शहीद जवान की मां ने रखा था बेटे के लिए व्रत, पिता बोले- अपने पौत्रों को भी सेना में भेजूंगा

बलिया। प्रदेश के पूर्वी छोर पर बसे बलिया जिले का एक और लाल सरहद पर देश की खातिर शहीद हो गया। जम्मू-कश्मीर के आरएसपुरा सेक्टर में तैनात बीएसएफ जवान बृजेंद्र बहादुर सिंह पाक सेना की गोलीबारी में बीती रात को शहीद हो गए। जिले के बांसडीह थाना कोतवाली क्षेत्र के नारायनपुर गांव में आधी रात को जब यह खबर पहुंची तो मातम पसर गया, पूरा इलाका गमगीन हो गया। शहीद के पिता ने अपने इकलौते बेटे को भले ही खो दिया है लेकिन उसके बाद भी उनका देश के लिए जज़्बा कम नहीं हुआ है।

शुक्रवार तड़के शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए आसपास के गांव वालों की भीड़ लग गई। लोग शहीद जवान के पिता को सांत्वना देने लगे लेकिन शहीद बृजेंद्र बहादुर सिंह के पिता अशोक सिंह बोले, “मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने देश की खातिर अपनी जान गंवाई। मेरा इकलौता बेटा था, भारत मां की रक्षा में वह शहीद हो गया। मैं उसके दोनों पुत्रों को भी देश सेवा में भेजूंगा।” शहीद के पिता की यह बात सुनकर भारत माता की जय के साथ पाकिस्तान मुर्दाबाद से पूरा गांव गूंज उठा।

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बता दें कि साल 2005 में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए बृजेंद्र की तैनाती जम्मू के अरनिया सेक्टर में बीएसएफ की 192वीं बटालियन में थी। मां-बाप के इकलौते पुत्र बृजेंद्र गुरुवार की रात को जिस समय पाक की ओर हो रही फायरिंग का जांबाजी से जवाब दे रहे थे,उस वक्त उनकी मां पुत्र के लंबी उम्र के लिए पूर्वांचल में मनाया जाने वाला जिउतिया व्रत की थी।

एक दिन पहले मां को फोन किया था पूछा ‘माँ कैसी हो’। मां ने जिउतिया व्रत की बात बताई तो बृजेंन्द्र ने बोला कि हम तो ड्यूटी पर हैं पता नही किधर से अटैक आ जाएगा। चंद सेकेंड की बात फोन कट गया। शहीद की पत्नी सुष्मिता का रो-रो कर बुरा हाल था। रोते हुए बोली कि ‘मेरा तो सब कुछ लूट गया’। बृजेंद्र के दो मासूम बेटों को समझ में नहीं आ रहा था क्या हो गया।

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