पानी के लिए तरस रहे परिवार ने पीएम नरेन्द्र मोदी को लिखा पत्र, खुदकुशी की मांगी अनुमति

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पानी के लिए तरस रहे परिवार ने पीएम नरेन्द्र मोदी को लिखा पत्र, खुदकुशी की मांगी अनुमति

हाथरस। भीषण गर्मी के बीच पानी नहीं मिलने से परेशान एक परिवार ने पीएम नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर खुदकुशी की अनुमति मांगी है। पानी नहीं मिलने के कारण यह परिवार काफी दिनों से परेशान है। इस कारण इन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। हाथरस जिला के हासयान ब्लॉक में रहने वाले चंद्रपाल किसान हैं। क्षेत्र में खारा पानी आने के कारण यह लोग काफी परेशान हैं।

Family Wants Suicide Permission To Pm Narendra Modi On Drinking Water Issue Up :

इसकी शिकायत लेकर वह कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसको लेकर वह काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा, ‘हम ये पानी नहीं पी सकते। मेरी बेटियां जब भी ये पानी पीती हैं, उन्हें उल्टी हो जाती है। पानी में अत्यधिक नमक होने के कारण फसलें भी नष्ट हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि परिवार को बोतल बंद पानी पिलाने की उनकी हैसियत नहीं है। कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में अब मैंने प्रधानमंत्री से अपना तथा अपनी नाबालिग बेटियों का जीवन खत्म करने की अनुमति मांगी है।’

वहीं स्थानीय नागरिक राकेश कुमार ने बताया कि यह पानी इतना खारा है कि जानवर भी यह पानी नहीं ​पीते हैं। हालांकि पीने के लिए पानी लाने के लिए चार किलो मीटर दूर जाना पड़ता है। वहीं अधिकारियों से जब इस संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने इस समस्या के प्रति अनभिज्ञता जताई।

हाथरस। भीषण गर्मी के बीच पानी नहीं मिलने से परेशान एक परिवार ने पीएम नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर खुदकुशी की अनुमति मांगी है। पानी नहीं मिलने के कारण यह परिवार काफी दिनों से परेशान है। इस कारण इन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। हाथरस जिला के हासयान ब्लॉक में रहने वाले चंद्रपाल किसान हैं। क्षेत्र में खारा पानी आने के कारण यह लोग काफी परेशान हैं। इसकी शिकायत लेकर वह कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसको लेकर वह काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा, 'हम ये पानी नहीं पी सकते। मेरी बेटियां जब भी ये पानी पीती हैं, उन्हें उल्टी हो जाती है। पानी में अत्यधिक नमक होने के कारण फसलें भी नष्ट हो रही हैं। उन्होंने कहा कि परिवार को बोतल बंद पानी पिलाने की उनकी हैसियत नहीं है। कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में अब मैंने प्रधानमंत्री से अपना तथा अपनी नाबालिग बेटियों का जीवन खत्म करने की अनुमति मांगी है।' वहीं स्थानीय नागरिक राकेश कुमार ने बताया कि यह पानी इतना खारा है कि जानवर भी यह पानी नहीं ​पीते हैं। हालांकि पीने के लिए पानी लाने के लिए चार किलो मीटर दूर जाना पड़ता है। वहीं अधिकारियों से जब इस संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने इस समस्या के प्रति अनभिज्ञता जताई।