सीएम केजरीवाल और उनके मंत्रियों पर दर्ज हो एफआईआर

arvind kejriwal
कोरोना संकट : दिल्ली सरकार इस माह भी कंस्ट्रक्शन मजदूरों को देगी 5000 रुपए भत्ता

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मुख्य सचिव व अन्य जिम्मेदार मंत्रियों व अधिकारियों के विरुद्ध एफ.आई.आर दर्ज किए जाने को लेकर उत्तरांचल विश्वविद्यालय उत्तराखंड में एलएल.एम के छात्र आकाश टंडन ने एफआईआर कराने की बात कही है। लखनऊ निवासी आकाश का कहना है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व स्वयं आप के मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समस्त भारत व उत्तर प्रदेश राज्य में लॉक डाउन घोषित किया गया था।

Fir Should Be Lodged Against Cm Kejriwal And His Ministers :

जिसका उल्लेख एपिडेमिक डिजीज एक्ट,1897 की धारा 3 में है, इसी अधिनियम मे उल्लेखित शक्तियों के अंतर्गत उक्त लॉक डाउन की घोषणा की गई थी एवं उक्त लॉक डाउन का अनुपालन न करने पर भारतीय दंड संहिता,1860 की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय होगा, ना अपितु इतना बल्कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005, भारतीय दंड संहिता,1860 में प्रावधानित है कि ऐसे कोई दिशानिर्देश यदि अपने शासकीय कर्तव्यो के अंतर्गत जारी किए गए हो तो प्रत्येक व्यक्ति निर्देशों को मानने के लिए बाध्य होगा।

दिनांक 27.03.2020 व 28.03.2020 को दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (DTC) की बसों द्वारा लाखो आदमी आनंद विहार – आईएसबीटी उत्तर प्रदेश सीमा पर बसों द्वारा लाकर छोड़ दिए गए उक्त अपार जनसमूह के कारण जो कि दिल्ली मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल महोदय के दिशा निर्देश के अनुसार उत्तर प्रदेश सीमा पर छोड़े गए।

ऐसी वैश्विक महामारी संकट के समय में श्री अरविंद केजरीवाल महोदय द्वारा माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों की खुली अवहेलना करते हुए ना अपितु जनसमूह को सीमा से प्रवेश करवाया बल्कि यह जानते हुए जानबूझकर उक्त कोरोनावायरस(COVID-19) कितना खतरनाक है कि जैसे ही उत्तर प्रदेश में उक्त लाखों लोग प्रवेश करेंगे शहर-शहर, गांव-गांव में उक्त कोरोनावायरस सभी उत्तर प्रदेश निवासियों में छोटे बच्चों में, बुजुर्गों में फैल जाएगा

यह जानते हुए भी कि ऐसा किए जाने के परिणाम क्या होंगे इसके उपरांत भी मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार वह उसके मंत्रियों, अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा जानबूझकर लापरवाही पूर्वक उक्त कृत्य किया गया है, और उक्त कोरोनावायरस जैसी बीमारी, महामारी को उत्तर प्रदेश राज्य में फैलाने की गंभीर साजिश अपने तुच्छ राजनीतिक हितों को साधने के लिए किया गया है।

जिसके समस्त साक्ष्य तमाम न्यूज़ चैनल के रिपोर्ट्स में उपलब्ध है, एवं अपनी दूषित मानसिकता से श्री अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री दिल्ली उनके मंत्रीगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण एक राय होकर अपार जनसमूह को उकसाते हुए दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (DTC) बसों द्वारा जानबूझकर यह जानते हुए कि यह बीमारी उत्तर प्रदेश राज्य में फैल जाएगी उक्त कृत्य किया गया है एवं दिशा निर्देशो का उल्लघन किया गया है।

 जिससे मेरे व मेरे परिवार को जीवन का संकट उत्पन्न हो गया है। अतः आपसे सादर निवेदन है की मुख्य आरोपी श्री अरविंद केजरीवाल उनके मातहत संबंधित मंत्रीगण व संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कठोर कार्यवाही करने का दिशा निर्देश देने की कृपा करें ताकि प्रार्थी का परिवार व उत्तर प्रदेश के निवासियों के परिवार की जान माल की सुरक्षा हो सके और निवासियों का जीवन की रक्षा हो सके।  

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मुख्य सचिव व अन्य जिम्मेदार मंत्रियों व अधिकारियों के विरुद्ध एफ.आई.आर दर्ज किए जाने को लेकर उत्तरांचल विश्वविद्यालय उत्तराखंड में एलएल.एम के छात्र आकाश टंडन ने एफआईआर कराने की बात कही है। लखनऊ निवासी आकाश का कहना है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व स्वयं आप के मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समस्त भारत व उत्तर प्रदेश राज्य में लॉक डाउन घोषित किया गया था। जिसका उल्लेख एपिडेमिक डिजीज एक्ट,1897 की धारा 3 में है, इसी अधिनियम मे उल्लेखित शक्तियों के अंतर्गत उक्त लॉक डाउन की घोषणा की गई थी एवं उक्त लॉक डाउन का अनुपालन न करने पर भारतीय दंड संहिता,1860 की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय होगा, ना अपितु इतना बल्कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005, भारतीय दंड संहिता,1860 में प्रावधानित है कि ऐसे कोई दिशानिर्देश यदि अपने शासकीय कर्तव्यो के अंतर्गत जारी किए गए हो तो प्रत्येक व्यक्ति निर्देशों को मानने के लिए बाध्य होगा। दिनांक 27.03.2020 व 28.03.2020 को दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (DTC) की बसों द्वारा लाखो आदमी आनंद विहार - आईएसबीटी उत्तर प्रदेश सीमा पर बसों द्वारा लाकर छोड़ दिए गए उक्त अपार जनसमूह के कारण जो कि दिल्ली मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल महोदय के दिशा निर्देश के अनुसार उत्तर प्रदेश सीमा पर छोड़े गए। ऐसी वैश्विक महामारी संकट के समय में श्री अरविंद केजरीवाल महोदय द्वारा माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों की खुली अवहेलना करते हुए ना अपितु जनसमूह को सीमा से प्रवेश करवाया बल्कि यह जानते हुए जानबूझकर उक्त कोरोनावायरस(COVID-19) कितना खतरनाक है कि जैसे ही उत्तर प्रदेश में उक्त लाखों लोग प्रवेश करेंगे शहर-शहर, गांव-गांव में उक्त कोरोनावायरस सभी उत्तर प्रदेश निवासियों में छोटे बच्चों में, बुजुर्गों में फैल जाएगा यह जानते हुए भी कि ऐसा किए जाने के परिणाम क्या होंगे इसके उपरांत भी मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार वह उसके मंत्रियों, अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा जानबूझकर लापरवाही पूर्वक उक्त कृत्य किया गया है, और उक्त कोरोनावायरस जैसी बीमारी, महामारी को उत्तर प्रदेश राज्य में फैलाने की गंभीर साजिश अपने तुच्छ राजनीतिक हितों को साधने के लिए किया गया है। जिसके समस्त साक्ष्य तमाम न्यूज़ चैनल के रिपोर्ट्स में उपलब्ध है, एवं अपनी दूषित मानसिकता से श्री अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री दिल्ली उनके मंत्रीगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण एक राय होकर अपार जनसमूह को उकसाते हुए दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (DTC) बसों द्वारा जानबूझकर यह जानते हुए कि यह बीमारी उत्तर प्रदेश राज्य में फैल जाएगी उक्त कृत्य किया गया है एवं दिशा निर्देशो का उल्लघन किया गया है।  जिससे मेरे व मेरे परिवार को जीवन का संकट उत्पन्न हो गया है। अतः आपसे सादर निवेदन है की मुख्य आरोपी श्री अरविंद केजरीवाल उनके मातहत संबंधित मंत्रीगण व संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कठोर कार्यवाही करने का दिशा निर्देश देने की कृपा करें ताकि प्रार्थी का परिवार व उत्तर प्रदेश के निवासियों के परिवार की जान माल की सुरक्षा हो सके और निवासियों का जीवन की रक्षा हो सके।