खेल फिर से शुरू होगा तो डर, संदेह और संकोच बरकरार रहेगा: राहुल द्रविड़

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खेल फिर से शुरू होगा तो डर, संदेह और संकोच बरकरार रहेगा: राहुल द्रविड़

दिग्गज भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद जब खेल दोबारा शुरू होगा तो खिलाड़ियों के मन में ‘‘संदेह, संकोच और भय की भावना’’ बनीं रहेगी. कोरोना वायरस महामारी के कारण टोक्यो ओलंपिक सहित दुनियाभर में कई बड़ी खेल प्रतियोगिताओं को रद्द या स्थगित कर दिया गया है.

Fear Doubt And Hesitance Will Remain If The Game Resumes Rahul Dravid :

द्रविड़ ने रविवार को कहा, ‘‘ खेल शुरू होने के बाद कुछ समय के लिए खिलाड़ियों के मन में संदेह या भय हो सकता है. मुझे यकीन है कि जब फिर से खेल शुरू होगा तो निश्चित तौर पर हिचकिचाहट होगी.’’ तकनीकी रूप से इस खेल के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में शामिल रहे द्रविड़ ने कहा, ‘‘ व्यक्तिगत रूप से मुझे नहीं लगता कि यह बड़ी ज्यादा परेशानी होगी . मुझे नहीं लगता है कि एक बार शीर्ष खिलाड़ी जब मैदान पर उस चीज के लिए उतरेंगे जिससे वह प्यार करते है तो उन्हें परेशानी होगी.’’

द्रविड़ ने फेसबुक लाईव पर ‘स्टेइंग अहेड ऑफ कर्व – द पावर ऑफ ट्रस्ट’ विषय पर चर्चा के दौरान कहा, ‘‘बहुत से खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती यह होगी कि जब वे दो या तीन महीनें तक नहीं खेलेंगे तो अपने शरीर पर विश्वास रखेंगे की नहीं.’’

इस सत्र में उनके साथ ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और बैडमिंटन के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण भी मौजूद थे. द्रविड़ ने कहा कि शीर्ष स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करने से पहले खिलाड़ियों को फिटनेस हासिल करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘ फिर से मैच फिटनेस, खेल के लिए जरूरी फिटनेस के लिए थोड़ा समय चाहिए होगा. फिटनेस हासिल करने के बाद ही खिलाड़ी आत्मविश्वास से खुद पर भरोसा कर सकते हैं.’’

दिग्गज भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद जब खेल दोबारा शुरू होगा तो खिलाड़ियों के मन में ‘‘संदेह, संकोच और भय की भावना’’ बनीं रहेगी. कोरोना वायरस महामारी के कारण टोक्यो ओलंपिक सहित दुनियाभर में कई बड़ी खेल प्रतियोगिताओं को रद्द या स्थगित कर दिया गया है. द्रविड़ ने रविवार को कहा, ‘‘ खेल शुरू होने के बाद कुछ समय के लिए खिलाड़ियों के मन में संदेह या भय हो सकता है. मुझे यकीन है कि जब फिर से खेल शुरू होगा तो निश्चित तौर पर हिचकिचाहट होगी.’’ तकनीकी रूप से इस खेल के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में शामिल रहे द्रविड़ ने कहा, ‘‘ व्यक्तिगत रूप से मुझे नहीं लगता कि यह बड़ी ज्यादा परेशानी होगी . मुझे नहीं लगता है कि एक बार शीर्ष खिलाड़ी जब मैदान पर उस चीज के लिए उतरेंगे जिससे वह प्यार करते है तो उन्हें परेशानी होगी.’’ द्रविड़ ने फेसबुक लाईव पर ‘स्टेइंग अहेड ऑफ कर्व - द पावर ऑफ ट्रस्ट’ विषय पर चर्चा के दौरान कहा, ‘‘बहुत से खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती यह होगी कि जब वे दो या तीन महीनें तक नहीं खेलेंगे तो अपने शरीर पर विश्वास रखेंगे की नहीं.’’ इस सत्र में उनके साथ ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और बैडमिंटन के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण भी मौजूद थे. द्रविड़ ने कहा कि शीर्ष स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करने से पहले खिलाड़ियों को फिटनेस हासिल करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘ फिर से मैच फिटनेस, खेल के लिए जरूरी फिटनेस के लिए थोड़ा समय चाहिए होगा. फिटनेस हासिल करने के बाद ही खिलाड़ी आत्मविश्वास से खुद पर भरोसा कर सकते हैं.’’