झूठे साबित हुए विकास के दावे, पांचवे से सातवें पायदान पर पहुंची भारतीय अर्थव्यवस्था

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झूठे साबित हुए विकास के दावे, पांचवे से सातवें पायदान पर पहुंची भारतीय अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने सभी भाषणों में विकास का राग अलापते रहते हैं, लेकिन जब आंकड़े सामने आते हैं तो ये सभी दावे झूठ साबित हो जाते है। इसकी बानगी तब देखने को मिली जब भारत के सिर से दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का ताज उतर गया और भारत दो पायदान उतरकर सातवें पायदान पर पहुंच गया। इसकी वजह वर्ष 2018 में सुस्त अर्थव्यवस्था है।

False Claims Of Development Indian Economy Reached 7th Position :

बता दें कि विश्व बैंक ने जो आंकड़े पेश किए हैं, उनके मुताबिक साल 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस की अर्थव्यवस्था में भारत के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ रिकॉर्ड की गई। इन दोनों देशों ने अर्थव्यवस्था में एक—एकपायदान का छलांग लगाया है। जिससे ब्रिटेन पांचवें और फ्रांस छठे स्थान पर पहुंच गया और पांच स्थान पर बैठे भारत को सातवें स्थान पर जाना पड़ा। हालाकि अमेरिका अभी भी टॉप पर बरकरार है।

आंकड़ों के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था साल 2018 में महज 3.01 फीसदी बढ़ी, जबकि इसमें साल 2017 में 15.23 फीसदी का इजाफा देखा गया था. इसी तरह ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 2018 में 6.81 फीसदी बढ़ी. जिसमें साल 2017 में महज 0.75 फीसदी का उछाल आया था। इसके अलावा अगर फ्रांस की बात करें तो साल 2018 में इसकी अर्थव्यवस्था 7.33 फीसदी बढ़ी, जो कि साल 2017 में सिर्फ 4.85 फीसदी बढ़ी थी। इस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था 2017 के मुकाबले 2018 में सुस्त रही, जिस वजह से भारत इस रैंकिंग में पिछड़ गया।

विश्व बैंक के ताजे आंकड़ों को देखें तो 2018 में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था बढ़कर 2.82 ट्रिलियन डॉलर हो गई, जबकि फ्रांस की अर्थव्यवस्था 2.78 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़कर हो गई। वहीं भारत की अर्थव्यवस्था साल में 2.73 ट्रिलियन डॉलर तक ही पहुंच पाई।

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने सभी भाषणों में विकास का राग अलापते रहते हैं, लेकिन जब आंकड़े सामने आते हैं तो ये सभी दावे झूठ साबित हो जाते है। इसकी बानगी तब देखने को मिली जब भारत के सिर से दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का ताज उतर गया और भारत दो पायदान उतरकर सातवें पायदान पर पहुंच गया। इसकी वजह वर्ष 2018 में सुस्त अर्थव्यवस्था है। बता दें कि विश्व बैंक ने जो आंकड़े पेश किए हैं, उनके मुताबिक साल 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस की अर्थव्यवस्था में भारत के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ रिकॉर्ड की गई। इन दोनों देशों ने अर्थव्यवस्था में एक—एकपायदान का छलांग लगाया है। जिससे ब्रिटेन पांचवें और फ्रांस छठे स्थान पर पहुंच गया और पांच स्थान पर बैठे भारत को सातवें स्थान पर जाना पड़ा। हालाकि अमेरिका अभी भी टॉप पर बरकरार है। आंकड़ों के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था साल 2018 में महज 3.01 फीसदी बढ़ी, जबकि इसमें साल 2017 में 15.23 फीसदी का इजाफा देखा गया था. इसी तरह ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 2018 में 6.81 फीसदी बढ़ी. जिसमें साल 2017 में महज 0.75 फीसदी का उछाल आया था। इसके अलावा अगर फ्रांस की बात करें तो साल 2018 में इसकी अर्थव्यवस्था 7.33 फीसदी बढ़ी, जो कि साल 2017 में सिर्फ 4.85 फीसदी बढ़ी थी। इस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था 2017 के मुकाबले 2018 में सुस्त रही, जिस वजह से भारत इस रैंकिंग में पिछड़ गया। विश्व बैंक के ताजे आंकड़ों को देखें तो 2018 में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था बढ़कर 2.82 ट्रिलियन डॉलर हो गई, जबकि फ्रांस की अर्थव्यवस्था 2.78 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़कर हो गई। वहीं भारत की अर्थव्यवस्था साल में 2.73 ट्रिलियन डॉलर तक ही पहुंच पाई।