योगी सरकार में कर्ज माफी के खोखले दावे, 2 किसानों ने की आत्महत्या

बांदा। कर्ज के चलते किसान व मजदूरों की आत्महत्या का सिलसिला आयदिन बढ़ता ही जा रहा है। अभी हाल ही में बुंदेलखंड का एक मामला सामने आया है जहां सरकार की कर्ज माफी योजना में नाम न आने से परेशान बुंदेलखंड के दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। एक अधेड़ ने जहर खाकर जान दे दी तो दूसरे ने खुद को आग लगा ली।

Farmer Suicide In Banda :

जहर खा कर दी जान

यह पूरा मामला बांदा जिले के मुसीवां गांव के किसान दिनेश मिश्रा का है। जिन्होने बैंक से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था और उन्हें भरोसा था कि सरकार की कर्जमाफी योजना में कर्ज माफ हो जाएगा। बैंक से लोन लेकर खेतों की जुताई-बोआई करवाई थी लेकिन सात बीघा खेतों में ठीक से पैदावार नहीं हुई। बेटे सौरभ और गौरव ने बताया कि कर्ज माफी के लिए पिता ने बैंक के सैकड़ों चक्कर लगाए लेकिन बैंक वाले बार-बार टरकाते रहे। रविवार रात खेतों की तरफ गए और वहीं जहर खा लिया। देर रात तक जब नहीं आए तो खोजबीन की गई तो वह खेत में बेहोश पड़े मिले। सोमवार को कमासिन सीएचसी में भर्ती करवाया गया वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालत बिगड़ती देख जिला अस्पताल से कानपुर रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान देर रात कानपुर में उसकी मौत हो गयी। बेटे सौरभ के बताया कि गांव के साहूकारों का भी करीब 45 हजार रुपये का कर्ज था।

आग लगा कर दे दी जान

वहीं कर्ज से परेशान आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाला दूसरा किसान हमीरपुर जिले के पहाड़ी गांव का है। मौदहा थानाछेत्र के पहाड़ी गांव का किसान चन्द्रभान छह बीघा जमीन का काश्तकार था। उस पर बैंक के 90 हजार और साहूकारों का दो लाख रुपये का कर्ज बताया गया है। कर्जमाफी में नाम न आने से वह काफी परेशान रहता था। बीते चार साल से ठीक पैदावार न होने की वजह से पूरा परिवार दो वक्त की रोटी का मोहताज हो गया था। आर्थिक हालत से परेशान किसान ने सोमवार को केरोसिन डालकर आग लगा ली और कुछ ही देर बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक किसान के बेटे दृगभान ने बताया कि आग से मकान गृहस्थी का सारा सामान भी जल गया है। सूचना पर पहुंचे एसडीएम मौदहा सुरेश कुमार पाल ने किसान के परिवारीजनों को भरोसा दिया कि जल्द ही उन्हे सरकारी सहायता दी जाएगी।

बांदा। कर्ज के चलते किसान व मजदूरों की आत्महत्या का सिलसिला आयदिन बढ़ता ही जा रहा है। अभी हाल ही में बुंदेलखंड का एक मामला सामने आया है जहां सरकार की कर्ज माफी योजना में नाम न आने से परेशान बुंदेलखंड के दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। एक अधेड़ ने जहर खाकर जान दे दी तो दूसरे ने खुद को आग लगा ली। जहर खा कर दी जान यह पूरा मामला बांदा जिले के मुसीवां गांव के किसान दिनेश मिश्रा का है। जिन्होने बैंक से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था और उन्हें भरोसा था कि सरकार की कर्जमाफी योजना में कर्ज माफ हो जाएगा। बैंक से लोन लेकर खेतों की जुताई-बोआई करवाई थी लेकिन सात बीघा खेतों में ठीक से पैदावार नहीं हुई। बेटे सौरभ और गौरव ने बताया कि कर्ज माफी के लिए पिता ने बैंक के सैकड़ों चक्कर लगाए लेकिन बैंक वाले बार-बार टरकाते रहे। रविवार रात खेतों की तरफ गए और वहीं जहर खा लिया। देर रात तक जब नहीं आए तो खोजबीन की गई तो वह खेत में बेहोश पड़े मिले। सोमवार को कमासिन सीएचसी में भर्ती करवाया गया वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालत बिगड़ती देख जिला अस्पताल से कानपुर रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान देर रात कानपुर में उसकी मौत हो गयी। बेटे सौरभ के बताया कि गांव के साहूकारों का भी करीब 45 हजार रुपये का कर्ज था। आग लगा कर दे दी जान वहीं कर्ज से परेशान आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाला दूसरा किसान हमीरपुर जिले के पहाड़ी गांव का है। मौदहा थानाछेत्र के पहाड़ी गांव का किसान चन्द्रभान छह बीघा जमीन का काश्तकार था। उस पर बैंक के 90 हजार और साहूकारों का दो लाख रुपये का कर्ज बताया गया है। कर्जमाफी में नाम न आने से वह काफी परेशान रहता था। बीते चार साल से ठीक पैदावार न होने की वजह से पूरा परिवार दो वक्त की रोटी का मोहताज हो गया था। आर्थिक हालत से परेशान किसान ने सोमवार को केरोसिन डालकर आग लगा ली और कुछ ही देर बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक किसान के बेटे दृगभान ने बताया कि आग से मकान गृहस्थी का सारा सामान भी जल गया है। सूचना पर पहुंचे एसडीएम मौदहा सुरेश कुमार पाल ने किसान के परिवारीजनों को भरोसा दिया कि जल्द ही उन्हे सरकारी सहायता दी जाएगी।