फीफा ने रद्द की पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन की मान्यता

नई दिल्ली। इंटरनैशनल फेडरेशन ऑफ असोसिएशन फुटबॉल (फीफा) ने पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन (पीएफएफ) की मान्यता रद्द कर दी है। फीफा ने थर्ड पार्टी के हस्तक्षेप के कारण यह निर्णय लिया है। 10 अक्टूबर 2017 को ब्यूरो ऑफ फीफा काउंसिल के निर्णय के अनुसार पीएफएफ को तत्काल प्रभाव के साथ निलंबित कर दिया।

Fifa Suspends Pakistan Football Federation :

फिफा ने पाने जारी बयान में कहा गया है, “पीएफएफ का निलंबन तभी वापस लिया जाएगा, जब पीएफएफ के कार्यालय और उसके खाते उसे वापस लौटा दिए जाएंगे। इस निलंबन के बाद, फीफा संविधान के अनुच्छेद 13 में दी गई व्यवस्था के अनुसार पीएफएफ के सभी सदस्यता अधिकार समाप्त हो गए हैं। पीएफएफ के प्रतिनिधि और क्लब की टीमें निलंबन वापस होने तक किसी भी प्रकार की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इस निलंबन के कारण पीएफएफ और इसके सदस्य या अधिकारी फीफा या एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) की ओर से चलाए जाने वाले किसी भी विकास कार्यक्रम, पाठ्यक्रम या प्रशिक्षण से लाभ नहीं ले पाएंगे।

बता दें कि ब्यूरो ऑफ फीफा काउंसिल ने इस निर्णय को इस तथ्य के रूप में लिया कि पीएफएफ कार्यालयों और उसके खाते कोर्ट द्वारा अप्वांइट किए गए एडमिनिस्ट्रेटर के कंट्रोल में रहते हैं। इसके निलंबन के बाद फीफा के नियमों के मुताबिक पीएफएफ अपने सभी सदस्यता अधिकार खो देता है। पीएफएफ के प्रतिनिधियों और क्लब की टीमों को अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अधिकार नहीं है, जब तक कि निलंबन रद्द नहीं हो जाता।

नई दिल्ली। इंटरनैशनल फेडरेशन ऑफ असोसिएशन फुटबॉल (फीफा) ने पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन (पीएफएफ) की मान्यता रद्द कर दी है। फीफा ने थर्ड पार्टी के हस्तक्षेप के कारण यह निर्णय लिया है। 10 अक्टूबर 2017 को ब्यूरो ऑफ फीफा काउंसिल के निर्णय के अनुसार पीएफएफ को तत्काल प्रभाव के साथ निलंबित कर दिया। फिफा ने पाने जारी बयान में कहा गया है, "पीएफएफ का निलंबन तभी वापस लिया जाएगा, जब पीएफएफ के कार्यालय और उसके खाते उसे वापस लौटा दिए जाएंगे। इस निलंबन के बाद, फीफा संविधान के अनुच्छेद 13 में दी गई व्यवस्था के अनुसार पीएफएफ के सभी सदस्यता अधिकार समाप्त हो गए हैं। पीएफएफ के प्रतिनिधि और क्लब की टीमें निलंबन वापस होने तक किसी भी प्रकार की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इस निलंबन के कारण पीएफएफ और इसके सदस्य या अधिकारी फीफा या एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) की ओर से चलाए जाने वाले किसी भी विकास कार्यक्रम, पाठ्यक्रम या प्रशिक्षण से लाभ नहीं ले पाएंगे। बता दें कि ब्यूरो ऑफ फीफा काउंसिल ने इस निर्णय को इस तथ्य के रूप में लिया कि पीएफएफ कार्यालयों और उसके खाते कोर्ट द्वारा अप्वांइट किए गए एडमिनिस्ट्रेटर के कंट्रोल में रहते हैं। इसके निलंबन के बाद फीफा के नियमों के मुताबिक पीएफएफ अपने सभी सदस्यता अधिकार खो देता है। पीएफएफ के प्रतिनिधियों और क्लब की टीमों को अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अधिकार नहीं है, जब तक कि निलंबन रद्द नहीं हो जाता।