भारत में FDI 2019-20 में 13 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 50 अरब डॉलर के करीब

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भारत में FDI 2019-20 में 13 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 50 अरब डॉलर के करीब

पिछले वित्त वर्ष यानी 2019-20 में भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं थी. जीडीपी ग्रोथ सुस्त होकर करीब 5 फीसदी पहुंच गई. इसके बावजूद देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 13 फीसदी बढ़कर 49.97 अरब डॉलर हो गया.

Fdi In India Increases By 13 Percent To A Record 50 Billion In 2019 20 :

गौरतलब है कि इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में देश को कुल 44.36 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ था. उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान देश के सर्विस सेक्टर में 7.85 अरब डॉलर का निवेश आया.

सरकार ने बनाए हैं नियम सख्त

भारत सरकार ने हाल में एफडीआई नियमों में बदलाव करते हुए कहा था कि भारत के साथ जमीन सीमा साझा करने वाले देशों की किसी भी कंपनी या व्यक्ति को भारत में किसी भी सेक्टर में निवेश से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी. इस फैसले से चीन जैसे देशों से होने वाले विदेशी निवेश पर असर पड़ेगा.

किस क्षेत्र में कितना निवेश

आंकड़ों के मुताबिक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर क्षेत्र में 7.67 अरब डॉलर, दूरसंचार क्षेत्र ने 4.44 अरब डॉलर, व्यापार क्षेत्र में 4.57 अरब डॉलर, वाहन क्षेत्र में 2.82 अरब डॉलर, निर्माण क्षेत्र में 2 अरब डॉलर और रसायन क्षेत्र में 1 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया.

सबसे ज्यादा एफडीआई इस देश से

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस दौरान सबसे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) सिंगापुर से 14.67 अरब डॉलर का हासिल हुआ. इसके बाद मॉरिशस से 8.24 अरब डॉलर, नीदरलैंड से 6.5 अरब डॉलर, अमेरिका से 4.22 अरब डॉलर, केमेन द्वीप से 3.7 अरब डॉलर, जापान से 3.22 अरब डॉलर और फ्रांस से 1.89 अरब डॉलर का एफडीआई आया.

पिछले वित्त वर्ष यानी 2019-20 में भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं थी. जीडीपी ग्रोथ सुस्त होकर करीब 5 फीसदी पहुंच गई. इसके बावजूद देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 13 फीसदी बढ़कर 49.97 अरब डॉलर हो गया. गौरतलब है कि इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में देश को कुल 44.36 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ था. उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान देश के सर्विस सेक्टर में 7.85 अरब डॉलर का निवेश आया. सरकार ने बनाए हैं नियम सख्त भारत सरकार ने हाल में एफडीआई नियमों में बदलाव करते हुए कहा था कि भारत के साथ जमीन सीमा साझा करने वाले देशों की किसी भी कंपनी या व्यक्ति को भारत में किसी भी सेक्टर में निवेश से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी. इस फैसले से चीन जैसे देशों से होने वाले विदेशी निवेश पर असर पड़ेगा. किस क्षेत्र में कितना निवेश आंकड़ों के मुताबिक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर क्षेत्र में 7.67 अरब डॉलर, दूरसंचार क्षेत्र ने 4.44 अरब डॉलर, व्यापार क्षेत्र में 4.57 अरब डॉलर, वाहन क्षेत्र में 2.82 अरब डॉलर, निर्माण क्षेत्र में 2 अरब डॉलर और रसायन क्षेत्र में 1 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया. सबसे ज्यादा एफडीआई इस देश से न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस दौरान सबसे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) सिंगापुर से 14.67 अरब डॉलर का हासिल हुआ. इसके बाद मॉरिशस से 8.24 अरब डॉलर, नीदरलैंड से 6.5 अरब डॉलर, अमेरिका से 4.22 अरब डॉलर, केमेन द्वीप से 3.7 अरब डॉलर, जापान से 3.22 अरब डॉलर और फ्रांस से 1.89 अरब डॉलर का एफडीआई आया.