अब तक इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल नहीं किया तो जरूर पढ़ें ये खबर

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वित्त वर्ष 2016-17 का आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 जुलाई (सोमवार) आखिरी तारीख है. इसमें किसी तरह की ढील देने का कोई प्रस्ताव नहीं है. आयकर विभाग ने यह जानकारी दी है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है. इसे बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है. विभाग के पास इलेक्ट्रॉनिक रूप में पहले ही 2 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं. विभाग ने करदाताओं से समय पर रिटर्न…

वित्त वर्ष 2016-17 का आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 जुलाई (सोमवार) आखिरी तारीख है. इसमें किसी तरह की ढील देने का कोई प्रस्ताव नहीं है. आयकर विभाग ने यह जानकारी दी है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है. इसे बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है. विभाग के पास इलेक्ट्रॉनिक रूप में पहले ही 2 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं. विभाग ने करदाताओं से समय पर रिटर्न दाखिल करने की अपील की है.’

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ई-फाइलिंग की वेबसाइट पर कुछ समस्याएं आने के बारे में अधिकारी ने कहा कि विभाग की इस वेबसाइट पर कोई बड़ी गड़बड़ नहीं देखी गई है, सिर्फ कुछ समय के लिए इस पर रखरखाव के चलते व्यवधान देखा गया था.

इस बीच आयकर विभाग ने आयकर मामलों की जांच के लिए केंद्रीयकृत प्रकोष्ठ स्थापित करने की तैयारी कर रहा है. इसका मकसद करदाता और कर अधिकारी के आमना-सामना की ज़रूरत कम करना है. इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश में भी मदद मिलेगी.

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ये प्रस्तावित प्रकोष्ठ केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र सीपीसी की तर्ज़ पर होगा. सीपीसी बेंगलुरु में है और ये आयकर रिटर्न की प्रोसेसिंग करता है. राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग करदाता तथा अधिकारियों के बीच आमने-सामने के संपर्क को कम करना चाहता है. इसी के मद्देनज़र विभाग की सीपीसी स्थापित करने की योजना है.

जब किसी मामले को आयकर कानून की धारा 143 :2: के तहत जांच के लिए चुना जाता है तो आकलन अधिकारी करदाता से कुछ अतिरिक्त दस्तावेज देने को कहते हैं जिससे ये पता लगाया जा सके कि कोई आय ऐसी तो नहीं है जो आकलन में नहीं आ पाई है.

अधिकारी ने बताया कि सीपीसी से भेजे गए ई-मेल पर आकलन अधिकारी का नाम नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ये विचार विमर्श के स्तर पर है. ये विभाग का आमने-सामने का संपर्क कम करने के प्रयास का हिस्सा है.

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अभी तक कर जांच वाले नोटिस पर कर अधिकारी का नाम और डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं. आयकर विभाग आमतौर पर कुल जमा आयकर रिटर्न में से एक प्रतिशत से कम का चयन जांच के लिए करता है.

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