फर्जी बाबा बोले- महंतों के ब्रम्हचर्य का हो मेडिकल टेस्ट, अखाड़ों में होते हैं फर्जी काम

नई दिल्ली। अखाड़ा परिषद की ओर से जारी फर्जी बाबाओं की लिस्ट आने के बाद इलाहाबाद के कुशमुनि स्वरूप ने इसका विरोध किया है। गौरतलब है कि रविवार को अखाड़ा परिषद ने 14 फर्जी बाबाओं का लिस्ट जारी किया है। लिस्ट में जिन बाबाओं का जिक्र है उनपर कई संगीन आरोप है। अखाड़ा परिषद ने ऐसे ढोंगी बाबाओं का लिस्ट जारी करते समय कहा कि ऐसे लोग सनातन धर्म के नाम पर कलंक हैं, ये लोग अपनी फर्जी दुकान चला लोगों को गुमराह करने का काम करते आ रहे हैं। फर्जी बाबाओं की लिस्ट में इलाहाबाद के कुशमुनि स्वरूप का भी नाम है।

अखाड़ा परिषद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कुशमुनि स्वरूप ने कहा कि सभी अखाड़े दुराचार का केंद्र बन चुके है। इससे जुड़े साधु-संत ही भ्रष्ट हैं। सभी का मेडिकल टेस्ट होना चाहिए। नरेंद्रगिरि तो पैसे लेकर महामंडलेश्वर बनाते हैं। पद बेचने का काम करते हैं। जिसके जबाब में अखाड़ा प्रमुख नरेंद्र गिर‍ि ने कहा कि अखाड़ा परिषद संतों की संवैधानिक संस्था है, इस पर उंगली उठाने वालों को जब इस बात की ही जानकारी नहीं है, तो और फिर क्या कहा जा सकता है।

कुशमुनि स्वरूप का अखाड़ों पर आरोप

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उन्होने कहा कि मैं विवाहित हूं और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा हूं। मेरा पूरा नाम ब्रम्हऋषि आचार्य कुशमुनि स्वरूप है। अखाड़े इस समय दुराचार और गंदे कामों के सबसे बड़े केंद्र बने हुए हैं। ये अखाड़ा परिषद भी ऐसा ही है। अखाड़े का कोई भी महंत अगर अपने ब्रम्हचर्य का सर्टिफिकेट दे दे तो मैं मान जाऊंगा। इन्हीं मंहतों द्वारा ही इस समय सबसे ज्यादा चरस, गांजा और भांग जैसे नशीले पदार्थों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने आगे नरेंद्रगिरि पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि ये तो वो हैं जो पैसे लेकर महामंडलेश्वर बनाते हैं। ये सभी पद बेचने वाले लोग हैं। ये धर्मविरोधी हैं। समाज को चाहिए कि अखाड़ा परिषद का विरोध करे। फालतू का पैसा खर्च होता है शाही स्नान में। जनता के लिए जनता के टैक्स से आता है वो पैसा।

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