सेना से रिटायर होकर बना फर्जी डॉक्टर, 10 सालों में किये 70 हजार आपरेशन

Fake doctor
सेना से रिटायर होकर बना फर्जी डॉक्टर, 10 सालों में किये 70 हजार आपरेशन

सहारनपुर। सहारनपुर में पुलिस के हाथ एक ऐसा डॉक्टर लगा जो सेना से रिटायर होने के बाद फर्जी एमबीबीएस की डिग्री लेकर कई सालों से स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर डॉक्टर बना था साथ ही दो नर्सिंग होम भी संचालित कर रहा था। इस दौरान उसने हजारो आपरेशन भी कर डाले। पुलिस का कहना है कि इस कथित डॉक्टर ने कर्नाटक के एक चिकित्सक की डिग्री को स्कैन कर लिया था और उसमें अपनी फोटो व नाम बदलकर डॉक्टर बन गया था। यही नही सबसे बड़ी बात यह थी कि फर्जी डिग्री पर उसे स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नौकरी भी मिल गयी।

Fake Doctor Retiring From Army 70 Thousand Operations Done In 10 Years :

एसपी देहात विद्या सागर मिश्र का कहना है कि पकड़ा गया राजेश शर्मा उर्फ ओमपाल शर्मा सहारनपुर के मकबरा रोड स्थित देवबंद में रहता था जबकि से मूल रूप से छपरौली बागपत, पट्टीधर घनघोशिया मोहल्ले का रहने वाला है। एसपी ने बताया कि इस ​कथित डॉक्टर के खिलाफ यहीं के नवजीवन नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर रवि प्रकाश खुराना ने मुकदमा दर्ज करवाया था।

आरोप लगाने वाले डॉक्टर रवि प्रकाश खुराना का कहना है कि उन्हे इस डॉक्टर पर तब शक हुआ जब वह राजेश शर्मा को अपने क्लीनिक सर्जरी करने के लिए बुलाने लगे। कई बार जब सर्जरी मे गलतियां हुई तो उन्होने राजेश पर गौर करना शुरू कर दिया। उन्होने इसी दौरान इंटरनेट पर राजेश शर्मा द्वारा बताया गया मेडिकल काउंसिल नम्बर सर्च किया तो उसमे किसी और की फोटो व नाम लिखा था। उस नम्बर पर कर्नाटक मेडिकल काउंसिल में राजेश आर का नाम दर्ज था। जबकि जर्नल सर्जरी का कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं मिला।

आपको बता दें कि यह डॉक्टर पहले भी सुर्खियों में आ चुका है, इसने पहले अपने क्लनिक पर फायरिंग का मामला दर्ज करवाया था और एक माह पूर्व 40 लाख की फिरोैती मांगे जाने का भी आरोप लगाया था। यही नही इसने पहले नागल में फिर देवबन्द मेे शिवम नर्सिंग खोला। सीएमओ ने बताया कि इसने करीबन 70000 हजार आपरेशन किये होंगे। यह प्रसव व गाल ब्लैडर के आपरेशन करता था साथ ही जनरल लैपो सर्जरी भी करता था।

पुलिस के मुताबिक बंगलुरू के आर्मी हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में सर्जेंट पद काम करते हुए ही इसने आगे की रणनीति बना ली थी। इसने फर्जी डिग्री बनवाई थी तो नाम बदलना इसकी मजबूर थी इसलिए ये अपने जिला बागपत के बजाय अपनी ससुराल नागल में रहने लगा और 2005 में इसने शिवम नर्सिग होम के नाम से पहला क्लीनिक खोला।

सहारनपुर। सहारनपुर में पुलिस के हाथ एक ऐसा डॉक्टर लगा जो सेना से रिटायर होने के बाद फर्जी एमबीबीएस की डिग्री लेकर कई सालों से स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर डॉक्टर बना था साथ ही दो नर्सिंग होम भी संचालित कर रहा था। इस दौरान उसने हजारो आपरेशन भी कर डाले। पुलिस का कहना है कि इस कथित डॉक्टर ने कर्नाटक के एक चिकित्सक की डिग्री को स्कैन कर लिया था और उसमें अपनी फोटो व नाम बदलकर डॉक्टर बन गया था। यही नही सबसे बड़ी बात यह थी कि फर्जी डिग्री पर उसे स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नौकरी भी मिल गयी। एसपी देहात विद्या सागर मिश्र का कहना है कि पकड़ा गया राजेश शर्मा उर्फ ओमपाल शर्मा सहारनपुर के मकबरा रोड स्थित देवबंद में रहता था जबकि से मूल रूप से छपरौली बागपत, पट्टीधर घनघोशिया मोहल्ले का रहने वाला है। एसपी ने बताया कि इस ​कथित डॉक्टर के खिलाफ यहीं के नवजीवन नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर रवि प्रकाश खुराना ने मुकदमा दर्ज करवाया था। आरोप लगाने वाले डॉक्टर रवि प्रकाश खुराना का कहना है कि उन्हे इस डॉक्टर पर तब शक हुआ जब वह राजेश शर्मा को अपने क्लीनिक सर्जरी करने के लिए बुलाने लगे। कई बार जब सर्जरी मे गलतियां हुई तो उन्होने राजेश पर गौर करना शुरू कर दिया। उन्होने इसी दौरान इंटरनेट पर राजेश शर्मा द्वारा बताया गया मेडिकल काउंसिल नम्बर सर्च किया तो उसमे किसी और की फोटो व नाम लिखा था। उस नम्बर पर कर्नाटक मेडिकल काउंसिल में राजेश आर का नाम दर्ज था। जबकि जर्नल सर्जरी का कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं मिला। आपको बता दें कि यह डॉक्टर पहले भी सुर्खियों में आ चुका है, इसने पहले अपने क्लनिक पर फायरिंग का मामला दर्ज करवाया था और एक माह पूर्व 40 लाख की फिरोैती मांगे जाने का भी आरोप लगाया था। यही नही इसने पहले नागल में फिर देवबन्द मेे शिवम नर्सिंग खोला। सीएमओ ने बताया कि इसने करीबन 70000 हजार आपरेशन किये होंगे। यह प्रसव व गाल ब्लैडर के आपरेशन करता था साथ ही जनरल लैपो सर्जरी भी करता था। पुलिस के मुताबिक बंगलुरू के आर्मी हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में सर्जेंट पद काम करते हुए ही इसने आगे की रणनीति बना ली थी। इसने फर्जी डिग्री बनवाई थी तो नाम बदलना इसकी मजबूर थी इसलिए ये अपने जिला बागपत के बजाय अपनी ससुराल नागल में रहने लगा और 2005 में इसने शिवम नर्सिग होम के नाम से पहला क्लीनिक खोला।