फर्रुखाबाद: बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे की पत्नी को भीड़ ने पीटकर मार डाला

Ruby
फर्रुखाबाद: बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे की पत्नी को भीड़ ने पीटकर मार डाला

लखनऊ। फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव करथिया में 26 बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे सुभाष बाथम को पुलिस ने गुरुवार की रात मुठभेड़ में मार गिराया। इस आपरेशन में सारे बच्चे सकुशल निकाल लिए गए। हालांकि इस दौरान उग्र भीड़ ने आरोपी सुभाष की पत्नी रूबी को भी जमकर पीट दिया। गंभीर हालत में उसने लोहिया अस्पताल में शुक्रवार की दोपहर दम तोड़ दिया।

Farrukhabad Sirefires Wife Who Took The Children Hostage Was Beaten To Death By A Mob :

फर्रुखाबाद में बरेली-इटावा हाईवे पर स्थित गांव करथिया में बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे को पुलिस ने नौ घंटे बाद मुठभेड़ में मार गिराया। रात करीब एक बजे बेसमेंट में बंधक सभी बच्चे सकुशल निकाल लिए गए। बच्चों को बंधक बनाने के बाद आरोपी सुभाष बाधम ने पुलिस टीम पर उसने हमला बोला। बम से उड़ाने की धमकी दी थी। जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया। भीड़ ने उसकी पत्नी रूबी को भी जमकर पीटा।

घायल सुभाष बाथम की पत्नी रूबी को मरणासन्न की हालत में देर रात लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। इमरजेंसी डॉक्टर सर्वेश यादव ने बताया रूबी के गंभीर हेड इंजरी के अलावा शरीर पर तीन चोटें थीं। गंभीर हालत में सुबह छह बजे सैफई के लिए रेफर किया गया था, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि भीड़ के हाथों पिटाई से घायल महिला को बचाने का प्रयास किया गया। उसे फौरन इलाज के लिए भेजा गया, लेकिन अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम से साफ होगा कि महिला की मौत कैसे हुई है।

यह था पूरा मामला
अपने मौसा की हत्या में जिला अदालत से उम्रकैद की सजा पाए 40 वर्षीय सुभाष बाथम ने पुलिस और ग्रामीणों से बदला लेने के लिए गांव के ही 26 बच्चों को दोपहर 3:30 बजे घर में बंधक बना लिया था। इन्हें सालभर की अपनी बेटी के जन्मदिन के बहाने घर बुलाया था। गांव वाले और पुलिस जब उन्हें छुड़ाने पहुंचे तो फायरिंग की, बम फेंका। इसमें कोतवाल समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। समझाने गए दोस्त को भी उसने गोली मार दी।

लखनऊ। फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव करथिया में 26 बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे सुभाष बाथम को पुलिस ने गुरुवार की रात मुठभेड़ में मार गिराया। इस आपरेशन में सारे बच्चे सकुशल निकाल लिए गए। हालांकि इस दौरान उग्र भीड़ ने आरोपी सुभाष की पत्नी रूबी को भी जमकर पीट दिया। गंभीर हालत में उसने लोहिया अस्पताल में शुक्रवार की दोपहर दम तोड़ दिया। फर्रुखाबाद में बरेली-इटावा हाईवे पर स्थित गांव करथिया में बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे को पुलिस ने नौ घंटे बाद मुठभेड़ में मार गिराया। रात करीब एक बजे बेसमेंट में बंधक सभी बच्चे सकुशल निकाल लिए गए। बच्चों को बंधक बनाने के बाद आरोपी सुभाष बाधम ने पुलिस टीम पर उसने हमला बोला। बम से उड़ाने की धमकी दी थी। जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया। भीड़ ने उसकी पत्नी रूबी को भी जमकर पीटा। घायल सुभाष बाथम की पत्नी रूबी को मरणासन्न की हालत में देर रात लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। इमरजेंसी डॉक्टर सर्वेश यादव ने बताया रूबी के गंभीर हेड इंजरी के अलावा शरीर पर तीन चोटें थीं। गंभीर हालत में सुबह छह बजे सैफई के लिए रेफर किया गया था, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि भीड़ के हाथों पिटाई से घायल महिला को बचाने का प्रयास किया गया। उसे फौरन इलाज के लिए भेजा गया, लेकिन अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम से साफ होगा कि महिला की मौत कैसे हुई है। यह था पूरा मामला अपने मौसा की हत्या में जिला अदालत से उम्रकैद की सजा पाए 40 वर्षीय सुभाष बाथम ने पुलिस और ग्रामीणों से बदला लेने के लिए गांव के ही 26 बच्चों को दोपहर 3:30 बजे घर में बंधक बना लिया था। इन्हें सालभर की अपनी बेटी के जन्मदिन के बहाने घर बुलाया था। गांव वाले और पुलिस जब उन्हें छुड़ाने पहुंचे तो फायरिंग की, बम फेंका। इसमें कोतवाल समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। समझाने गए दोस्त को भी उसने गोली मार दी।