नाबालिग बच्चियों के साथ गंदा काम करते थे बाप-बेटे, गिरफ्तार

हैदराबाद| नाबालिग बच्चियों की यौन प्रताड़ना का बड़ा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक व्यक्ति और उसके नाबालिग बेटे को पड़ोस की दो नाबालिग बच्चियों के साथ करीब एक वर्ष से यौन दुव्यर्वहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। कथित तौर पर इस घृणित अपराध में पीड़ित बच्चियों के माता-पिता ने भी आरोपियों का साथ दिया इसलिए पुलिस ने पीड़ित बच्चियों के माता-पिता को भी हिरासत में ले लिया है।




एक बच्ची आठ और दूसरी 10 वर्ष की है। पुलिस ने पीड़ित बच्चियों के 13 वर्षीय भाई और कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की। पुलिस को शक है कि यह किसी रैकेट का हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस को संदेह है कि हैदराबाद के दक्षिण में स्थित माइलारदेवपल्ली में रहने वाली पीड़ित बच्चियों के माता-पिता को अपने घर में चल रहे इस अपराध के बारे में जानकारी थी। पूरी घटना तब उजागर हुई जब पीड़ितों में से एक बच्ची ने शुक्रवार को स्कूल में पेट दर्द की शिकायत की, जिस पर उनके अध्यापक ने बाल अधिकारों के लिए कार्य करने वाले एक संगठन को इसकी सूचना दी।

पुलिस ने आरोपी 40 वर्षीय जफर और उसके नाबालिग बेटे के खिलाफ दुष्कर्म, डराने-धमकाने और यौन अपराध से बच्चों को संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कथित तौर पर जफर ने पहले पड़ोस में रहने वाली पीड़ित बच्चियों की मां से जान-पहचान बढ़ाई और उसके बाद मां की मदद से ही बच्चियों का यौन उत्पीड़न करने लगा। पीड़ित बच्चियों की मां एक निजी कंपनी में सुरक्षाकर्मी की नौकरी करती हैं और पिता एक फैक्ट्री में काम करते हैं। परिवार मूलत: उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और पिछले 16 वर्षो से यहां रह रहे हैं।

मामले में आरोपी जफर के एक मित्र, पीड़ित बच्चियों के नाबालिग भाई और उसके एक मित्र के भी संलिप्त होने का संदेह है। अधिकारियों ने पीड़ित बच्चियों को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा और बाद में उन्हें बाल पुनर्वास घर भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बच्चियां सदमे जैसी स्थिति में हैं। बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ‘बलाला हक्कुला संघम’ (बीएचएस) ने बताया कि बच्चियों के माता-पिता भी इस अपराध में शामिल थे। संगठन ने अधिकारियों से यह भी पता लगाने के लिए कहा कि क्या बच्चियां उनकी जैविक संतान हैं या नहीं। बीएचएस की अध्यक्ष अनुराधा राव ने संदेह जाहिर किया है कि यह बच्चों का सेक्स रैकेट चलाने वाला गिरोह हो सकता है और विस्तृत जांच के जरिए ही अपराध की तहों तक जाया जा सकता है।