नकली पुलिस लखनऊ में लोगों को लूट रही है, दो महिलाएं हुई शिकार

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस वक्त नकली पुलिस लोगों को अपना शिकार बना रही है। शहर के कृष्णानगर इलाके में पुलिसकर्मी बन टप्पेबाज एक बुजुर्ग महिला के जेवरात ले उड़े। वहींहसनगंज के डालीगंज इलाके में रेलवे क्रासिंग के पास टेम्पो का इन्तिज़ार कर रही एक महिला से पुलिसकर्मी बन जेवरात लेकर गायब हो गये। आरोपियों ने जेवरात की जगह कंकड़ लपेट की महिला को थमा दिया। पीडि़त महिला की तहरीर पर हसनगंज पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

Fake Policeman Looted Tow Women :

कृष्णानगर के सेक्टर डी फार्मा कम्पनी से सेवानिवृत्ति देवेन्द्र स्वरूप अपनी पत्नी शोभा और बेटी संग रहते हैं। बताया जाता है कि गुरुवार की शाम करीब पांच बजे शोभा घर से अकेले ही सीएमएस स्कूल योगा करने जा रही थीं। इसी बीच कमेटी हाल के निकट एक युवक निकट आया और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि एक टीचर को चाकू मारा गया है। महिलाओं के लिए दो दिन सोने का सामान पहनकर निकलना बैन है।

इसके बाद आरोपी ने शोभा को जेवरात उतार कर बैग में रखने के लिए कहा। शोभा ने जैसे ही जेवरात उतारे आरोपी ने जेवरात उनके हाथ से लेकर एक कागज में लपेट कर उनके बैग में रख दिये और चला। इसके बाद शोभा योगा सीखने के बाद अपने घर पहुंची और कागज खोलकर देखा तो सन्न रह गयीं।

कागज में सोने की जगह कांच की चूडिय़ां रखी थीं। ठगी का एहसास होने पर पीडि़ता ने कृष्णानगर कोतवाली जाकर शिकायत की। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। टप्पेबाज शोभा से दो सोने की चुड़ी, एक जोड़ी कान की झुमकी व एक सोने की अंगूठी ले गये। इसके अलावा मडिय़ांव के फैजउल्लागंज की रहने वाली कान्ती देवी नगर निगम मे सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत है।

कान्ती देवी शुक्रवार सुबह डालीगंज क्रासिंग के पास ड्यूटी के लिए गयी थीं। इस बीच अचानक उनकी तबियत खराब हो गयी। उन्होंने बीच मे ही अपनी ड्यूटी समाप्त कर दी और घर जाने के लिए डालीगंज क्रासिंग के पास खड़ी होकर टैम्पो का इन्तिज़ार कर रही थी। इस बीच खाकीं रंग की पैन्ट पहने हुए दो युवक कान्ती देवी के पास पहुंचे और कान्ती से कहा कि अभी एक घटना हो गयी है जेवर उतार कर रख लो।

कान्ती ने जब उनका विरोध किया तो टप्पेबाजो ने वर्दी का रौब दिखाते हुए उन्हे थाने चलने को कहा। थाने की बात सुन कर कान्ती घबरा गयी और जेवरात उतार दिये। इस बीच टप्पेबाजों ने कांतीदेवी के हाथ से जेवरात ले लिये और कागज में लपटने लगे।

इस बीच आरोपियों ने कांंती के गले की चेन, आंगूठी, टप्स बदल कर कागज में कंकड़ रखकर थमा दिया। इसके बाद आरोपी वहां से गायब हो गये। शक होने पर कांतीदेवी ने जब कागज खोलकर देखा तो जेवरात की जगह कंकड़ मिले। उन्होंने लविवि में काम करने वाले अपने बेटे सोनू को फोन कर बताया। इसके बाद वह लोग हसनगंज कोतवाली पहुंचे और इस संबंध में एफआईआर दर्ज करायी।

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस वक्त नकली पुलिस लोगों को अपना शिकार बना रही है। शहर के कृष्णानगर इलाके में पुलिसकर्मी बन टप्पेबाज एक बुजुर्ग महिला के जेवरात ले उड़े। वहींहसनगंज के डालीगंज इलाके में रेलवे क्रासिंग के पास टेम्पो का इन्तिज़ार कर रही एक महिला से पुलिसकर्मी बन जेवरात लेकर गायब हो गये। आरोपियों ने जेवरात की जगह कंकड़ लपेट की महिला को थमा दिया। पीडि़त महिला की तहरीर पर हसनगंज पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कृष्णानगर के सेक्टर डी फार्मा कम्पनी से सेवानिवृत्ति देवेन्द्र स्वरूप अपनी पत्नी शोभा और बेटी संग रहते हैं। बताया जाता है कि गुरुवार की शाम करीब पांच बजे शोभा घर से अकेले ही सीएमएस स्कूल योगा करने जा रही थीं। इसी बीच कमेटी हाल के निकट एक युवक निकट आया और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि एक टीचर को चाकू मारा गया है। महिलाओं के लिए दो दिन सोने का सामान पहनकर निकलना बैन है। इसके बाद आरोपी ने शोभा को जेवरात उतार कर बैग में रखने के लिए कहा। शोभा ने जैसे ही जेवरात उतारे आरोपी ने जेवरात उनके हाथ से लेकर एक कागज में लपेट कर उनके बैग में रख दिये और चला। इसके बाद शोभा योगा सीखने के बाद अपने घर पहुंची और कागज खोलकर देखा तो सन्न रह गयीं। कागज में सोने की जगह कांच की चूडिय़ां रखी थीं। ठगी का एहसास होने पर पीडि़ता ने कृष्णानगर कोतवाली जाकर शिकायत की। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। टप्पेबाज शोभा से दो सोने की चुड़ी, एक जोड़ी कान की झुमकी व एक सोने की अंगूठी ले गये। इसके अलावा मडिय़ांव के फैजउल्लागंज की रहने वाली कान्ती देवी नगर निगम मे सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। कान्ती देवी शुक्रवार सुबह डालीगंज क्रासिंग के पास ड्यूटी के लिए गयी थीं। इस बीच अचानक उनकी तबियत खराब हो गयी। उन्होंने बीच मे ही अपनी ड्यूटी समाप्त कर दी और घर जाने के लिए डालीगंज क्रासिंग के पास खड़ी होकर टैम्पो का इन्तिज़ार कर रही थी। इस बीच खाकीं रंग की पैन्ट पहने हुए दो युवक कान्ती देवी के पास पहुंचे और कान्ती से कहा कि अभी एक घटना हो गयी है जेवर उतार कर रख लो। कान्ती ने जब उनका विरोध किया तो टप्पेबाजो ने वर्दी का रौब दिखाते हुए उन्हे थाने चलने को कहा। थाने की बात सुन कर कान्ती घबरा गयी और जेवरात उतार दिये। इस बीच टप्पेबाजों ने कांतीदेवी के हाथ से जेवरात ले लिये और कागज में लपटने लगे। इस बीच आरोपियों ने कांंती के गले की चेन, आंगूठी, टप्स बदल कर कागज में कंकड़ रखकर थमा दिया। इसके बाद आरोपी वहां से गायब हो गये। शक होने पर कांतीदेवी ने जब कागज खोलकर देखा तो जेवरात की जगह कंकड़ मिले। उन्होंने लविवि में काम करने वाले अपने बेटे सोनू को फोन कर बताया। इसके बाद वह लोग हसनगंज कोतवाली पहुंचे और इस संबंध में एफआईआर दर्ज करायी।