बक्सर डीएम मुकेश पांडेय
क्या पारिवारिक कलह बनी बक्सर डीएम मुकेश पांडेय की सुसाइड का कारण

Family Strife Is A Reason Behind Suicide Of Buxar Dm Mukesh Pandey

गाजियाबाद। आखिरी ऐसी कौन सी वजह थी जो बक्सर के डीएम मुकेश पांडेय को इस हद तक कचोट गई कि उन्होंने कुछ ही घंटों में सुसाइड के दो असफल प्रयासों के बाद ट्रेन के आगे कूद कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मुकेश पांडेय की मौत अपने पीछे ऐसे कई सवाल छोड़ गई है, जिनके जवाब जरूरी हैं। 2012 यूपीएससी में 14 वीं रैंक प्राप्त कर देशभर के युवाओं के लिए रोल मॉडल बने आईएएस मुकेश पांडेय एक सफल प्रशासनिक अफसर होने के बाद आखिर अपने जीवन की मुश्किलों के आगे क्यों हार गए?

जिस तरह से उन्होंने अपने परिजनों और दोस्त को अपनी सुसाइड की पहले जानकारी दी वह चौंकाने वाला है। घर से दूर दिल्ली जाकर सुसाइड करने के पीछे कारण क्या है? आॅफिस से छुट्टी के लिए उन्होंने मामा को हार्ट अटैक आने का बहाना क्यों बनाया? क्या मुकेश अपनी निजी जिन्दगी से बेहद मायूस थे?

एक रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश पांडेय की शादी करीब तीन साल पहले ही पटना के ही रसूखदार राजनीतिक परिवार में हुई थी। वह एक बेटी के पिता भी थे। नौकरी में भी उन्हें हाल ही में प्रमोशन मिला था। इन सब के बीच केवल एक ही बात ऐसी थी जो उन्हें परेशान कर रही थी वह थी, उनके माता—पिता और पत्नी के बीच पटरी न खाना। एक न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट में इसी समस्या को मुकेश पांडेय की सुसाइड की मुख्य वजह बताया गया है। जिसका जिक्र उन्होंने अपने सुसाइड नोट में भी किया है।

मुकेश की पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखा गया तो सामने आया कि उनका परिवार मूल रूप से बिहार के सारण का रहने वाला है। उनके पिता पेशे से डॉक्टर हैं और असम के गोवाहाटी शहर रहकर ही प्रैक्टिस करते आ रहे हैं। मुकेश पांडेय और उनके बड़े भाई जो में मास्को के रहते ने गोवाहाटी में ही अपनी स्कूलिंग पूरी की थी। बीए आॅनर्स करने के बाद मुकेश सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए दिल्ली चले गये। जहां पहले प्रयास में असफल होने के बाद 2012 में दूसरे प्रयास में उन्होंने 14वीं रैंक हासिल की।

लेकिन इसी पृष्ठभूमि का दूसरा पहलू बिलकुल अलग है। मध्यमवर्गीय मुकेश की शादी पटना के जाने माने कारोबारी राकेश कुमार सिंह की बेटी के साथ हुई थी। यह शादी इंटरकास्ट होने के बावजूद बेहद शाही अंदाज में हुई थी। शादी का समारोह पटना के मंहगे होटल मौर्या में रखा गया था। मुकेश के ससुरालीजनों की गिनती बिहार के बड़े ठेकेदारों में भी होती है।

कहा जाता है शादी के बाद ही मुकेश और उनकी पत्नी के बीच विवाद होने शुरू हो गए। जिसकी अहम वजह दोनों के जीवन स्तर को मौजूद अंतर के रूप में कहा जा सकता है। अमीरी में पली बढ़ी मुकेश पांडेय की पत्नी एक मध्यमवर्गीय परिवार में तालमेल नहीं बैठा पा रही थी। जिस वजह से पति—पत्नी के बीच कलह होना शुरू हो गई। परिणाम स्वरूप वह कई—कई दिनों तक मायके में रहने लगी। कई बार मुकेश ने अपने बिगड़ती शादीशुदा जिन्दगी को पटरी पर कोशिश की लेकिन वह असमर्थ रहे।

मुकेश को बतौर अधिकारी जानने वाले लोगों की माने तो वह बेहद गंभीर और सख्त अधिकारी थे। अपनी ड्यूटी को वह पूरी ईमानदारी से निभाने में विश्वास करते थे। यही वजह रही जिसने भी उनकी सुसाइड की खबर सुनी किसी को इस बात पर विश्वास नहीं हुआ। सभी का यही मानना था कि मुकेश पांडेय जैसा तेजतर्रार आदमी सुसाइड जैसा कदम कैसे उठा सकता है। मुकेश के पैतृक गांव में भी यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है।