केजीएमयू चाइल्ड वार्ड में हंगामा, बेटे की मृत्यु की आशंका पर डॉक्टरों से भिड़ा पिता

लखनऊ। केजीएमयू के बाल रोग विभाग के पीसीयू वार्ड में रविवार को वार्ड ब्वॉय की चूक से आॅक्सीजन सप्लाई बाधित होने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। लेकिन उस मौत पर हंगामा गुरुवार को उस समय हुआ, जब वार्ड में ही भर्ती एक रिजवान नाम के बच्चे के पिता ने अपने बच्चे की मौत की आशंका जाहिर करते हुए हंगामा काट दिया। पीसीयू में तैनात डॉक्टरों ने इस घटना की जानकारी सीएमएस के माध्यम से पुलिस को दे दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को वार्ड में आॅक्सीजन का सिलेंडर बदल रहे वार्ड ब्वॉय से दुर्भाग्यवश आॅक्सीजन सिलेंडर गिर गया। सिलेंडर के वजन के कारण सप्लाई नली खिंच गई और नोजल टूट गया। वार्ड ब्वॉय नोजल फटने से हड़बड़ा कर भाग खड़ा हुआ। सिलेंडर गिरने की आवाज और वार्ड ब्वॉय को भागता देख किसी ने सिलेंडर फंटने की बात कही। जिसके बाद वार्ड में मौजूद तीमारदार अपने बच्चों को लेकर भाग खड़े हुए। डूयूटी पर तैनात डॉक्टरों ने तीमारदारों को समझाने की कोशिश भी की लेकिन अफवाह के बीच कोई भी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुआ।

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इस दौरान एक बच्चे की मौत भी हो गई लेकिन जब डॉक्टरों ने मृत बच्चे के परिजनों को पूरी बात बताई तो उन्हें समझ आ गया कि गलती उनकी ही थी, क्योंकि वे कुछ घंटे पहले ही बच्चे को लेकर पीसीयू में पहुंचे थे और भगदड़ के बीच मरीज को लेकर भाग खड़े हुए।

वार्ड में रविवार को ड्यूटी पर रहे एक डॉक्टर की माने तो सिलेंडर फंटने की अफवाह के बीच उन्होंने वार्ड में भर्ती बच्चों के तीमारदारों से बातचीत कर वार्ड में वापस आने को कहा था। कुछ मरीज वापस आ गए लेकिन कुछ काफी समय तक बाहर ही रहे। नोजल टूटने से आॅक्सीजन सप्लाई कुछ देर के लिए वाधित हुई थी लेकिन वै​कल्पिक व्यवस्था से स्थिति नियंत्रित हो गई थी। कुछ बच्चों की हालत बिगड़ी भी लेकिन तत्काल प्रयासों से उन्हें दोबारा सामान्य स्थिति में लाया गया, जिनमें से अधिकांश अभी भी वार्ड में भर्ती हैं।

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इसी वार्ड में तैनात एक डॉक्टर ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि गुरुवार को हुआ हंगामा वार्ड में ही भर्ती एक बच्चे के परिजन द्वारा रचा गया। यह परिजन पेशे से पत्रकार हैं और वार्ड में अपने मरीज से मिलने के लिए बार—बार अपने कई—कई शुभचिंतकों के साथ आवाजाही कर रहे थे। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर द्वारा उन्हें पीसीयू के नियमों का हवाला देते हुए ऐसा न करने को कहा गया तो वह अपने पेशे का हवाला देकर ताव दिखाने लगे। गुरुवार को हुए वाकये में उन्हीं महाशय की भूमिका है, जिन्होंने रिजवान नाम के बच्चे के पिता को गुमराह कर हंगामा काटने के लिए प्रेरित किया।

डॉक्टरों ने इस बात को स्वीकार किया है कि रिजवान की हालत रविवार को हुई घटना के बाद बिगड़ी थी, लेकिन जल्द ही डाक्टरों ने उस पर नियंत्रण पा लिया था। अब वह रिकवर कर रहा है।

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