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शिवपाल सिंह का बड़ा बयान, सपा में विलय नहीं चुनाव में सिर्फ होगा गठबंधन

Failure Statement Of Shivpal Singh Will Not Be Merged With Sp But Only In Alliance

By टीम पर्दाफाश 
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लखनऊ: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी में वापसी की अटकलों को खारिज करते हुये साफ किया कि अब विलय नहीं होगा, बल्कि उनकी पार्टी प्रसपा का अस्तित्व बना रहेगा और आगामी चुनाव में सिर्फ गठबंधन ही होगा। शिवपाल सिंह यादव ने मंगलवार को अपने आवास पर पत्रिका से विशेष भेंट की। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भाजपा की नीतियों से आम आदमी की पूरी तरह से कमर टूट चुकी है और बदलाव की मांग होने लगी है। ऐसे में अब हम भी चुप बैठने के बजाय जनता के बीच उनकी समस्याओं को लेकर जाएंगे। लगातार तीन साल से हम यही काम करते आ रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि भय, भूख और भ्रष्टाचार मिटाने के साथ ही हर साल एक करोड़ बेरोजगार युवाओं को नौकरियां देने का झूठा वादा करके देश व प्रदेश की सत्ता में लौटी भारतीय जनता की नींव ही झूठ और फरेब पर आधारित है। ऐसे में नीति नियोजन की गलत नीतियों की कीमत पूरा देश चुका रहा है। आगे आने वाले समय में इसके और भयावह परिणाम होंगे।

शिवपाल यादव ने कहा कि नोटबंदी जीएसटी से भी भयंकर कोरोना काल था और इस दौरान अगर बेहतर तरीके से प्रयास करके ट्रेनें, बसे रोकने की बजाय विदेशों से कोरोना लेकर लौटे हवाई यात्रियों को 14 दिन के लिये क्वारंटीन कराया जाता तथा सब कुछ बंद कराने के बजाय फैक्ट्रियों को चालू रखा जाता, वहां पर काम करने वाले असंगिठत क्षेत्र के मजदूरों को काम करने दिया जाता तो शायद देश की अर्थ व्यवस्था इस तरह से नहीं लड़खड़ाती और न ही आम आदमी किसान मजदूरों का दिवाला निकलने की ओर जाता। महंगाई की मार के बीच आम लोगों की इनकम में गिरावट से किसान मजदूर और नौजवान सभी तबाह हो गये हैं । ऐसे में अब इन्हें संभलने में बक्त लगेगा।

प्रसपा मुखिया ने कहा कि सूबे में हत्याएं, लूट, युवतियों से रेप और उसके बाद उनकी हत्याएं आम बात हो गई है। वहीं पर जब कोरोना को लेकर लाॅक डाउन किया गया था तब बास्तव में इसकी जरूरत नहीं थी तब केवल हवाई यात्रियों को अगर क्वारंटीन किया जाता और अमेरिका की तरह से कल कारखाने चलते रहते तो मजदूरों को हजार से पंद्रह सौ किमी परिवार के साथ सड़कों पर पैदल और रेल की पटरियों पर भूखे प्यासे नहीं चलना पड़ता।

उन्होंने कहा कि उस दौर में भी सरकार ने हाथ खड़े कर दिये थे तब स्वयंसेवी संस्थाओं सहित राजनैतिक पार्टियों ने भूखें पेट पैदल चलने वालों की सुध ली गई और आज भी हम इस मामले में सबसे आगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मेहनत करने वाले किसी मजदूर को कोरोना हुआ क्या इसका जबाव देते हुये श्रीयादव ने कहा कि कोई मजदूर इस महामारी की चपेट में नहीं आया यहां तक कि आज भी नहीं है तो फिर इस पलायन और बंद से जनता को क्या मिला उनकी रोजी रोटी छिन गई अब इससे आवाम को उबरने में बहुत अधिक समय लगेगा।

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शिवपाल ने आरोप लगाया कि मैने पहले भी कहा था कि योगी जी ने पहले ठीक तरह से काम करने का प्रयास किया था, लेकिन अब जो लाॅबी है, वह बेईमानों से घिरी हुई है। यही वजह है कि अब अराजकता के हालात हो गये हैं। अपराधियों को किसी का खौफ नहीं रह गया है। डीजल-पेट्रोल से लेकर गैस तथा बिजली के बिल बेतहाशा बढ़ गये हैं और आज की तारीख में दस हजार रुपया महीना कमाने वाले पर दस हजार का बिल बिजली का आता है, तो फिर वह परिवार कैसे चलाये यह एक गंभीर सवाल है लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।

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