लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को शपथ लेने के बाद पुलिस महकमे को अपराधियों पर नकेल कसने के सख्त निर्देश दिये थे। योगी सरकार के छह महीने पूरे होने के बाद यूपी पुलिस ने कुछ आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 75 जिलों में पुलिस और बदमाशों की 420 मुठभेड़ हुई, जिनमें 15 अपराधी मारे गए। मुठभेड़ के दौरान 84 अपराधी व 88 पुलिस कर्मी भी घायल हुए। इस दौरान 1106 अपराधी पुलिस ने गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं चित्रकूट में डकैतों से मुठभेड़ के दौरान दरोगा जय प्रकाश शहीद हो गए।
आंकड़ों की मानें तो बदमाशों से सबसे ज्यादा पुलिस की मुठभेड़ पश्चिमी यूपी में हुई। सिर्फ मेरठ रेंज में 193 मुठभेड़ हुई, जिनमें 9 अपराधियों का पुलिस ने एनकाउंटर किया। राजधानी लखनऊ में हुई एक मुठभेड़ में भी इनामी बदमाश मारा गया।
बदमाशों व पुलिस के बीच पहली मुठभेड़ का सिलसिला 29 जुलाई को पश्चिमी यूपी के शामली से शुरू हुआ था। 29 जुलाई को शामली में पुलिस ने एनकाउंटर में 60 हजार के इनामी बदमाश डैनी और उसके साथी 12 हजार के इनामी बदमाश सरवन को मार गिराया था। बीते 16 अगस्त को मुजफ्फनगर में पुलिस ने एनकाउंटर में 50 हजार के इनामी बदमाश बुलंदशहर निवासी नितिन को दबोचा था। नितिन को गोली लगी थी, जबकि उसका साथी सोनू भागने में कामयाब हो गया था।

लखनऊ पुलिस ने किया एनकाउंटर-
15 हजार के इनामिया सुनील शर्मा को बीते 1 सितंबर को लखनऊ पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। हिस्ट्रीशीटर सुनील पेशी के दौरान लखनऊ कोर्ट से भाग निकला था। 27 अगस्त को लखनऊ के एक व्यापारी से 20 लाख की रंगदारी मांगने की शिकायत पर लखनऊ पुलिस एक्टिव हुई। शूटर सुनील की तलाश के लिये पुलिस की तीन टीमें लगाई गयी थीं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने शुक्रवार सुबह शूटर सुनील को घेर लिया। खुद को फंसता देख सुनील ने पिस्टल से फायर शुरू कर दी, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में शूटर सुनील मारा गया।

डकैती और गैंगरेप के आरोपी और 50 हजार के इनामिया डकैत उदयराज को लखनऊ पुलिस ने सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ में पकड़ा था। उदयराज पुलिस की गोली से घायल हो गया था जिसके बाद उसे जिंदा पकड़ कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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