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बैंक डिफॉल्टर्स मामले पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया राहुल गांधी को जवाब

Finance Minister Nirmala Sitharaman Replies To Rahul Gandhi On Bank Defaulters Case

नई दिल्ली: 50 विलफुल डिफॉल्टर्स द्वारा लिए गए 68,700 करोड़ रुपये के कर्ज को बट्टे में डालने के बैंकों के फैसले की खबर सामने आने के बाद इसपर राजनीति तेज हो गयी है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसको लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और मोदी सरकार पर हमला बोला था, जिसके जवाब में वित्तमंत्री ने 13 ट्वीट करके राहुल गांधी और कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला पर पलटवार किया।

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निर्मला सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस देश को गुमराह कर रही है। उन्‍होंने राहुल गांधी और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे विषय से बाहर निकालकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर सनसनीखेज बनाने की कोशिश कर रही। निर्मला सीतारमण ने कहा, ”कांग्रेस के नेताओं ने जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले, खराब ऋण और राइट ऑफ यानी बट्टा खाता के मामले पर देश को गलत जानकारी दी।”

आंकड़ों के जरिये वित्त मंत्री ने बताया कि 2009-10 और 2013-14 के दौरान सरकारी बैंकों ने 1,45,226 करोड़ रुपये लोन को राइट ऑफ किया था। चुटकी लेते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि उम्मीद है राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सलाह ले ली होगी कि यह राइट ऑफ किस बारे में थी? एनपीए के लिए आरबीआई ने निर्धारित किये चार साल के प्रावधान चक्र यानी प्रोविजनल सायकल के हिसाब से नियम तय किये गए है। पूरी प्रक्रिया पूरा होने के बाद ही बैंक एनपीए को राइट ऑफ में डालते है। इस बीच वे कर्ज लेनदारों से वसूली के प्रयास जारी रखते है। किसी तरह का कर्ज माफ नहीं किया गया है।

कर्ज चुकाने की क्षमता रखने वाले कर्ज लेनदारों, फंड को दूसरे जगह गलत तरीके से भेज देना या इस्तेमाल करने वालों और बैंकों की अनुमति के बिना संपत्ति को खत्म करने वालों को चिन्हित कर जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले की सूची में डाला गया हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि जो विलफुल डिफॉल्टर्स ये वहीं हैं, जिन्होंने यूपीए के दौरान फोन बैंकिंग से लाभ उठाएं हैं। उन लोगों को लोन दिया गया, जिनका इतिहास कर्ज लौटाने का था ही नहीं। साल 2015 में सरकार ने सभी सरकारी बैंकों से कहा कि वे 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्जवालों की सूची बनाये जो जानबूझकर कर्ज नहीं लौटा रहे हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि नीरव मोदी मामले में 2387 करोड़ रुपये से अधिक चल और अचल संपत्ति को जब्त किया गया। जिसमें 1898 करोड़ रुपए अटैच और 489.75 करोड़ रुपये सीज किये गए। 961.47 करोड़ रुपये की विदेशी संपति जब्त किया गया। 53.45 करोड़ रुपये के मूल्य के मूल्यवान सामानों की नीलामी की गई और नीरव मोदी ब्रिटेन के जेल में है।

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मेहुल चोकसी मामले में 67.9 करोड़ रुपये की विदेशी संपति सहित 1936.95 करोड़ रुपये अटैच किए गए। 597.75 करोड़ रुपये सीज किया गया। रेड नोटिस जारी किया गया है। एंटीगुआ से प्रत्यर्पण के लिए निवेदन किया गया है। भगोड़ा अपराधी घोषित करने को लेकर सुनवाई चल रही है।

विजय माल्या मामले में 8040 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच किया गया है।1693 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की गई है। भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है।

वित्तमंत्री ने कहा कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार जो इन जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों पर नकेल कस रही है। 3515 एफआईआर दर्ज किए गए है। अबतक इन तीन मामलों में 18332 करोड़ रुपये जब्त किया गया है। वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस जब सत्ता में थी और जब विपक्ष में है तब कभी भी भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं खड़ी रही। हमेशा पक्षपात करती रही।

देश के सरकारी बैंकों ने 50 बड़े विलफुल डिफॉल्टर्स का 68607 करोड़ रुपये का कर्ज बट्टे खाते में डाल दिया, इसपर राहुल गांधी ने कहा था कि आरबीआई ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी सहित भाजपा के मित्रों के नाम बैंक चोरों की सूची में डाल दिया है।

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