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आखिरकार ‘पावर टेक’ कंपनी के मीटर लगाने पर लगी रोक, बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका!

By शिव मौर्या 
Updated Date

Finally The Power Tech Company Bans The Installation Of Meters Fear Of Large Scale Scam

लखनऊ। सौभाग्य योजना के तहत उपभोक्ताओं के यहां लगाए गए पावर टेक के मीटरों पर आखिरकार रोक लगा दी गयी। तमात शिकायतों के बाद ये फैसला लिया गया है। सूत्रों की माने तो इसकी खरीद फरोख्त से लेकर अब तक बड़ी धंधली की आशंका है। इसको लेकर भी शिकायत की गयी थी, जिसके बाद भी पावर टेक कंपनी पर अधिकारियों की मेहरबानी बनी रही। बता दें कि, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने पावर टेक कंपनी के बिजली मीटर लगाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

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निगम ने शिकायत मिलने पर मीटरों को तुरंत बदलने के भी निर्देश दिए हैं।बता दें कि सौभाग्य योजना के तहत लगने के लिए पावर टेक कंपनी से बड़ी संख्या में मीटर खरीदे थे। इन मीटरों में बड़ी तकनीकी कमियां और बड़े पैमाने पर रीडिंग व लोड जंपिंग की शिकायतें सामने आईं थीं। इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद ने जोर-शोर से उठाया था। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि स्मार्ट मीटर परियोजना लागू करने के पहले ‘यूजर एक्सेप्टेन्स टेस्ट’ (यूएटी) नहीं किया गया।

वहीं अभियंताओं ने मीटर की संचार प्रणाली का परीक्षण और 35 केवी स्पार्क टेस्ट नहीं किया था। इसी का नतीजा था कि जन्माष्टमी के दिन प्रदेश के तमाम हिस्सों में हजारों स्मार्ट मीटरों की बिजली गुल हो गई। यूएटी टेस्ट के लिए प्रबंध निदेशक मध्यांचल की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय कमेटी बनाई गयी है, जो जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि इसकी तमात शिकायतों की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। लेकिन किसी भी दोषी अभियंता पर न तो कार्रवाई नहीं हुई और न ही मीटर निर्माता कंपनी को ही ब्लैकलिस्ट किया गया।

करोड़ों रुपयों के खरीदे गए थे मीटर
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पिछले 3 वर्षों में प्रदेश में करीब 2000 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक मीटर व  500 करोड़ के करीब 12 लाख स्मार्ट मीटर व एमडीएम की खरीद की गई है। इसमें बड़े पैमाने पर घोटाला किए जाने की संभावना है।

सीबीआई जांच की मांग
उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सरकार से पिछले तीन वर्षों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीटर, प्रीपेड मीटर व स्मार्ट मीटर खरीद की हुई करीब 2500 करोड़ की खरीद की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उपभोक्ता परिषद ने सौभाग्य योजना में लगे अन्य कम्पनियों द्वारा लगाए गए मीटरों की तकनीकी जांच कराने और खराब मीटरों तत्काल उतरवाने की मांग की है।

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