दिल्ली अग्निकांड: मौत सामने देख आखिरी बार भाई से की फोन पर बात

दिल्ली अग्निकांड: मौत सामने देख आखरी बार भाई से की फोन पर बात
दिल्ली अग्निकांड: मौत सामने देख आखरी बार भाई से की फोन पर बात

नई दिल्ली। दिल्ली की जिस फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड हुआ है उस फैक्ट्री में मुरादाबाद के भी लोग काम करते हैं। दिल्ली की बैग बनाने वाली इस फैक्ट्री में काम करने वाले मुरादाबाद के कुरी रवाना गांव के रहने वाले इकराम, इमरान, शहजाद और समीर नाम के इन चार लोगों का घटना के बाद कुछ पता नहीं हैं। इन चारों में से इमरान और इकराम को फैक्ट्री मालिक बताया जा रहा है।

Fire Breaks Out In Anaj Mandi Factory :

इमरान इकराम के भाई गुफरान ने बताया कि सुबह 3 बजे के करीब फोन आया तो बताया कि फैक्ट्री में आग लग गयी है हम लोग फंस गए हैं निकलने का रास्ता नहीं हैं। उसके बाद से कोई सम्पर्क नहीं हो पाया है घर के कई लोग दिल्ली पहुंच गए हैं उन्हें भी कोई जानकारी नहीं मिली है।

फैक्ट्री में काम करने वाले उसी गांव के शहजाद और समीर के परिजनों का कहना है कि फैक्ट्री में आग की सूचना इकराम और इमरान के घर से दी गयी ये लोग उन्हीं के यहां काम करते हैं। वहां क्या हुआ है उन्हें नहीं मालूम। शहजाद और समीर दोनों ही फैक्टरी में बैग बनाने के कारीगर हैं। घटना की सूचना के बाद से घरों का व पूरे गांव का माहौल बदल गया है सभी लोग इकट्ठा है और उन लोगों के घर के बाहर इकट्ठा हैं जो इस फ़ैक्ट्री में काम करते हैं और उनकी कोई सूचना नहीं है।

नई दिल्ली। दिल्ली की जिस फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड हुआ है उस फैक्ट्री में मुरादाबाद के भी लोग काम करते हैं। दिल्ली की बैग बनाने वाली इस फैक्ट्री में काम करने वाले मुरादाबाद के कुरी रवाना गांव के रहने वाले इकराम, इमरान, शहजाद और समीर नाम के इन चार लोगों का घटना के बाद कुछ पता नहीं हैं। इन चारों में से इमरान और इकराम को फैक्ट्री मालिक बताया जा रहा है। इमरान इकराम के भाई गुफरान ने बताया कि सुबह 3 बजे के करीब फोन आया तो बताया कि फैक्ट्री में आग लग गयी है हम लोग फंस गए हैं निकलने का रास्ता नहीं हैं। उसके बाद से कोई सम्पर्क नहीं हो पाया है घर के कई लोग दिल्ली पहुंच गए हैं उन्हें भी कोई जानकारी नहीं मिली है। फैक्ट्री में काम करने वाले उसी गांव के शहजाद और समीर के परिजनों का कहना है कि फैक्ट्री में आग की सूचना इकराम और इमरान के घर से दी गयी ये लोग उन्हीं के यहां काम करते हैं। वहां क्या हुआ है उन्हें नहीं मालूम। शहजाद और समीर दोनों ही फैक्टरी में बैग बनाने के कारीगर हैं। घटना की सूचना के बाद से घरों का व पूरे गांव का माहौल बदल गया है सभी लोग इकट्ठा है और उन लोगों के घर के बाहर इकट्ठा हैं जो इस फ़ैक्ट्री में काम करते हैं और उनकी कोई सूचना नहीं है।