FATF की पाकिस्तान को चेतावनी, फरवरी 2020 तक पूरा करे एक्शन प्लान, वर्ना होगी बड़ी कार्रवाई

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FATF की पाकिस्तान को चेतावनी, फरवरी 2020 तक पूरा करे एक्शन प्लान, वर्ना होगी बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को आखिरी चेतावनी दी है। एफएटीएफ ने कहा है कि पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक पूरी तरह से आतंकवादियों के खिलाफ अपनी पूर्ण कार्य योजना को पूरा करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता तो पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है। इसमें एफएटीएफ सदस्यों से पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंधों/लेन-देन पर विशेष ध्यान देने के लिए अपने वित्तीय संस्थानों को सलाह देने का आग्रह करना भी शामिल है।

Fatf Warns Pakistan Complete Action Plan By February 2020 Otherwise Big Action Will Be Taken :

एफएटीएफ के टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के 27 मानकों में से 22 पर पाकिस्तान खरा नहीं उतर पाया। इसके बाद एफएटीएफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान फरवरी 2020 तक एक्शन प्लान पूरा नहीं करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है।

36 देशों वाले एफएटीएफ चार्टर के मुताबिक किसी भी देश को ब्लैक लिस्ट न करने के लिए न्यूनतम तीन देशों के समर्थन की आवश्यकता होती है। पाकिस्तान फिलहाल ‘ग्रे लिस्ट’ (वॉच लिस्ट) में है और वह लगातार इससे बाहर आने की कोशिश में जुटा है। एफएटीएफ ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान ​को अक्टूबर तक का समय दिया था।

इससे पहले चीन, तुर्की और मलेशिया ने पाकिस्तान द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की थी। वहीं भारत ने ब्लैक लिस्ट करने की सिफारिश की थी। भारत का कहना था कि इसने हाफिज सईद को अपने फ्रीज खातों से धन निकालने की अनुमति दी है।

अभी ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान

एफएटीएफ ने सर्वसम्मति से तय किया है कि पाकिस्तान को अभी ग्रे लिस्ट में रखा जाएगा। एफएटीएफ ने कहा है कि पाकिस्तान आतंकी वित्त पोषण पर लगाम लगाने के लिए 27 में से केवल 5 कार्रवाई बिंदुओं पर ही काम कर पाया। एफएटीएफ का कहना है कि 27-प्वाइंट एक्शन प्लान के खराब प्रदर्शन के आधार पर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बनाए रखने पर सहमति हुई बनी है।

नई दिल्ली। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को आखिरी चेतावनी दी है। एफएटीएफ ने कहा है कि पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक पूरी तरह से आतंकवादियों के खिलाफ अपनी पूर्ण कार्य योजना को पूरा करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता तो पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है। इसमें एफएटीएफ सदस्यों से पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंधों/लेन-देन पर विशेष ध्यान देने के लिए अपने वित्तीय संस्थानों को सलाह देने का आग्रह करना भी शामिल है। एफएटीएफ के टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के 27 मानकों में से 22 पर पाकिस्तान खरा नहीं उतर पाया। इसके बाद एफएटीएफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान फरवरी 2020 तक एक्शन प्लान पूरा नहीं करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है। 36 देशों वाले एफएटीएफ चार्टर के मुताबिक किसी भी देश को ब्लैक लिस्ट न करने के लिए न्यूनतम तीन देशों के समर्थन की आवश्यकता होती है। पाकिस्तान फिलहाल 'ग्रे लिस्ट' (वॉच लिस्ट) में है और वह लगातार इससे बाहर आने की कोशिश में जुटा है। एफएटीएफ ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान ​को अक्टूबर तक का समय दिया था। इससे पहले चीन, तुर्की और मलेशिया ने पाकिस्तान द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की थी। वहीं भारत ने ब्लैक लिस्ट करने की सिफारिश की थी। भारत का कहना था कि इसने हाफिज सईद को अपने फ्रीज खातों से धन निकालने की अनुमति दी है। अभी ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान एफएटीएफ ने सर्वसम्मति से तय किया है कि पाकिस्तान को अभी ग्रे लिस्ट में रखा जाएगा। एफएटीएफ ने कहा है कि पाकिस्तान आतंकी वित्त पोषण पर लगाम लगाने के लिए 27 में से केवल 5 कार्रवाई बिंदुओं पर ही काम कर पाया। एफएटीएफ का कहना है कि 27-प्वाइंट एक्शन प्लान के खराब प्रदर्शन के आधार पर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बनाए रखने पर सहमति हुई बनी है।