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‘किसान दिवस’ पर भी किसान सडकों पर, बॉर्डर पर सुरक्षा चाक चौबंद

By टीम पर्दाफाश 
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किसान दिवस, किसान प्रदर्शन, मोदी सरकार, नरेंद्र मोदी, पीएम मोदी, Farmers Day, Farmer Demonstration, Modi Government, Narendra Modi, PM Modiनई दिल्ली: मोदी सरकार द्वारा लाये गए विवादस्पद कृषि कानूनों को लेकर किसानों के आंदोलन का आज 28वां दिन शुरू हो गया है। लेकिन अब तक मोदी सरकार और किसानों में बात बनते नहीं दिख रही है।यह वक़्त की विडंबना ही है कि जहाँ आज ‘किसान दिवस’ (Kisaan Diwas) है तो वहीं देश का अन्नदाता अपने हक के लिए अपनी सरकार से ही लड़ रहा है।

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जहाँ मोदी सरकार अपने इरादों पर अडिग है तो वहीं किसान भी तीनों ‘नए कानून’ वापस लेने की अपनी मांग पर डटे हुए हैं। इस क्रम में मोदी सरकार ने एक बार फिर से बातचीत का प्रस्ताव भेजा है, जिस पर किसान आज अपना विचार विमर्श करेंगे। उधर देश के अलग अलग हिस्सों से किसानों का दिल्ली कूच अभियान जारी है।

बीते मंगलवार को केन्द्र के कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-गाजियाबाद की सीमा पर यूपी गेट के पास प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 9 के सभी 14 लेनों को आठ घंटे तक जाम रखा और कथित रूप से एक पत्रकार और फोटोग्राफर के साथ धक्का-मुक्की की थी। किसानों ने सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक राजमार्ग के मुख्य रास्ते को जाम कर दिया था, हालांकि प्रशासन के बार-बार अनुरोध करने पर उन्होंने दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाले एक मार्ग को खोला गया।

उधर पत्रकारों से साथ धक्का-मुक्की की सूचना मिलने के बाद बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रदर्शन करने वाले समूह में शामिल युवाओं को पत्रकारों के साथ गलत व्यवहार करने को लेकर डांट लगायी थी। बीकेयू के राज्य प्रमुख राजबीर सिंह ने बताया था कि बरेली और रामपुर से आ रहे कुछ किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉली को स्थानीय पुलिस ने रोक दिया था, उसी के विरोध में राजमार्ग जाम किया गया।

इधर खबर ये भी आ रही है कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और मुरादाबाद में किसानों पर लाठीचार्ज से सिंघु बॉर्डर पर डटे किसान संगठन बहुत नाराज हैं। इस नाराजगी को जाहिर करने के लिए आज दोपहर 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूतला भी फूंका जाएगा। इसको लेकर किसान संगठनों ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है।

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गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस का कहना है कि सीमा पर लगातार प्रदर्शनकारी किसानों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, जिससे हालात बहुत ही तनाव में हैं। वही दूसरी ओर इस गतिरोध को दूर करने के लिए मोदी सरकार की तमाम कोशिशें जारी हैं। इधर इस मुद्दे पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि जल्द ही इस संकट का समाधान मिलने की उम्मीद है। बीते मंगलवार को सिंघु बॉर्डर पर जमे किसानों ने PM नरेंद्र मोदी के नाम खून से चिट्ठी लिखकर कानून वापस लेने की मांग की थी। वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने मंगलवार को फिर से जाम लगा दिया था, जिसे देर शाम पुलिस-प्रशासन से बातचीत के बाद एक सड़क खोली गई थी।

यह बात भी प्रासंगिक है कि आज ‘किसान दिवस’ (Kisan Diwas) भी है। इस मौके पर अब किसान संगठनों ने अपने प्रदर्शऩ और तेज करने का फैसला किया है। वहीं अब किसान संगठनों ने अपील की है कि आज के लिए देशवासी उनके समर्थन में एक वक्त का भोजन नहीं करें। वहीं खबर यह भी है कि दिल्ली की सीमा पर जमे किसान संगठन आज बैठक करने वाले हैं ताकि आगे की रणनीति पर एक राय हो सके और सरकार के बातचीत के आये ताजा न्यौते पर भी कोई फैसला लिया जा सके। कहा जा रहा है कि किसानों ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मोदी सरकार को घेरने की तैयारी भी शुरू कर दी है।

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