री और राज्यमंत्री उनका स्वागत करेंगे.

वेंकैया नायडू यहां पर भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे.11 बजे वह सदन में प्रवेश कर जाएंगे. लेकिन इन सबके बीच वेंकैया नायडू के बारे में कुछ बातें ऐसी भी हैं जो इससे पहले शायद ही कोई जानता रहा होगा.  वेंकैया नायडू के प्रधानमंत्री मोदी से करीबी रिश्ते हैं. मोदी की तारीफ करते हुए वेंकैया ने उन्हें ‘भारत के लिए ईश्वर का वरदान’,और ‘गरीबों का मसीहा’ भी कहा.

प्रधानमंत्री मोदी को ‘मोडी’ बोलने वाले वेंकैया नायडू ने कई बार कहा कि मोडी मतलब- मेकर ऑफ डेवलप्ड इंडिया. वेंकैया पर नरेंद्र मोदी का भरोसा होने की एक बड़ी वजह यह भी है कि अप्रैल 2002 में गोवा में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में  प्रधानमंत्री वाजपेयी के सामने वेंकैया ने मोदी की पक्ष में बोले थे. यह उस समय की बात है जब तत्तकालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी गुजरात दंगों की वजह से नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते थे.

वेंकैया नायडू से जुड़े कुछ खास बातें

  1. वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई, 1949 को आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में हुआ था. नेल्लोर से स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद वहीं से राजनीति में स्नातक किया.
  2. विशाखापट्टनम के लॉ कॉलेज से अंतरराष्ट्रीय कानून में डिग्री ली. कॉलेज के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए.
  3. नायडू पहली बार 1972 में जय आंध्रा आंदोलन से सुर्खियों में आए. 1975 में इमरजेंसी में जेल भी गए थे. -1977 से 1980 तक यूथ विंग के अध्यक्ष रहे. महज 29 साल की उम्र में 1978 में पहली बार विधायक बने.
  4. 1983 में भी विधानसभा पहुंचे और धीरे-धीरे राज्य में भाजपा के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे. बीजेपी के विभिन्न पदों पर रहने के बाद नायडू पहली बार कर्नाटक से राज्यसभा के लिए 1998 में चुने गए. इसके बाद से ही 2004, 2010 और 2016 में वह राज्यसभा के सांसद बने.
  5. 1999 में एनडीए की जीत के बाद उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में ग्रामीण विकास मंत्रालय का प्रभार दिया गया. 2002 में वे पहली बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. वे दिसंबर 2002 तक अध्यक्ष रहे. इसके बाद 2004 में वह दोबारा अध्यक्ष बने. साल 2004 में नायडू राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, लेकिन एनडीए की हार के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. 2014 में बीजेपी को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें शहरी विकास मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया.
  6. वेंकैया नायडू के प्रधानमंत्री मोदी से करीबी रिश्ते हैं. पीएम मोदी के बारे में वेंकैया बोल चुके हैं कि वह ‘भारत के लिए ईश्वर का वरदान’,और ‘गरीबों का मसीहा’ हैं. प्रधानमंत्री मोदी को वह ‘मोडी’ बोलते हैं. वेंकैया नायडू ने इसका भी मतलब समझाया कि मोडी मतलब- मेकर ऑफ डेवलप्ड इंडिया.
  7. साधारण किसान परिवार में जन्मे वेंकैया नायडू एक जमाने में अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के पोस्टर चिपकाया करते थे.
  8. 2014 के आम चुनाव से पहले जब बीजेपी के अंदर नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा हो रही थी तो विरोध करने वाले नेताओं में वैंकेया नायडू भी शामिल थे लेकिन कट्टर संघी  वेंकैया ने जब आरएसएस का मूड समझा तो वह विरोध से पीछे हट गए थे और फिर मोदी का हर कदम पर समर्थन करने लगे.