पार्श्वनाथ बिल्डर ने आवंटियों के साथ किया धोखा, केस दर्ज

लखनऊ| पार्श्वनाथ बिल्डर के खिलाफ लखनऊ के विभूतिखंड थाने में आवंटियों के 160 करोड़ रुपये गबन करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है| आवंटियों का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों के उनके साथ धोखाधड़ी की है| आवंटियों का आरोप है कि 2006 में शुरू हुई ग्रुप हाउजिंग योजना के तहत आवंटियों को 542 फ़्लैट देने की बात कहकर 160 करोड़ रुपये जमा करा लिए गए| जो फ़्लैट की कीमत का 95 प्रतिशत है| इसके बाद भी कंपनी ने निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया| इस दौरान कुछ लोगों ने आवंटित फ़्लैट पर कब्ज़ा कर खुद अपने पैसे से फ़्लैट तैयार कराया| इस रकम को कंपनी ने लौटाने की वादा किया था लेकिन बाद में वह अपने वादे से मुकर गई|



आवंटी देवेश चंद्रा की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि पार्श्वनाथ बिल्डर ग्रुप ने विभूतिखंड में ग्रुप हाउसिंग के तहत अपार्टमेंट का निर्माण 2006 में शुरू किया था| हाईटेक सुविधाओं का वादा कर लोगों से निवेश कराया गया| तीन साल में निर्माण पूरा कर करीब कब्जा देने की शर्त पर करीब सभी फ्लैटों का आवंटियों से 95 फीसदी कीमत जमा कर ली गई, लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी आवंटियों को उनके मकान में कब्जा नहीं दिया गया| इस दौरान कुछ लोगों ने फ़्लैट पर कब्जा कर खुद ही अपने पास से फ़्लैट का निर्माण करा लिया| कंपनी की ओर से उन्हें यह पैसा वापस करने का वादा किया गया था लेकिन ऐसा हुआ नहीं|

शनिवार को आवंटी बातचीत करने बिल्डर के दफ्तर पहुंचे तो वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनसे मारपीट शुरू कर दी| ग्रुप के अफसर अब रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं| पीड़ितों के मुताबिक आवंटियों का कुल 160 करोड़ रुपये जमा हैं, जो बिल्डर गबन करना चाह रहा है| पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप जैन, मैनेजिंग डारेक्टर संजीव जैन, डायरेक्टर राजीव जैन सहित सात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है|



हालांकि यह केवल पहला मामला नहीं है| शहर के कई और बिल्डर्स ने लोगों से वादाखिलाफी की है| अंसल एपीआई, रोहतास बिल्डर्स, श्री इंफ्रा डेवलपर भी अपने आवंटियों से वादाखिलाफी कर चुके हैं|