शाह से मिलेंगे फडणवीस, सोनिया से पवार, बदल सकते हैं महाराष्ट्र के समीकरण

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शाह से मिलेंगे फडणवीस, सोनिया से पवार, बदल सकते हैं महाराष्ट्र के समीकरण

मुम्बई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही खींचातानी आज शाम तक कोई नया मोड़ ले सकती है। आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली पहुंचकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली जायेंगे। फडणवीस अभी तक तो शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा करते नजर आ रहे थे लेकिन शिवसेना ने जबसे 170 विधायको के समर्थन का ऐलान कर दिया तबसे उनकी भी नींद उड़ गयी है। उधर एनसीपी भी शिवसेना पर नरम रूख अपनाती नजर आ रही है।

Fadnavis Will Meet Shah Pawar With Sonia May Change Maharashtra Equations :

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव का नतीजा बीते 24 अक्टूबर को ही आ गया था, सभी पार्टियों को इस तरह से जनादेश मिला है कि कोई भी पार्टी अकेले दमपर सरकार नही बना सकती। ​हालांकि शिवसेना, और बीजेपी ने गठबन्धन में चुनाव लड़ा था, दोनो को मिलाकर पूर्ण बहुमत भी मिला है लेकिन शिवसेना और बीजेपी के बीच 50 50 फार्मुले पर पेंच फंस गया। जहां नतीजे के बाद एनसीपी और कांग्रेस दूर दूर तक भी सत्ता में आता नही दिख रहा था वहीं अब सरकार बनाने में उसकी अहम भूमिका हो गयी है।

बात अगर शिवसेना की करी जाये तो शिवसेना का साफ तौर पर कहना है कि चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना के बीच 50 50 का फार्मुला बना था लेकिन अब बीजेपी उसे नही मान रही है। वहीं बीजेपी किसी भी हालत में 5 साल तक सीएम की कुर्सी छोड़ने को तैयार नही है। शिवसेना के नेता लगातार बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैंं, यही नही शिवसेना ने अपने सामना अखबार में भी बीजेपी के खिलाफ जमकर भड़़ास निकाली है। उधर बीजेपी के नेता ने कहा है कि अगर ऐसा ही माहौल रहा तो महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है। शिवसेना ने यह भी कहा दोस्ती उन्हीं से बनाओ जो निभाने की औकात रखें।

वहीं एनसीपी और कांग्रेस का भी अब सरकार बनाने में अहम रोल हो गया है। आपको बता दें कि शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कल दावा किया था कि उनके पास 170 विधायकों का समर्थन है। आपको बता दें कि शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को मिलकार लगभग संख्या 170 हो रही है। कल एनसीपी की तरफ से नवाब मलिक ने भी कहा था कि अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का हो सकता है। उन्होने यह भी कहा था कि शिवसेना अपनी भूमिका स्पष्ट करे तो एनसीपी भी अपनी स्थिति भी स्पष्ट कर देगी।

मुम्बई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही खींचातानी आज शाम तक कोई नया मोड़ ले सकती है। आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली पहुंचकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली जायेंगे। फडणवीस अभी तक तो शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा करते नजर आ रहे थे लेकिन शिवसेना ने जबसे 170 विधायको के समर्थन का ऐलान कर दिया तबसे उनकी भी नींद उड़ गयी है। उधर एनसीपी भी शिवसेना पर नरम रूख अपनाती नजर आ रही है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव का नतीजा बीते 24 अक्टूबर को ही आ गया था, सभी पार्टियों को इस तरह से जनादेश मिला है कि कोई भी पार्टी अकेले दमपर सरकार नही बना सकती। ​हालांकि शिवसेना, और बीजेपी ने गठबन्धन में चुनाव लड़ा था, दोनो को मिलाकर पूर्ण बहुमत भी मिला है लेकिन शिवसेना और बीजेपी के बीच 50 50 फार्मुले पर पेंच फंस गया। जहां नतीजे के बाद एनसीपी और कांग्रेस दूर दूर तक भी सत्ता में आता नही दिख रहा था वहीं अब सरकार बनाने में उसकी अहम भूमिका हो गयी है। बात अगर शिवसेना की करी जाये तो शिवसेना का साफ तौर पर कहना है कि चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना के बीच 50 50 का फार्मुला बना था लेकिन अब बीजेपी उसे नही मान रही है। वहीं बीजेपी किसी भी हालत में 5 साल तक सीएम की कुर्सी छोड़ने को तैयार नही है। शिवसेना के नेता लगातार बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैंं, यही नही शिवसेना ने अपने सामना अखबार में भी बीजेपी के खिलाफ जमकर भड़़ास निकाली है। उधर बीजेपी के नेता ने कहा है कि अगर ऐसा ही माहौल रहा तो महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है। शिवसेना ने यह भी कहा दोस्ती उन्हीं से बनाओ जो निभाने की औकात रखें। वहीं एनसीपी और कांग्रेस का भी अब सरकार बनाने में अहम रोल हो गया है। आपको बता दें कि शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कल दावा किया था कि उनके पास 170 विधायकों का समर्थन है। आपको बता दें कि शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को मिलकार लगभग संख्या 170 हो रही है। कल एनसीपी की तरफ से नवाब मलिक ने भी कहा था कि अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का हो सकता है। उन्होने यह भी कहा था कि शिवसेना अपनी भूमिका स्पष्ट करे तो एनसीपी भी अपनी स्थिति भी स्पष्ट कर देगी।