फांसी के फैसले के बाद रेपिस्ट पवन की बहन का बयान…

लखनऊ। सड़क से लेकर संसद तक को हिला देने वाले निर्भया केस में कल सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की फांसी की सज़ा बरकरार रखी। इस फैसले के बाद से देश भर में खुशी का माहौल है। लोग इस मसले पर अपनी राय खुलकर सोशल मीडिया पर व्यक्त कर रहे है। इसी बीच फांसी का फैसला आने के बाद से दोषियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सजा-ए-मौत पाए पवन गुप्ता की बहन का कहना है कि इंसान से गलती हो जाती है, उसे दूसरा मौका मिलना चाहिए।




दिल्ली के आरके पुरम में रविदास शिविर की छोटी सी गलियों के बीच एक कमरे वाले घर में निर्भयाकांड के दोषी पवन गुप्ता का परिवार रहता है। जब कोर्ट का फैसला आया तब पवन गुप्ता के माता-पिता अदालत में मौजूद थे, जबकि उसकी छोटी बहन बोर्ड परीक्षा के चलते अपने घर पर ही थी। फैसला सुनते ही वह उल्टा सीधा बोलने लगी। कहने लगी ‘भारत में जो अपराध करता है और कोई भी गलती करता है तो उसे कम से कम उस गलती को सुधारने का एक मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन अदालत ने मेरे भाई को दूसरा मौका नहीं दिया है।’



Fasi Ke Faisle Ke Baad Rapist Pawan Ki Bahan Ka Bayan :

‘क्या वो सच में मेरे भाई को मार देंगे’ आंसू पोंछते हुए पवन की बहन ने पत्रकारों से बात की, ‘मैंने पिछले चार साल से अपने भाई को नहीं देखा। आज उसकी तस्वीर टीवी पर दिखी और वो (न्यूज चैनल) कह रहे हैं कि उसे फांसी पर लटका दिया जाएगा। मुझे तो लगता था कि ऐसा सिर्फ फिल्मों में ही होता है। क्या वो सच में मेरे भाई को मार देंगे और वो अब कभी घर नहीं आएगा?’

वहीं पवन की दादी का कहना है कि ‘फांसी की सज़ा न दी जाए भले ही कुछ और दिन जेल में रहे नहीं तो उसके मां-बाप मर जाएंगे।’

लखनऊ। सड़क से लेकर संसद तक को हिला देने वाले निर्भया केस में कल सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की फांसी की सज़ा बरकरार रखी। इस फैसले के बाद से देश भर में खुशी का माहौल है। लोग इस मसले पर अपनी राय खुलकर सोशल मीडिया पर व्यक्त कर रहे है। इसी बीच फांसी का फैसला आने के बाद से दोषियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सजा-ए-मौत पाए पवन गुप्ता की बहन का कहना है कि इंसान से गलती हो जाती है, उसे दूसरा मौका मिलना चाहिए। दिल्ली के आरके पुरम में रविदास शिविर की छोटी सी गलियों के बीच एक कमरे वाले घर में निर्भयाकांड के दोषी पवन गुप्ता का परिवार रहता है। जब कोर्ट का फैसला आया तब पवन गुप्ता के माता-पिता अदालत में मौजूद थे, जबकि उसकी छोटी बहन बोर्ड परीक्षा के चलते अपने घर पर ही थी। फैसला सुनते ही वह उल्टा सीधा बोलने लगी। कहने लगी 'भारत में जो अपराध करता है और कोई भी गलती करता है तो उसे कम से कम उस गलती को सुधारने का एक मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन अदालत ने मेरे भाई को दूसरा मौका नहीं दिया है।' 'क्या वो सच में मेरे भाई को मार देंगे' आंसू पोंछते हुए पवन की बहन ने पत्रकारों से बात की, 'मैंने पिछले चार साल से अपने भाई को नहीं देखा। आज उसकी तस्वीर टीवी पर दिखी और वो (न्यूज चैनल) कह रहे हैं कि उसे फांसी पर लटका दिया जाएगा। मुझे तो लगता था कि ऐसा सिर्फ फिल्मों में ही होता है। क्या वो सच में मेरे भाई को मार देंगे और वो अब कभी घर नहीं आएगा?'वहीं पवन की दादी का कहना है कि 'फांसी की सज़ा न दी जाए भले ही कुछ और दिन जेल में रहे नहीं तो उसके मां-बाप मर जाएंगे।'