जीएसटी दिवस पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जगाई टैक्स घटने की उम्मीद

नई दिल्ली। केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को गुड्स एंड सर्विस टैक्ट (जीएसटी-GST) के लागू होने की पहली वर्षगांठ यानी जीएसटी दिवस पर कहा कि जीएसटी से टैक्स जटिलता खत्म हुई है। 13 अलग अलग टैक्ट और 5 तरह के रिटर्न भरने से कारोबारियों को राहत मिली है, तो आम जरूरत की वस्तुएं सस्ती हुई हैं। कर संकलन में इजाफा हुआ है। जिससे टैक्स स्लैब घटाने की क्षमता पैदा हुई है।

Finance Minister Arun Jaitley Gives Hope Of Gst Slab Cut Down :

उन्होंने कहा कि भारत अब एक संगठित बाजार के रूप में उभरा है। कारोबारी लिहाज से राज्यों को संघीय व्यवस्था में लाने के लिए ही जीएसटी की रूप रेखा तैयार की गई थी। एक साल पहले तक देश का हर राज्य अपना टैक्स बसूलता था, जिसकी दर राज्य सरकारें निर्धारित करतीं थीं। कहीं कम तो कहीं ज्यादा। जनता को टैक्स पर भी टैक्स देना पड़ता था। मोदी सरकार के प्रयासों से यह जटिलता खत्म हुई है।

वित्त मंत्री ने बताया कि पहली साल में एडवांस में होने वाले टैक्स कलेक्शन से बसूले गए अप्रत्यक्ष कर में गत वर्ष के मुकाबले 21 फीसदी का इजाफा हुआ है।देश में इंस्पेक्टर राज खत्म हुआ है, चेक पोस्टों पर लगने वाली लंबी लाइनें खत्म हुयी हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने जीएसटी लागू करने के लिए अप्रत्यक्ष कर की दरों को बढ़ाए बिना ही, बल्कि कर दर को घटाने के बावजूद अधिक कर संकलन करने में कामयाबी पाई है। जिससे आने वाले समय में टैक्स स्लैब्स को कम करने में मदद मिलेगी।

आपको बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली किडनी की बीमारी के चलते लंबे समय से मीडिया से दूर थे। रविवार को करीब दो महीनों के बाद उन्होंने अपने सहयोगी पियूष गोयल के साथ मीडिया से बातचीत कर जीएसटी की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की जमकर पीठ थपथपाई।

नई दिल्ली। केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को गुड्स एंड सर्विस टैक्ट (जीएसटी-GST) के लागू होने की पहली वर्षगांठ यानी जीएसटी दिवस पर कहा कि जीएसटी से टैक्स जटिलता खत्म हुई है। 13 अलग अलग टैक्ट और 5 तरह के रिटर्न भरने से कारोबारियों को राहत मिली है, तो आम जरूरत की वस्तुएं सस्ती हुई हैं। कर संकलन में इजाफा हुआ है। जिससे टैक्स स्लैब घटाने की क्षमता पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि भारत अब एक संगठित बाजार के रूप में उभरा है। कारोबारी लिहाज से राज्यों को संघीय व्यवस्था में लाने के लिए ही जीएसटी की रूप रेखा तैयार की गई थी। एक साल पहले तक देश का हर राज्य अपना टैक्स बसूलता था, जिसकी दर राज्य सरकारें निर्धारित करतीं थीं। कहीं कम तो कहीं ज्यादा। जनता को टैक्स पर भी टैक्स देना पड़ता था। मोदी सरकार के प्रयासों से यह जटिलता खत्म हुई है। वित्त मंत्री ने बताया कि पहली साल में एडवांस में होने वाले टैक्स कलेक्शन से बसूले गए अप्रत्यक्ष कर में गत वर्ष के मुकाबले 21 फीसदी का इजाफा हुआ है।देश में इंस्पेक्टर राज खत्म हुआ है, चेक पोस्टों पर लगने वाली लंबी लाइनें खत्म हुयी हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने जीएसटी लागू करने के लिए अप्रत्यक्ष कर की दरों को बढ़ाए बिना ही, बल्कि कर दर को घटाने के बावजूद अधिक कर संकलन करने में कामयाबी पाई है। जिससे आने वाले समय में टैक्स स्लैब्स को कम करने में मदद मिलेगी। आपको बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली किडनी की बीमारी के चलते लंबे समय से मीडिया से दूर थे। रविवार को करीब दो महीनों के बाद उन्होंने अपने सहयोगी पियूष गोयल के साथ मीडिया से बातचीत कर जीएसटी की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की जमकर पीठ थपथपाई।