दहशत: दिल्ली के कई स्कूलों में छुट्टी, अभिवावकों ने बच्चों को घर बैठाया

दहशत, पद्मावत
दहशत: दिल्ली के कई स्कूलों में छुट्टी, अभिवावकों ने बच्चों को घर बैठाया
नई दिल्ली। विवादित फिल्म पद्मावत को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो चले हैं। बुधवार को दिल्ली के जीडी गोयनका स्कूल की बस पर हिसंक विरोध प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए हमले से दहशत फैल गई है। कई स्कूलों ने गुरुवार को फिल्म की रिलीज को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए छुट्टी कर दी है। स्कूल मालिकों में जहां डर की भावना घर कर गई है वहीं अभिवावकों भी बुधवार की घटना…

नई दिल्ली। विवादित फिल्म पद्मावत को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो चले हैं। बुधवार को दिल्ली के जीडी गोयनका स्कूल की बस पर हिसंक विरोध प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए हमले से दहशत फैल गई है। कई स्कूलों ने गुरुवार को फिल्म की रिलीज को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए छुट्टी कर दी है। स्कूल मालिकों में जहां डर की भावना घर कर गई है वहीं अभिवावकों भी बुधवार की घटना के बाद से दहशत में हैं। कई अभिवावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का फैसला किया है।

बुधवार को स्कूल बस पर हुए हमले की चारों ओर आलोचना हो रही है। फिल्म के विरोध के नाम पर स्कूली बच्चों को निशाना बनाया जाने पर फिल्म पद्मावत के विरोध का नेतृत्व कर रही करणी सेना ने इस घटना से अपना पल्ला झाड़ लिया है। हालांकि इस घटना को लेकर करणी सेना के प्रवक्ता समाचार चैनलों पर अपनी छाती ठोंककर ऐसे प्रदर्शनों की अप्रत्यक्ष जिम्मेदारी लेकर आसामजिक कृत्यों को राजपूताना अस्मिता के लिए जरूरी बताने से नहीं चूके।

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वहीं हमले का शिकार हुई गुरुग्राम के जीडी गोयनका स्कूल के प्रशासन ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया है कि बुधवार को हुई घटना बेहद परेशान करने वाली थी। जिस तरह की स्थिति में कल स्कूल बस को निशाना बनाया गया उसे ध्यान में रखते हुए स्कूल बसों को पूरे सुरक्षा प्रबंध के साथ निकाला गया। बसें नियमित रूटों से नहीं भेजकर सुरक्षित रास्तों से भेजी गईं और बच्चों को उनके घर तक पहुंचाया गया। स्कूल प्रशासन का मानना है कि बस के ड्राइवर और बस में मौजूद स्कूल स्टॉफ ने बड़ी समझदारी के साथ बच्चों को सुरक्षित जह पर पहुंचाया गया।

अगर गुरुवार की बात की जाए तो फिल्म की रिलीज के साथ ​दर्शक फिल्म को देखने पहुंचे। हालांकि पहले शोज में दर्शकों की संख्या बेहद कम दिखी। कहीं कहीं प्रदर्शनकारियों को देखते हुए सिनेमाघर मालिकों ने ​शो नहीं भी चलाया। जहां चला भी वहां 90 फीसदी कुर्सियां खाली रहीं।

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सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही दहशत —

फिल्म पद्मावत के विरोधी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को फिल्म न देखने की चेतावनी दे रहे हैं। चेतावनी देने वालों ने लोगों को अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखकर फिल्म देखने को कहा है। बुधवार से ही अलग अलग संगठनों ने म​ल्टीपिलेक्श और ​सिंगल स्क्रीन सिनेमा घरों में जाकर छुटपुट तोड़ फोड़ करते हुए शो न चलाने की चेतावनी दी। जिनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर कर लोगों में फिल्म देखने को लेकर दहशत पैदा करवाई जा रही है।

बिहार, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली में कई जगह सुबह से ही फिल्म के विरोध में प्रदर्शन देखने को मिले। कई मल्टीप्लेक्स बंद रहे और कई ने फिल्म को पहले दिन रिलीज नहीं किया। जो दर्शक फिल्म देखने पहुंचे भी उन्हें पहले से चल रही फिल्में ही देखनी पड़ी या फिर निराश होकर लौटना पड़ा।

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