प्रधानमंत्री जी! बैंक की लाइन में लगे एक और किसान की हो गई मौत

बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के बड़ौत क्षेत्र के कोताना गांव में बैंक की लाइन में रुपए निकालने के लिए लगे किसान की मौत हो गई। वह कई दिन से बैंक शाखा पर पहुंच रहा था। उसे रुपये नहीं मिल रहे थे। वह रात्रि में बैंक के गेट के पास बैठ गया था। उसे कृषक सहकारी समिति का कर्ज जमा करना था। रात भर खड़े रहने की वजह से सुबह करीब दस बजे अचानक लाइन में गिर गया। वहां मौजूद लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।




वहीं, लोगों के आक्रोश के चलते अमीनगर सराय के पीएनबी का स्टाफ थाने में बैठा रहा। बैंक शाखा में कैश नहीं मिलने पर पब्लिक ने बृहस्पतिवार को भी बैंक में तोड़फोड़ कर दी थी, जिसके बाद कर्मचारियों ने आज बैंक खोलना जरूरी नहीं समझा और थाने में बैठकर अपनी ड्यूटी दी। बैंक नहीं खुला व कैश नहीं मिलने के विरोध में पब्लिक ने बुढसैनी चौराहे पर जाम लगा दिया और प्रशासन व बैंक प्रबन्धन, केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पब्लिक को शांत कराया और जल्द की कैश आने पर उन्हें दिलाया जाएगा




परिजनों ने पुलिस को सूचना देते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। परिजन शव अस्पताल से घर ले गए। कोताना में एसबीआई के हेड कैशियर मदन कुमार ने बताया कि मेरे सामने यह घटना नहीं हुई। दूसरी ओर, आस्था अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अनिल जैन के अनुसार सलेकचंद को सीने में दर्द की शिकायत पर भर्ती कराया गया था। उन्हें अत्यधिक ठंड भी लगी हुई थी, जिस कारण खून का थक्का जमना शुरू हो गया था।