पिता के साथ समय बिताने वाले बच्चें होते हैं जीनियस

 नई दिल्ली। इस बात में तो कोई शक नहीं कि एक पिता का अपने बच्चों के साथ रिश्ता कितना अनमोल होता है, एक पिता ही अपने बच्चों को उंगली पकड़ा दुनियादारी की बातें बताता है। सामाजिक तौर पर भी देखा जाए तो बिन बाप के बच्चों को हिकारत भरी नज़रों से देखा जाता है। एक पिता का उनके बच्चों के जीवन पर कितना प्रभाव पड़ता है इस बात को मापने का वैसे तो कोई पैमाना नहीं है लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से भी देखा जाए तो एक बात हैरान करने वाली है कि वे बच्चे जो अपने पिता के साथ अपना टाइम ज़्यादा स्पेंट करते हुए उनका आई क्यू लेवल अन्य बच्चो की तुलना ने स्ट्रॉंग होता है।

वक़्त बिताना है ज़रूरी —

{ यह भी पढ़ें:- क्या आप जानते हैं अपने बच्चे के मन की बात }

हाल ही में इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन में हुए एक अध्ययन की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया कि पिता का बच्चे की कम उम्र से ही साथ रहना व खेलना बच्चे कि बुद्धी पर एक सकारात्मक असर छोड़ता है। अध्ययन में ये भी पता चला कि शांत, संवेदनशील और कम चिंता करने वाले स्वाभाव के लोगों के बच्चे बुद्धिमान यंगस्टर्स बनते हैं। पिता का बच्चे के साथ बचपन से ही घुलना-मिलना बच्चे की क्षमताओं को उभारता है।

शोधकर्ता कहते हैं कि —

{ यह भी पढ़ें:- 'प्रदूषण से हर साल हो रही 17 लाख बच्चो की मौत' }

इम्पीरियल कॉलेज के शोधकर्ताओं ने 128 पिताओं और बच्चों पर एक शोध किया। इस शोध के दौरान उन्होंने 3 महीने तक के बच्चों के उनके पिता के साथ खेलते वक्त के वीडियो बनाये और इसके 2 साल के बाद बच्चे के ‘मेंटल डेवेलपमेंट इंडेक्स’ का टेस्ट लिया, जैसे कि रंगों या आकारों को पहचानना। शोध में उन बच्चों को ज्यादा समझदार और बुद्धिमान पाया गया, जिनके पिता बचपन से ही उनके साथ खेलते या वक्त गुजारते आये हैं।

किंग कॉलेज लंदन की शोधकर्ता वहेश्ता सेठना ने बताया कि ‘इस शोध से हमने ये जाना कि‘रीडिंग एक्टिविटी’ और पिता का अपने बच्चे के साथ रहना बच्चे के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना कि मां का।

 

{ यह भी पढ़ें:- फेस्टिव सीज़न में अपने बच्चों को दें कुछ ऐसा लुक }