छत्तीसगढ़ में किसानों को मिलेगी प्रति एकड़ 10 हजार रुपये सहायता, ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ हुई शुरू

bhupesh baghel
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नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरू कर रही है। इस योजना के तहत खरीफ 2019 से धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि दी जाएगी।

Farmers In Chhattisgarh To Get 10 Thousand Rupees Per Acre Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana Started :

इस योजना के तहत राज्य के 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किस्तो में सीधे उनके खातों में भी हस्तांतरित की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरू करने का जा रही है।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई के दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य में इस योजना का विधिवत् शुभारंभ करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहित करने की देश में अपने तरह की एक बड़ी योजना है। योजना के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित राज्य के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और किसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस योजना के तहत खरीफ 2019 से धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि देगी। इस योजना में धान फसल के लिए 18 लाख 34 हजार 834 किसानों को प्रथम किस्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह गन्ना फसल के लिए पेराई वर्ष 2019-20 में सहकारी कारखाना द्वारा क्रय किए गए गन्ने की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रूपए प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन तथा सहायता राशि 93.75 रूपए प्रति क्विंटल अर्थात अधिकतम 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसके तहत राज्य के 34 हजार 637 किसानों को 73 करोड़ 55 लाख रूपए चार किस्तो में मिलेगा जिसमें से प्रथम किस्त 18 करोड़ 43 लाख 21 मई को हस्तांतरित की जाएगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी ‘न्याय’ योजना के द्वितीय चरण में शामिल करने का फैसला किया है।

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरू कर रही है। इस योजना के तहत खरीफ 2019 से धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना के तहत राज्य के 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किस्तो में सीधे उनके खातों में भी हस्तांतरित की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरू करने का जा रही है।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई के दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य में इस योजना का विधिवत् शुभारंभ करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहित करने की देश में अपने तरह की एक बड़ी योजना है। योजना के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित राज्य के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और किसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस योजना के तहत खरीफ 2019 से धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि देगी। इस योजना में धान फसल के लिए 18 लाख 34 हजार 834 किसानों को प्रथम किस्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह गन्ना फसल के लिए पेराई वर्ष 2019-20 में सहकारी कारखाना द्वारा क्रय किए गए गन्ने की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रूपए प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन तथा सहायता राशि 93.75 रूपए प्रति क्विंटल अर्थात अधिकतम 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके तहत राज्य के 34 हजार 637 किसानों को 73 करोड़ 55 लाख रूपए चार किस्तो में मिलेगा जिसमें से प्रथम किस्त 18 करोड़ 43 लाख 21 मई को हस्तांतरित की जाएगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 'न्याय' योजना के द्वितीय चरण में शामिल करने का फैसला किया है।