SIT का दावा: सहारा की ‘कथित’ डायरी के पन्ने हो सकते हैं मनगढ़ंत

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के पीएम नरेंद्र मोदी पर करप्शन के आरोपों का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सहारा कंपनी की कथित डायरी में मौजूद नामों को लेकर अब सियासत और तेज हो गयी है। बताया यह भी जा रहा है कि इस कथित डायरी में 18 राजनैतिक दलों के नेताओं के नाम व पैसे लेन-देन का जिक्र है। हालांकि एसआईटी टीम इस बात का भी दावा कर रही है कि डायरी में कुछ इंट्रीज़ मनगढ़ंत भी हो सकती हैं। बता दें कि बुधवार को गुजरात में एक आम सभा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि मोदी जी को छह महीने के अंदर सहारा कंपनी ने 9 बार पैसे दिये हैं।




एक अखबार में इस बात का दावा किया गया है कि डायरी के दो पन्नों में कुल 54 नाम दर्ज हैं, जिनमें भाजपा,कांग्रेस समेत जेडीयू, आरजेडी, सपा, एनसीपी, जेएमएम, जेवीएम, टीएमसी, बीजेडी, बीकेयू, शिव सेना और एलजेपी के नेताओं के नाम शामिल हैं। डायरी में 10 महीने की कुल रकम को जोड़कर तकरीबन 100 करोड़ का फंड शामिल है। वहीं एसआईटी आफ़िशियल्स इस बात का दावा कर रहे हैं कि डायरी के कुछ पन्ने व इंट्रीज़ नकली भी हो सकती हैं।




प्रशांत भूषण ने दाखिल की थी पिटीशन–

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने एक पिटीशन दाखिल की थी। जिसमें उन्होंने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से अक्टूबर 2013 में आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनीज और नवंबर 2014 में सहारा इंडिया ग्रुप पर डाली गई रेड को गुप्त रखने का आरोप लगाया था और बरामद फाइलों की जांच की मांग की थी।




इस मामले में 25 अक्टूबर 2016 को भूषण ने अपनी शिकायत सभी जांच एजेंसियों और काले धन पर दो रिटायर्ड जजों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम को भेजी थी। इस पूरे मामले पर एसआईटी ने जवाब देते हुए कहा था कि सहारा पर पड़ी रेड को इंफार्म कर दिया गया था, वहां पर जब्त किए गए कुछ कागज नकली भी हो सकते हैं।